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स्टेशन पर हाकरी बंद,चिंता में युवक ने की आत्महत्या

अपराजिता•11 जुलाई 20263 मिनट पठन8 बार पढ़ा गया

वर्तमान मुख्यमंत्री ने हॉकरों को हटाए जाने का विरोध किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद वे इसके विपरीत राह पर चल रहे हैं।

स्टेशन पर हाकरी बंद,चिंता में युवक ने की आत्महत्या

• शंकर घोषाल

बर्धमान•

पिछले एक महीने से कटवा स्टेशन पर दुकान लगा पाने के कारण कटवा के निवासी अपूर्व साहा (चाँद) गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। परिवार का अभाव, कर्ज का दबाव और भविष्य की अनिश्चितता की चिंता ने उन्हें घेर लिया था। आखिरकार, गुरुवार देर रात 31 वर्षीय इस रेल हॉकर ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

कटवा नगरपालिका के 14 नंबर वार्ड के पंचबटी मुहल्ले के निवासी अपूर्व गर्मी के मौसम में स्टेशन पर नींबू का शरबत और अन्य समय में हेडफोन, पर्स, चाबी की चेन जैसी विभिन्न सामग्रियां बेचकर अपना घर चलाते थे। बीमार माता-पिता की जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेकर उन्होंने एक माइक्रोफाइनेंस कंपनी से कर्ज लेकर कारोबार शुरू किया था। लेकिन स्टेशन पर हाकरी बंद हो जाने के कारण वे कर्ज की किस्त भी नहीं चुका पा रहे थे।

पश्चिम बंगाल रेल हॉकर्स यूनियन के राज्य अध्यक्ष और सीआईटीयू (CITU) नेता अलकेश दास ने इस घटना को 'रेलवे की अमानवीय बेदखली नीति का परिणाम' बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।

परिवार का दावा है कि हॉकरी बंद होने के बाद से ही अपूर्व मानसिक रूप से टूट चुके थे। लेनदारों का दबाव भी धीरे-धीरे बढ़ रहा था। लंबे समय तक काम न होने के कारण उन्हें चिंतित अवस्था में इधर-उधर घूमते देखा जाता था। गुरुवार रात उन्होंने आत्महत्या कर ली।

शुक्रवार सुबह जैसे ही उनकी मौत की खबर फैली, हॉकरों के बीच भारी आक्रोश पैदा हो गया। इसी दिन बर्धमान में रेलवे और स्ट्रीट हॉकरों के पूर्व-निर्धारित विरोध प्रदर्शन के दौरान जब अपूर्व की मौत की खबर पहुंची, तो विरोध और उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि रेलवे को कॉर्पोरेट हितों के लिए चलाया जा रहा है और आजीविका का अधिकार छीना जा रहा है। उन्होंने पुनर्वास के बिना हॉकरों को हटाने के खिलाफ आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया।

अपूर्व की मौत की खबर पाकर सीआईटीयू नेता सुजीत रॉय, बापी देब, कृष्ण मंडल सहित संगठन के प्रतिनिधियों ने उनके घर जाकर परिवार से मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की।

इस दिन सीआईटीयू से संबद्ध स्ट्रीट हॉकर्स यूनियन और रेल हॉकर्स यूनियन की पूर्व बर्धमान जिला समिति द्वारा कर्जन गेट पर एक विरोध सभा और जुलूस का आयोजन किया गया। खराब मौसम के बावजूद जिले के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में हॉकरों और श्रमिकों ने इसमें भाग लिया। बाद में जिला मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा गया।

सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पुनर्वास की कोई व्यवस्था किए बिना ही हॉकरों को हटाया जा रहा है, जो कि 2014 के स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए वर्तमान मुख्यमंत्री ने हॉकरों को हटाए जाने का विरोध किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद वे इसके विपरीत राह पर चल रहे हैं।

रेल हॉकर यूनियन के नेता विश्वजीत प्रमाणिक ने कहा "रेल हॉकर न केवल अपनी आजीविका कमाते हैं, बल्कि दैनिक यात्रियों को कम कीमत पर आवश्यक वस्तुएं भी उपलब्ध कराते हैं। दुर्घटना या संकट के समय भी सबसे पहले हॉकर ही मदद के लिए आगे आते हैं।" स्ट्रीट हॉकर्स यूनियन के जिला सचिव अभिजीत चक्रवर्ती ने पुनर्वास के बिना बेदखली को तुरंत रोकने की मांग करते हुए एक बड़े आंदोलन का आह्वान किया।

इस प्रतिवेदन कार्यक्रम में मुख्य रूप से दीपंकर दे, अभिजीत चक्रवर्ती, विश्वजीत प्रमाणिक और सौमेन बंद्योपाध्याय आदि शामिल थे।

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साभार:बांग्ला दैनिक गणशक्ति

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स्टेशन पर हाकरी बंद,चिंता में युवक ने की आत्महत्या

प्रकाशित: 11 जुलाई 2026 • 3 मिनट पठन

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