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तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद नुसरत जहां को ईडी का फिर समन, अब राशन घोटाले में नाम

श्रेया जायसवाल•21 अप्रैल 20263 मिनट पठन17 बार पढ़ा गया
अब राशन भ्रष्टाचार की जांच में बशीरहाट की पूर्व तृणमूल कांग्रेस की सांसद और अभिनेत्री नुसरत जहां का नाम फिर से सामने आया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने पूर्व तृणमूल कांग्रेस की सांसद को समन भेजा है और उन्हें आगामी 22 अप्रैल को सीजीओ कॉम्प्लेक्स में पेश होने का निर्देश दिया है।
तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद नुसरत जहां को ईडी का फिर समन, अब राशन घोटाले में नाम

तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद नुसरत जहां को ईडी का फिर समन, अब राशन घोटाले में नाम

रिटायर्ड बैंक कर्मचारियों को फ्लैट देने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में ईडी ने  तलब किया था। अब राशन भ्रष्टाचार की जांच में बशीरहाट की पूर्व तृणमूल कांग्रेस की सांसद और अभिनेत्री नुसरत जहां का नाम फिर से सामने आया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने पूर्व तृणमूल कांग्रेस की सांसद को समन भेजा है और उन्हें आगामी 22 अप्रैल को सीजीओ कॉम्प्लेक्स में पेश होने का निर्देश दिया है।

साल 2023 में फ्लैट देने के नाम पर करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के मामले में ईडी ने तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस की सांसद नुसरत जहां को तलब किया था। उन्हें 12 सितंबर को सुबह 11 बजे सीजीओ कॉम्प्लेक्स में हाजिर होने के लिए कहा गया था।यह भ्रष्टाचार उस समय हुआ था जब नुसरत जहां 'सेवन सेंस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड' के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की सदस्य थीं।यह कंपनी मार्च 2011 में बनाई गई थी।पीड़ितों ने कोलकाता पुलिस और अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी।नुसरत ने अदालत में तब यह कहकर पेश होने से इनकार कर दिया था कि वह सांसद हैं और दिल्ली में व्यस्त हैं।

गत 31 जुलाई को, उनकी कंपनी द्वारा ठगे गए सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारियों ने साल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में ईडी कार्यालय जाकर शिकायत दर्ज कराई थी।पश्चिम बंगाल में राशन भ्रष्टाचार की शुरुआत 2011 में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से ही हो गई थी। कोविड के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया। 2021साल में भारत-बांग्लादेश के घोड़ाडांगा बॉर्डर पर बीएसएफ ने राशन के चावल से लदे 175 ट्रक जब्त किए।

जांच करने पर पता चला कि यह चावल बनगांव के कालूपुर स्थित 'राधा गोविंद राइस मिल' से आया था। ईडी ने मिल मालिक कालु साहा को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के बाद कई और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए। बाद में, देगंगा के तृणमूल कांग्रेस नेता बाकीबुर रहमान की गिरफ्तारी से जांच में तेजी आई। पूर्व खाद्य मंत्री और तत्कालीन वन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक का नाम उभरकर सामने आया। पूर्व खाद्य मंत्री के खिलाफ जांच में उनके, उनके परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्ति का पता चला, जिसके स्रोत का प्रमाण वे नहीं दे सके। 27 अक्टूबर 2023 को ईडी ने तृणमूल कांग्रेस के नेता और तत्कालीन वन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को गिरफ्तार कर लिया।राशन भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार बाकीबुर और ज्योतिप्रिय से मिले सुरागों के आधार पर ही, केंद्रीय जांच एजेंसी ने 2024 के अगस्त की शुरुआत में उत्तर और दक्षिण 24 परगना की कई राइस मिलों  पर छापेमारी की थी।

जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, राशन भ्रष्टाचार के एक विशेष सूत्र से नुसरत जहां का नाम जुड़ा है।

जब बांग्लादेश सीमा के जरिए गेहूं की तस्करी के आरोप लगे थे, उस समय नुसरत जहां बशीरहाट से सांसद थीं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि, बांग्लादेश को गेहूं निर्यात से संबंधित वित्तीय लेनदेन के सिलसिले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने उन्हें तलब किया है।

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तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद नुसरत जहां को ईडी का फिर समन, अब राशन घोटाले में नाम

प्रकाशित: 21 अप्रैल 2026 • 3 मिनट पठन

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