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सुप्रीम कोर्ट के आदेश से लाखों मतदाताओं को राहत, पर प्रशासनिक चुनौतियाँ बरकरार
सुप्रीम कोर्ट का आदेश भाजपा के “गाल पर करारा तमाचा” - मोहम्मद सलीम
नई दिल्ली/कोलकाता: उच्चतम न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में उन लाखों मतदाताओं के वोट का अधिकार को बहाल करने का निर्देश दिया है, जिन्हें 'विचाराधीन' सूची में डाल दिया गया था। कोर्ट ने साफ किया है कि यदि ट्रिब्यूनल मतदान से दो दिन पहले भी किसी मतदाता को वैध घोषित करता है, तो निर्वाचन आयोग को उसकी पूरक सूची जारी कर उसे वोट देने का अधिकार देना होगा।
समय और संख्या का भारी दबाव
न्यायालय के निर्देशानुसार, पहले चरण के मतदान (23 अप्रैल) के लिए 21 अप्रैल तक और दूसरे चरण (29 अप्रैल) के लिए 27 अप्रैल तक ट्रिब्यूनल को सुनवाई पूरी करनी होगी। हालांकि, यह कार्य हिमालय जैसी चुनौती के समान है:
मोहम्मद सलीम का भाजपा और आयोग पर तीखा हमला
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए सीपीआई (एम) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने इसे भाजपा के लिए "गाल पर करारा तमाचा" करार दिया है। उन्होंने भाजपा और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए:
क्या है वर्तमान स्थिति?
फिलहाल कोलकाता के जोका स्थित जलशक्ति मंत्रालय के भवन में ट्रिब्यूनल ने काम शुरू कर दिया है। हजारों लोगों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से आवेदन किए हैं। जिलाधिकारियों पर इन आवेदनों को जल्द से जल्द अपलोड करने का भारी दबाव है।
निष्कर्ष: सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप ने उन लोगों के मन में उम्मीद तो जगाई है जिनके नाम काट दिए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर समय की कमी और प्रशासनिक सुस्ती अभी भी लाखों लोगों के वोट का अधिकार पर सवालिया निशान खड़ा कर रही है।
अपलोडर: श्रेया जायसवाल
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अपलोडर: श्रेया जायसवाल • प्रकाशित: 17 अप्रैल 2026 • 3 मिनट पठन

सलीम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी असल में आरएसएस के इशारे पर दलाल की भूमिका निभाती आ रही है। दरअसल, इस राज्य से वामपंथी राजनीति के दायरे को सिकोड़ना ही आरएसएस का मुख्य उद्देश्य था। राज्य में आज भले ही तृणमूल कांग्रेस नहीं है, लेकिन वामपंथी आज भी मैदान में हैं और भविष्य में भी रहेंगे।
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

"जब आग लगती है, तो वह धर्म नहीं देखती, हिंदू-मुस्लिम का भेद किए बिना सभी के घरों को जलाकर खाक कर देती है। बीजेपी की बुलडोजर राजनीति के खतरे से भी कोई नहीं बचेगा। सभी इसके शिकार होंगे। इसलिए प्रतिरोध की लड़ाई में सभी लोगों को एकजुट होना होगा।"
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

हर उस व्यक्ति तक पहुँचना होगा जो मेहनतकश है, सताया हुआ है या प्रताड़ित है। भाजपा ने एसआईआर (SIR) के नाम पर एक बड़े वर्ग के लोगों से उनका मताधिकार छीन लिया है। इन सभी लोगों को एकजुट करना होगा। उनके मताधिकार सहित सभी नागरिक अधिकारों को वापस लाना होगा। जनता की रोटी-रोजी, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और पीने के पानी जैसी स्थानीय मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष करना होगा। भाजपा की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ एकता, भाईचारा और रोजगार के लिए लड़ना होगा। बुलडोजर राज के खिलाफ लाल झंडा पहले ही उठ खड़ा हुआ है। उन्होंने डर का माहौल बढ़ाया है, लेकिन हम चाहते हैं कि जनता का यह डर टूटे। अन्याय के खिलाफ खड़े होकर हक के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।
सीपीआई (एम)पश्चिम बंगाल के सचिव
14 जून 2026

केशव कुमार भट्टड़ • 13 अप्रैल 2026
श्रेया जायसवाल • 22 मई 2026

प्रश्न पूछना ही नागरिक का धर्म है- भारत का लोकतंत्र आज एक संधिकाल से गुजर रहा है। यदि सूचनाओं को छिपाकर जनता के जनादेश को बदलने का प्रयास किया जाता है, तो यह विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात होगा।
श्रेया जायसवाल • 19 अप्रैल 2026
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