विश्लेषण
फलता विधानसभा चुनाव पुनर्मतदान : बूथ-वाइज़ चुनावी रिपोर्ट और उसके निहितार्थ
फलता विधानसभा के पुनर्मतदान के नतीजे अभूतपूर्व हैं। कुल 285 बूथों का गणित इस प्रकार है:
| श्रेणी | बूथों की संख्या | राजनीतिक निहितार्थ |
| सीपीआई(एम) की बढ़त/जीत | 58 बूथ | वामपंथ का जमीनी स्तर पर मजबूत पुनरुत्थान। |
| भाजपा की बढ़त | 226 बूथ | दक्षिणपंथी ध्रुवीकरण अभी भी कई हिस्सों में मजबूत। |
| टाई (बराबरी) | 01 बूथ | सीपीआई(एम) और भाजपा के बीच सीधी और कांटे की टक्कर। |
| तृणमूल कांग्रेस (TMC) की जीत | 00 बूथ | सत्ताधारी दल का पूरी तरह से सफाया। |
राज्य
फलता में भाजपा की जीत, दूसरे स्थान पर माकपा; हाशिए के लोगों की लड़ाई पर सलीम का ज़ोर
"जिस तरह इस गर्मी में तृणमूल कांग्रेस बर्फ की तरह पिघल रही है, उसके विपरीत माकपा अपनी ताकत को मजबूत कर रही है। हम हाशिए के लोगों के साथ खड़े हैं और इस परिणाम में इसकी साफ झलक मिल रही है। हाशिए पर मौजूद लोग अब अपने आश्रय के रूप में माकपा को ही चुन रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस असल में आरएसएस (RSS) की ही एक मुखौटा या सजाई हुई टीम थी। उन्होंने गुंडागर्दी और मस्तानी के दम पर जो माहौल बनाया था, उसमें जनता अपनी राय नहीं दे पा रही थी। अगर लोगों को अपनी बात रखने का मौका मिले और हम लोकतंत्र को वापस ला सकें, तो लोकतंत्र की स्थापना के साथ-साथ वामपंथ का पुनरुत्थान भी निश्चित है; फलता के नतीजे यही साबित करते हैं।"
ब्लॉग
क्यूबा अकेला नहीं है: अमेरिकी साम्राज्यवाद की नई आक्रामकता की घोर निंदा
जनवरी 2026 में एपस्टीन फाइल्स के बड़े हिस्से सार्वजनिक किए गए, जिनमें ट्रंप का नाम भी शामिल था। घरेलू विरोध और नाकामियों के बीच ट्रंप प्रशासन बाहरी आक्रामकता के माध्यम से राष्ट्रवादी उन्माद फैलाकर अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रहा है। यह साम्राज्यवादी रणनीति का क्लासिक उदाहरण है। अब इसका प्रमुख लक्ष्य समाजवादी क्यूबा है। क्यूबा की जनता और उसका समाजवादी मॉडल साम्राज्यवाद के विरुद्ध अटूट प्रतिरोध का प्रतीक है। 20-22 घंटे बिजली कटौती झेलते हुए भी क्यूबा ने सिर नहीं झुकाया। विश्व के सभी प्रगतिशील, शोषित और न्यायप्रिय शक्तियाँ क्यूबा के साथ खड़ी हैं। भारतीय वामपंथी पार्टियाँ: सीपीआई(एम), सीपीआई, सीपीआई(एमएल) लिबरेशन, फॉरवर्ड ब्लॉक और आरएसपी ने संयुक्त बयान जारी कर अमेरिकी धमकियों की निंदा की। उन्होंने इसे “अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” बताया और भारत सरकार से क्यूबा के साथ एकजुटता व्यक्त करने की माँग की।
