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"तमस" भीष्म साहनी और कलकत्ता :अशोक सिंह

अपराजिता•11 जुलाई 20263 मिनट पठन31 बार पढ़ा गया

कलकत्ता विश्वविद्यालय के केन्द्रीय छात्र संसद और पश्चिम बंगाल की वाम मोर्चा सरकार ने भीष्म साहनी और 'तमस' की टीम का अभिनंदन करने की घोषणा की। कलकत्ता विश्वविद्यालय के केन्द्रीय छात्र संसद ने दरभंगा हाल, कॉलेज स्ट्रीट में भीष्म साहनी का अभिनंदन समारोह का आयोजन किया था। मैं जयपुरिया कालेज की पत्रिका 'परिचय 'के लिए भीष्म साहनी के इंटरव्यू के लिए गया था। भीष्म साहनी को राज्य सरकार ने सुरक्षा प्रदान की थी। भीष्म साहनी से मैंने पूछा था - देश में पहली बार एक राज्य सरकार एक लेखक का सार्वजनिक अभिनंदन कर रही है, आप क्या कहेंगे?

भीष्म साहनी ने कहा था यह वाम मोर्चा सरकार का प्रशंसनीय कदम है।

"तमस"

भीष्म साहनी और कलकत्ता

डाॅ अशोक सिंह

यह संभवतः 1983-84 का समय था। हिन्दू और मुसलमानों में सांप्रदायिक दंगे क्यों होते हैं? यह प्रश्न मेरे मन में लगातार उठ रहा था। मैंने कथाकार अनयजी से यह प्रश्न किया था।उन्होंने भीष्म साहनी का उपन्यास "तमस "पढ़ने की सलाह दी।मैंने उपन्यास पढ़ा. एक समझ पैदा हुयी। 1984में डी.वाई.एफ.आई.से जुड़ने और मोहम्मद सलीम से लगातार संवाद के बाद सांप्रदायिकता के खतरे को समझने लगा था।

3 जनवरी 1988 को दूरदर्शन पर भीष्म साहनी के उपन्यास "तमस "का प्रसारण शुरू हुआ। गोविन्द निहलानी निर्देशक थे। रात नौ से दस तक इसका प्रसारण होता था। छह एपिसोड में इस धारावाहिक का प्रसारण हुआ था। मैंने इस धारावाहिक को पूरा देखा था। उस समय दूरदर्शन एकमात्र चैनल था। 22 नम्बर बस्ती के 'शमा क्लब' में यह धारावाहिक देखता था। नौ बजे से दस बजे तक सन्नाटा छा जाता था. राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के कारण सांप्रदायिक माहौल था।

दूरदर्शन में 'तमस 'के प्रसारण के बाद यह धारावाहिक चर्चा मेंआ गया था। उपन्यास की बिक्री बढ़ रही थी।

'तमस' पर विवाद बढ़ गया था। ऐसे समय कलकत्ता विश्वविद्यालय के केन्द्रीय छात्र संसद और पश्चिम बंगाल की वाम मोर्चा सरकार ने भीष्म साहनी और 'तमस' की टीम का अभिनंदन करने की घोषणा की। कलकत्ता विश्वविद्यालय के केन्द्रीय छात्र संसद ने दरभंगा हाल, कॉलेज स्ट्रीट में भीष्म साहनी का अभिनंदन समारोह का आयोजन किया था। मैं जयपुरिया कालेज की पत्रिका 'परिचय 'के लिए भीष्म साहनी के इंटरव्यू के लिए गया था। भीष्म साहनी को राज्य सरकार ने सुरक्षा प्रदान की थी। भीष्म साहनी से मैंने पूछा था - देश में पहली बार एक राज्य सरकार एक लेखक का सार्वजनिक अभिनंदन कर रही है, आप क्या कहेंगे?

भीष्म साहनी ने कहा था यह वाम मोर्चा सरकार का प्रशंसनीय कदम है।

बांग्ला के लेखक संगठन 'प्रगति लेखक संघ 'ने स्टुडेंट्स हाल ,कॉलेज स्ट्रीट में बांग्ला के लेखकों की ओर से भीष्म साहनी का अभिनंदन समारोह आयोजित किया था।मैं अनयजी के साथ वहाँ गया था। राज्य सरकार ने सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की थी। भीष्म साहनी प्रगतिशील लेखक संघ के लम्बे समय तक नेतृत्व में रहे हैं।

'नंदन 'में 'तमस 'फिल्म के प्रदर्शन के साथ फिल्म की पूरी टीम का पश्चिम बंगाल की सरकार ने अभिनंदन समारोह आयोजित किया था।

अपर्णा सेन की चर्चित फिल्म 'मिस्टर एंड मिसेज अय्यर 'में भीष्म साहनी के अभिनय की काफी प्रशंसा हुयी थी।

सफदर हाशमी पर भीष्म साहनी की लिखी कहानी 'झूमर 'राजेन्द्र यादव द्वारा संपादित प्रसिद्ध पत्रिका 'हंस 'में प्रकाशित हुयी थी।

आज उनकी बरसी पर हार्दिक श्रद्धांजलि!

{लेखक सुरेंद्रनाथ इवनिंग कालेज, कोलकाता के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष}

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"तमस" भीष्म साहनी और कलकत्ता :अशोक सिंह

प्रकाशित: 11 जुलाई 2026 • 3 मिनट पठन

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