जन समाचार मंच


तृणमूल कांग्रेस और भाजपा की जन्मदाता आरएसएस है। इन दोनों दलों के राजनीतिक कौशल में कोई अंतर नहीं है। नीति निर्धारण के मामले में जो भाजपा के लिए संभव नहीं है, उसे तृणमूल कांग्रेस लागू करेगी। इस बार के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों को हराना होगा। बंगाल को बचाने के लिए वामपंथियों की जीत सुनिश्चित करनी होगी। यह बातें राज्य वाममोर्चा के अध्यक्ष विमान बसु ने कहीं।
जगदल विधानसभा क्षेत्र से वाममोर्चा समर्थित फॉरवर्ड ब्लॉक उम्मीदवार परवेज अहमद खान के समर्थन में ऋषि अरविंद विद्यानिकेतन के मैदान में एक सभा आयोजित की गई थी। सभा की अध्यक्षता पार्टी नेता सोमनाथ सरकार ने की। सभा में फॉरवर्ड ब्लॉक के राज्य सचिव नरेन चटर्जी, उम्मीदवार परवेज अहमद खान सहित अन्य वामपंथी नेताओं ने भी अपने विचार रखे।
विमान बसु ने कहा, "इस राज्य में तृणमूल कांग्रेस, भाजपा की पूरक के रूप में काम कर रही है। भाजपा आरएसएस की विचारधारा को लागू कर रही है, और जो काम भाजपा के लिए करना संभव नहीं है, उसे पूरा करने के लिए भाजपा ने ही तृणमूल कांग्रेस को जन्म दिया है। तृणमूल कांग्रेस नेत्री आरएसएस को लेकर कुछ नहीं कहतीं। आरएसएस के मुखपत्र 'पांचजन्य' के विशेष अंक का उद्घाटन करने के लिए ममता बनर्जी को आमंत्रित किया गया था। उस समय उन्होंने कहा था कि 'अगर मैं यहाँ नहीं आती, तो मुझे पता ही नहीं चलता कि आप लोग इतने अच्छे इंसान हैं।' इसके जवाब में आरएसएस की ओर से ममता बनर्जी को 'मां दुर्गा' कहा गया था।"
उन्होंने आगे कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने इस राज्य में भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दे दिया है। अयोग्य शिक्षकों की योग्यता बढ़ाने के नाम पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और मंत्रियों ने पैसे लिए हैं। हमने तृणमूल कांग्रेस नेताओं के घरों से पैसों का पहाड़ बरामद होते देखा है। इनमें नीति-नैतिकता का कोई नामोनिशान नहीं है। वे राजनीति को अराजनीतिक बनाना चाहते हैं।भाजपा ने श्रमिकों का खून चूसने के लिए 'लेबर कोड' बनाया है। पूरी दुनिया में किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसा लेबर कोड नहीं होता, जबकि तृणमूल कांग्रेस इस पर चुप्पी साधे हुए है।राशन घोटाला हुआ है। टनों चावल का कालाबाजारी किया गया है। इस भ्रष्टाचार के मुख्य माथा जो मंत्री हैं वे जेल जा चुके हैं और जेल से बाहर आते ही वे फिर से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार बन गए हैं।जो लोग भ्रष्टाचार के गले तक डूबे हुए हैं, उनका असली संरक्षक भाजपा ही है।
उन्होंने आगे कहा, "मोदी सरकार ने हर साल दो करोड़ बेरोजगारों को नौकरी देने का वादा किया था। ममता बनर्जी ने भी हर साल दो लाख बेरोजगारों को रोजगार देने का वादा किया था। लेकिन आज देश और राज्य की स्थिति क्या है? इस राज्य में बेरोजगारों की संख्या 1 करोड़ को पार कर गई है। इसमें प्रवासी श्रमिकों को शामिल नहीं किया गया है, यदि उन्हें जोड़ा जाए तो यह आंकड़ा और भी बढ़ जाएगा। करोड़ों लोगों के लिए रोजी रोटी चलाना मुश्किल हो रहा है।" लोगों को धर्म, जाति और भाषा के नाम पर भाजपा बाँट रही है। इंसानों के बीच अविश्वास का माहौल पैदा कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों मिलकर बंगाल की संस्कृति, भाईचारे और विरासत को नष्ट कर रहे हैं। बंगाल में वामपंथ के पुनरुत्थान और राज्य को बचाने के लिए वामपंथियों की जीत सुनिश्चित करना अनिवार्य है।"
फॉरवर्ड ब्लॉक के राज्य सचिव नरेन चटर्जी ने कहा "इस राज्य में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे के पर्यायवाची बन गए हैं। समाज, संस्कृति और मूल्यों के मामले में बंगाल कभी पूरे देश को रास्ता दिखाता था। पुनर्जागरण के बंगाल ने ही देश के लोगों को मुक्ति संग्राम का मार्ग दिखाया था। लेकिन आज उसी बंगाल में विभाजन की राजनीति हो रही है।"
"तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में राजनीति और भ्रष्टाचार को एक ही पायदान पर लाकर खड़ा कर दिया है। हमें बंगाल को भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता से बचाना होगा। इस चुनाव में वामपंथियों की जीत को सुनिश्चित करना ही होगा।"
साभार: गणशक्ति
अपलोडर: श्रेया जायसवाल
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अपलोडर: श्रेया जायसवाल • प्रकाशित: 20 अप्रैल 2026 • 4 मिनट पठन

सलीम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी असल में आरएसएस के इशारे पर दलाल की भूमिका निभाती आ रही है। दरअसल, इस राज्य से वामपंथी राजनीति के दायरे को सिकोड़ना ही आरएसएस का मुख्य उद्देश्य था। राज्य में आज भले ही तृणमूल कांग्रेस नहीं है, लेकिन वामपंथी आज भी मैदान में हैं और भविष्य में भी रहेंगे।
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

"जब आग लगती है, तो वह धर्म नहीं देखती, हिंदू-मुस्लिम का भेद किए बिना सभी के घरों को जलाकर खाक कर देती है। बीजेपी की बुलडोजर राजनीति के खतरे से भी कोई नहीं बचेगा। सभी इसके शिकार होंगे। इसलिए प्रतिरोध की लड़ाई में सभी लोगों को एकजुट होना होगा।"
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

हर उस व्यक्ति तक पहुँचना होगा जो मेहनतकश है, सताया हुआ है या प्रताड़ित है। भाजपा ने एसआईआर (SIR) के नाम पर एक बड़े वर्ग के लोगों से उनका मताधिकार छीन लिया है। इन सभी लोगों को एकजुट करना होगा। उनके मताधिकार सहित सभी नागरिक अधिकारों को वापस लाना होगा। जनता की रोटी-रोजी, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और पीने के पानी जैसी स्थानीय मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष करना होगा। भाजपा की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ एकता, भाईचारा और रोजगार के लिए लड़ना होगा। बुलडोजर राज के खिलाफ लाल झंडा पहले ही उठ खड़ा हुआ है। उन्होंने डर का माहौल बढ़ाया है, लेकिन हम चाहते हैं कि जनता का यह डर टूटे। अन्याय के खिलाफ खड़े होकर हक के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।
सीपीआई (एम)पश्चिम बंगाल के सचिव
14 जून 2026

केशव कुमार भट्टड़ • 13 अप्रैल 2026
श्रेया जायसवाल • 22 मई 2026

प्रश्न पूछना ही नागरिक का धर्म है- भारत का लोकतंत्र आज एक संधिकाल से गुजर रहा है। यदि सूचनाओं को छिपाकर जनता के जनादेश को बदलने का प्रयास किया जाता है, तो यह विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात होगा।
श्रेया जायसवाल • 19 अप्रैल 2026
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