जन समाचार मंच


प्रधानमंत्री महिला सुरक्षा और नारी सम्मान की बात कह रहे हैं, लेकिन 'अभया' (आरजी कर पीड़िता) को न्याय मिलने में कितनी प्रगति हुई, इस पर उन्होंने तो कुछ नहीं कहा। शुक्रवार को नरेंद्र मोदी की जनसभा के बाद पानीहाटी से सीपीआई (एम) के उम्मीदवार कलतान दासगुप्ता ने यह प्रतिक्रिया दी।
प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कलतान ने कहा, "प्रधानमंत्री के भाषण में इस बात का कोई ठोस जवाब नहीं मिला कि अभया को न्याय दिलाने की प्रक्रिया कहाँ तक पहुँची और यह न्याय कब तक पूरा होगा।" शुक्रवार को पानीहाटी में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीपीआई (एम) पोलित ब्यूरो के सदस्य और त्रिपुरा के विरोधी नेता जितेंद्र चौधरी समेत अन्य वामपंथी नेता उपस्थित थे।
शुक्रवार को पानीहाटी चुनाव केंद्र से भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ के समर्थन में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया था कि "4 मई को भाजपा की सरकार बनने के बाद, महिलाओं पर हुए सभी अत्याचारों की फाइलें खोली जाएंगी। यह मोदी की गारंटी है।"मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपनी एकाधिक चुनावी सभाओं में आरजी कर की मृत डॉक्टर और संदेशखाली की घटनाओं को प्रचार में जोर दिया है
प्रेस कांफ्रेंस में कलतान ने कहा, "रत्ना देबनाथ और उनके परिवार ने अतीत में केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) के खिलाफ कई बातें कही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ भी बहुत कुछ कहा है। अभया के लिए न्याय की मांग कर रहे पूरे आंदोलन ने भाजपा नेताओं को 'गो बैक' के नारे दिए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि महिला सुरक्षा, प्रगतिशीलता और नारी संरक्षण के क्षेत्र में भाजपा का चरित्र पूरे देश की जनता जानती है।"
पानीहाटी के अमरावती पार्क की उस सभा से प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भाजपा महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि देगी। इसके साथ ही उन्होंने मुफ्त राशन सहित कई अन्य वादे भी किए।
सीपीआई(एम) त्रिपुरा के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी ने भी बताया कि उस राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद हालात भयावह हो गए हैं। महिलाओं पर अत्याचार तो बढ़े ही हैं, साथ ही कानून के शासन की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है।
अपलोडर: श्रेया जायसवाल
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अपलोडर: श्रेया जायसवाल • प्रकाशित: 25 अप्रैल 2026 • 3 मिनट पठन

सलीम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी असल में आरएसएस के इशारे पर दलाल की भूमिका निभाती आ रही है। दरअसल, इस राज्य से वामपंथी राजनीति के दायरे को सिकोड़ना ही आरएसएस का मुख्य उद्देश्य था। राज्य में आज भले ही तृणमूल कांग्रेस नहीं है, लेकिन वामपंथी आज भी मैदान में हैं और भविष्य में भी रहेंगे।
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

"जब आग लगती है, तो वह धर्म नहीं देखती, हिंदू-मुस्लिम का भेद किए बिना सभी के घरों को जलाकर खाक कर देती है। बीजेपी की बुलडोजर राजनीति के खतरे से भी कोई नहीं बचेगा। सभी इसके शिकार होंगे। इसलिए प्रतिरोध की लड़ाई में सभी लोगों को एकजुट होना होगा।"
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

हर उस व्यक्ति तक पहुँचना होगा जो मेहनतकश है, सताया हुआ है या प्रताड़ित है। भाजपा ने एसआईआर (SIR) के नाम पर एक बड़े वर्ग के लोगों से उनका मताधिकार छीन लिया है। इन सभी लोगों को एकजुट करना होगा। उनके मताधिकार सहित सभी नागरिक अधिकारों को वापस लाना होगा। जनता की रोटी-रोजी, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और पीने के पानी जैसी स्थानीय मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष करना होगा। भाजपा की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ एकता, भाईचारा और रोजगार के लिए लड़ना होगा। बुलडोजर राज के खिलाफ लाल झंडा पहले ही उठ खड़ा हुआ है। उन्होंने डर का माहौल बढ़ाया है, लेकिन हम चाहते हैं कि जनता का यह डर टूटे। अन्याय के खिलाफ खड़े होकर हक के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।
सीपीआई (एम)पश्चिम बंगाल के सचिव
14 जून 2026

केशव कुमार भट्टड़ • 13 अप्रैल 2026
श्रेया जायसवाल • 22 मई 2026

प्रश्न पूछना ही नागरिक का धर्म है- भारत का लोकतंत्र आज एक संधिकाल से गुजर रहा है। यदि सूचनाओं को छिपाकर जनता के जनादेश को बदलने का प्रयास किया जाता है, तो यह विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात होगा।
श्रेया जायसवाल • 19 अप्रैल 2026
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