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पश्चिम बंगाल: अखिल भारतीय किसान आंदोलन के वरिष्ठ नेता हन्नान मोल्ला ने प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर पूरी दुनिया में कोई सबसे बड़ा गद्दार और झूठा है, तो प्रधानमंत्री ने खुद को ऐसा ही साबित किया है। 2014 से पहले उन्होंने जितने भी वादे किए थे, वे सभी आज छलावा साबित हुए हैं; उन्होंने एक भी वादा पूरा नहीं किया।रविवार को नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से CPI(M) के उम्मीदवार तापस सिन्हा के समर्थन में आयोजित एक प्रचार रैली में बोलते हुए हन्नान मोल्ला ने ये बातें कहीं। यह रैली नारायणगढ़ के पथसाथी मोड़ से शुरू होकर थाना और बाजार तक गई, जिसके बाद एक जनसभा आयोजित की गई। सभा में हन्नान मोल्ला के अलावा उम्मीदवार तापस सिन्हा और मुस्तफा बक्स ने वक्तव्य दिया तथा अध्यक्षता मदन बसु ने की।
हन्नान मोल्ला ने कहा कि मोदी के शासनकाल में देश में 5 लाख से अधिक किसान कर्ज के बोझ तले आत्महत्या करने को मजबूर हुए हैं।सत्ता में आने से पहले उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन आज तक फसलों की कीमत उत्पादन लागत का डेढ़ गुना करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। इसके विपरीत, खाद, बीज, कीटनाशक और सिंचाई के लिए बिजली की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है।किसानों की कर्ज माफी, सस्ते दाम में बीज कीटनाशक और मृत किसान परिवारों को मुआवजे सहित कृषि और किसान परिवारों के हित की रक्षा के लिए जो लिखित वादा किया गया था आज 5 साल बीत जाने के बाद भी एक भी लागू नहीं किया गया।अभी चुनाव आते ही भाजपा बंगाल में वादों की बाढ़ ला रही है, जबकि 2014 से 'चोर और रंगबाज' तृणमूल कांग्रेस को 'डकैत' भाजपा पहरा दे रही है।
भाजपा पूरे देश में जमीन, जंगल और पहाड़ कॉर्पोरेट दिग्गजों जैसे अदानी और अंबानी को सौंपने के लिए दमनकारी नीतियां चला रही है और यहाँ बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पट्टाधारकों और बटाईदारों को बेदखल कर जमीन भू-माफियाओं को दे रही है।इनके खिलाफ केवल वामपंथी, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ताकतें ही एकमात्र विकल्प हैं।
साभार: गणशक्ति
अपलोडर: श्रेया जायसवाल
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अपलोडर: श्रेया जायसवाल • प्रकाशित: 20 अप्रैल 2026 • 2 मिनट पठन

सलीम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी असल में आरएसएस के इशारे पर दलाल की भूमिका निभाती आ रही है। दरअसल, इस राज्य से वामपंथी राजनीति के दायरे को सिकोड़ना ही आरएसएस का मुख्य उद्देश्य था। राज्य में आज भले ही तृणमूल कांग्रेस नहीं है, लेकिन वामपंथी आज भी मैदान में हैं और भविष्य में भी रहेंगे।
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

"जब आग लगती है, तो वह धर्म नहीं देखती, हिंदू-मुस्लिम का भेद किए बिना सभी के घरों को जलाकर खाक कर देती है। बीजेपी की बुलडोजर राजनीति के खतरे से भी कोई नहीं बचेगा। सभी इसके शिकार होंगे। इसलिए प्रतिरोध की लड़ाई में सभी लोगों को एकजुट होना होगा।"
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

हर उस व्यक्ति तक पहुँचना होगा जो मेहनतकश है, सताया हुआ है या प्रताड़ित है। भाजपा ने एसआईआर (SIR) के नाम पर एक बड़े वर्ग के लोगों से उनका मताधिकार छीन लिया है। इन सभी लोगों को एकजुट करना होगा। उनके मताधिकार सहित सभी नागरिक अधिकारों को वापस लाना होगा। जनता की रोटी-रोजी, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और पीने के पानी जैसी स्थानीय मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष करना होगा। भाजपा की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ एकता, भाईचारा और रोजगार के लिए लड़ना होगा। बुलडोजर राज के खिलाफ लाल झंडा पहले ही उठ खड़ा हुआ है। उन्होंने डर का माहौल बढ़ाया है, लेकिन हम चाहते हैं कि जनता का यह डर टूटे। अन्याय के खिलाफ खड़े होकर हक के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।
सीपीआई (एम)पश्चिम बंगाल के सचिव
14 जून 2026

केशव कुमार भट्टड़ • 13 अप्रैल 2026
श्रेया जायसवाल • 22 मई 2026

प्रश्न पूछना ही नागरिक का धर्म है- भारत का लोकतंत्र आज एक संधिकाल से गुजर रहा है। यदि सूचनाओं को छिपाकर जनता के जनादेश को बदलने का प्रयास किया जाता है, तो यह विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात होगा।
श्रेया जायसवाल • 19 अप्रैल 2026
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