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एकजुट प्रतिरोध के आगे झुका रेलवे, बेदखली अभियान स्थगित

श्रेया जायसवाल•21 मई 20264 मिनट पठन76 बार पढ़ा गया
" हॉकर्स के इस उत्पीड़न के लिए पूर्व रेल मंत्री ममता बनर्जी जिम्मेदार हैं। जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तब उन्होंने हॉकरों के लाइसेंस के मुद्दे को चर्चा में रखा था। लेकिन बाद में जब ममता बनर्जी रेल मंत्री बनीं, तो उन्होंने हॉकरों को लाइसेंस देने के मुद्दे को कोई महत्व नहीं दिया। "
एकजुट प्रतिरोध के आगे झुका रेलवे, बेदखली अभियान स्थगित

एकजुट प्रतिरोध के आगे

झुका रेलवे,

बेदखली अभियान स्थगित

पूरी तैयारी और कमर कसने के बाद भी रेलवे पुलिस कल्याणी स्टेशन पर रेलवे हॉकरों को नहीं हटा सकी। बुधवार को कल्याणी स्टेशन मैनेजर के नेतृत्व में पाँच दर्जन रेल पुलिसकर्मी पूरी तैयारी के साथ उतरे थे। उनके साथ रेलवे के कई अधिकारी भी मौजूद थे। लेकिन हॉकरों के एकजुट प्रतिरोध के कारण रेलवे पुलिस को पीछे हटना पड़ा। ऐसी ही घटना मंगलवार को बिराटी स्टेशन पर भी घटी, जहाँ कड़े विरोध के कारण रेलवे पुलिस को हॉकरों को हटाने के कदम से पीछे हटना पड़ा। रेलवे पुलिस की ओर से बेदखली का नोटिस पहले ही दे दिया गया था। सुबह से ही सीआईटीयू (CITU) उत्तर 24 परगना जिला रेल हॉकर्स यूनियन के आह्वान पर लगभग एक हजार से अधिक हॉकर बिराटी रेलवे स्टेशन पर इकट्ठा हुए और स्टेशन मास्टर के कमरे के सामने विरोध प्रदर्शन किया। हॉकरों के कड़े प्रतिरोध के आगे रेलवे पुलिस को कदम पीछे खींचने पड़े।

इस दिन कल्याणी में भी जैसे ही खबर मिली, कल्याणी स्टेशन के सभी संगठनों के रेल हॉकर एक साथ आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर पूर्व सांसद और पश्चिम बंगाल रेलवे हॉकर्स यूनियन के राज्य अध्यक्ष अलकेश दास, हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में सीपीआई (एम) के उम्मीदवार सबुज दास, सीआईटीयू नेता असीम दे, राजू दास आदि पहुंचे। कल्याणी स्टेशन मैनेजर ने रेल हॉकरों से कहा कि वे आर पी एफ की मदद से उसी दिन सभी रेल हॉकरों को हटा देंगे। तब अलकेश दास ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इससे पहले भी रेल अधिकारियों ने कई बार कोशिश की है, लेकिन वे हॉकरों को बेदखल नहीं कर पाए। 'अमृत भारत स्टेशन' बनाने के लिए रेल हॉकरों ने अपनी दुकानें दूसरी जगह स्थानांतरित करके यात्रियों की सुविधा और विकास के काम में रेल अधिकारियों की मदद की है। रेल हॉकरों ने रेल यात्रियों को सेवा और सुरक्षा दी है। इस दिन सभी संगठनों के नेताओं ने एक सुर में कहा कि बिना उचित पुनर्वास के रेल हॉकरों को हटाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि दो दिन पहले सियालदह डिवीजन के डीआरएम ने कल्याणी स्टेशन पर आकर रेल हॉकरों को आश्वासन दिया था कि 15 दिनों तक किसी भी हॉकर को नहीं हटाया जाएगा। सबुज दास ने कहा कि साल 1978 में कल्याणी शहर के भीतर रेल सेवा का उद्घाटन तत्कालीन रेल मंत्री मधु दंडवते और मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने किया था। विकास के नाम पर उस उद्घाटन पट्टिका (शिलालेख) तक को नहीं बख्शा गया। आरपीएफ की ओर से इस दिन कुछ असंगत बातें कही गईं, जिसका तीखा विरोध हुआ और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। रेल हॉकरों का एक विशाल जुलूस कल्याणी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से चार तक घूमा। भारी विरोध को देखते हुए स्टेशन मैनेजर ने माइक पर घोषणा की कि रेल हॉकरों के बेदखली अभियान को 15 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। इसके बाद रेल हॉकरों ने फिर से एक बैठक की।

मंगलवार को बिराटी में खबर मिलने के बाद सीआईटीयू उत्तर 24 परगना जिला सचिव गार्गी चटर्जी, पार्टी नेता दिप्सिता धर सहित हॉकर्स नेता वहां पहुंचे और विरोध सभा चलती रही। गार्गी चटर्जी ने कहा कि हॉकर्स के इस उत्पीड़न के लिए पूर्व रेल मंत्री ममता बनर्जी जिम्मेदार हैं। जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तब उन्होंने हॉकरों के लाइसेंस के मुद्दे को चर्चा में रखा था। लेकिन बाद में जब ममता बनर्जी रेल मंत्री बनीं, तो उन्होंने हॉकरों को लाइसेंस देने के मुद्दे को कोई महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से ही कामकाजी हॉकरों को अवैध रूप से हटाना शुरू हुआ है, जिसकी शुरुआत सियालदह स्टेशन से हुई है।

इस बीच बेलघरिया, बैरकपुर, हावड़ा और बारासात स्टेशनों पर भी रेलवे पुलिस की ओर से ऐसी नोटिस दी गयी है।

इन सभी स्टेशनों पर करीब डेढ़ हजार रेल हॉकर हैं।इनमें से अकेले बिराटी स्टेशन पर 300 रेल हॉकर हैं।सीआईटीयू बिना किसी पुनर्वास के गरीब हॉकरों को हटाए जाने का विरोध कर रहा है। उनका कहना है कि हॉकरों के लिए बिना किसी पुनर्वास की व्यवस्था किए, बिना लाइसेंस दिए और बिना किसी कानूनी दिशा-निर्देश के एक भी हॉकर को नहीं हटाया जा सकता। हॉकरों ने इस दिन कहा कि जरूरत पड़ने पर भविष्य में वे इस अनैतिक बेदखली के खिलाफ अपने परिवारों के साथ रेलवे पुलिस के सामने खड़े होंगे। आगामी शुक्रवार को पश्चिम बंगाल रेल हॉकर्स यूनियन के आह्वान पर दोपहर 3 बजे इस अनैतिक बेदखली के खिलाफ सियालदह स्मार्ट बाजार के सामने विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

साभार: गणशक्ति

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एकजुट प्रतिरोध के आगे झुका रेलवे, बेदखली अभियान स्थगित

प्रकाशित: 21 मई 2026 • 4 मिनट पठन

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