जन समाचार मंच

मौके पर पहुँचीं CPI(M) की उम्मीदवार गार्गी,
चुनाव आयोग को लिखा पत्र

मतगणना से एक दिन पहले सड़क पर VVPAT के पर्चे बिखरे हुए मिले। ये पर्चे मध्यमग्राम विधानसभा क्षेत्र के नीलगंज सुभाषनगर इलाके में एक पेट्रोल पंप के पास पड़े थे। गौरतलब है कि ये पर्चे नोआपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के हैं।
मध्यमग्राम थाने के अंतर्गत बारासात 1 नंबर ब्लॉक के नीलगंज इलाके में ये VVPAT पर्चे पड़े हुए देखे गए। घटना की सूचना मिलते ही नोआपाड़ा केंद्र से CPI(M) की उम्मीदवार गार्गी चटर्जी मौके पर पहुँचीं। उन्होंने आरोप लगाया, "चुनाव आयोग ने जानबूझकर इस घटना को अंजाम दिया है। मैंने रिटर्निंग ऑफिसर को फोन किया था, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। ज़रूरत पड़ी तो हम वोट गणना रुकवा देंगे।"
गार्गी ने आगे यह भी दावा किया कि ज़्यादातर पर्चों पर CPI(M) को दिए गए वोट दिखाई दे रहे हैं।
मोहम्मद सलीम ने 'X' (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, “बज्र आठुनी - फस्का गेरो! (कड़ी सुरक्षा के बावजूद बड़ी लापरवाही)। नोआपाड़ा केंद्र की VVPAT पर्चियाँ मतगणना से पहले ही सड़क पर लुढ़क रही हैं। और हाँ, इनमें से ज़्यादातर गार्गी के 'हँसिया-हथौड़ा' के वोट हैं।”
सड़क पर VVPAT पर्चियाँ मिलने की इस घटना को लेकर CPI(M) ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि नोआपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में हुई यह घटना केवल लापरवाही नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में एक गंभीर अनियमितता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि EVM के साथ अवैध रूप से छेड़छाड़ की गई थी। यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि यह पूरा मामला सुनियोजित है।
CPI(M) ने माँग की है कि चुनाव आयोग स्पष्ट करे कि यह घटना कैसे हुई और इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों की पहचान की जाए।
अपलोडर: श्रेया जायसवाल
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अपलोडर: श्रेया जायसवाल • प्रकाशित: 03 मई 2026 • 2 मिनट पठन

सलीम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी असल में आरएसएस के इशारे पर दलाल की भूमिका निभाती आ रही है। दरअसल, इस राज्य से वामपंथी राजनीति के दायरे को सिकोड़ना ही आरएसएस का मुख्य उद्देश्य था। राज्य में आज भले ही तृणमूल कांग्रेस नहीं है, लेकिन वामपंथी आज भी मैदान में हैं और भविष्य में भी रहेंगे।
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

"जब आग लगती है, तो वह धर्म नहीं देखती, हिंदू-मुस्लिम का भेद किए बिना सभी के घरों को जलाकर खाक कर देती है। बीजेपी की बुलडोजर राजनीति के खतरे से भी कोई नहीं बचेगा। सभी इसके शिकार होंगे। इसलिए प्रतिरोध की लड़ाई में सभी लोगों को एकजुट होना होगा।"
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

हर उस व्यक्ति तक पहुँचना होगा जो मेहनतकश है, सताया हुआ है या प्रताड़ित है। भाजपा ने एसआईआर (SIR) के नाम पर एक बड़े वर्ग के लोगों से उनका मताधिकार छीन लिया है। इन सभी लोगों को एकजुट करना होगा। उनके मताधिकार सहित सभी नागरिक अधिकारों को वापस लाना होगा। जनता की रोटी-रोजी, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और पीने के पानी जैसी स्थानीय मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष करना होगा। भाजपा की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ एकता, भाईचारा और रोजगार के लिए लड़ना होगा। बुलडोजर राज के खिलाफ लाल झंडा पहले ही उठ खड़ा हुआ है। उन्होंने डर का माहौल बढ़ाया है, लेकिन हम चाहते हैं कि जनता का यह डर टूटे। अन्याय के खिलाफ खड़े होकर हक के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।
सीपीआई (एम)पश्चिम बंगाल के सचिव
14 जून 2026

केशव कुमार भट्टड़ • 13 अप्रैल 2026
श्रेया जायसवाल • 22 मई 2026

प्रश्न पूछना ही नागरिक का धर्म है- भारत का लोकतंत्र आज एक संधिकाल से गुजर रहा है। यदि सूचनाओं को छिपाकर जनता के जनादेश को बदलने का प्रयास किया जाता है, तो यह विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात होगा।
श्रेया जायसवाल • 19 अप्रैल 2026
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