जन समाचार मंच


पानीहाटी के राजनीतिक हलकों और एक तबके के अनुसार, आम लोगों के बीच कलतान दासगुप्ता के प्रति विश्वास बढ़ रहा है। विरोध आंदोलनों के साहसी नेता और सीपीआई (एम) के उम्मीदवार कलतान दासगुप्ता को अपने करीब पाकर न केवल चुनावी संघर्ष, बल्कि पानीहाटी को बचाने की लड़ाई भी तेज हो गई है। चुनाव प्रचार के दौरान कलतान दासगुप्ता हर दिन पानीहाटी के घर-घर पहुंच रहे हैं। वह पानीहाटी की रक्षा करने की बारीकियों को लेकर मुहल्ले-मुहल्ले में चर्चा कर रहे हैं। जलभराव की समस्या से निजात दिलाने और एक भ्रष्टाचार मुक्त, साफ-सुथरा नया पानीहाटी उपहार में देने के लक्ष्य के साथ, सीपीआई (एम) के ये मेहनती युवा उम्मीदवार रेलवे के दैनिक यात्रियों से लेकर सुबह की सैर करने वालों तक पहुंचकर उनसे अपील कर रहे हैं। सत्ताधारी दल की वोट लूटने की साजिश को नाकाम करके 'हंसिया-हथौड़ा-तारा' की जीत सुनिश्चित करने की अंतिम तैयारी अब पानीहाटी में चल रही है।
अपलोडर: श्रेया जायसवाल
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अपलोडर: श्रेया जायसवाल • प्रकाशित: 27 अप्रैल 2026 • 3 मिनट पठन

सलीम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी असल में आरएसएस के इशारे पर दलाल की भूमिका निभाती आ रही है। दरअसल, इस राज्य से वामपंथी राजनीति के दायरे को सिकोड़ना ही आरएसएस का मुख्य उद्देश्य था। राज्य में आज भले ही तृणमूल कांग्रेस नहीं है, लेकिन वामपंथी आज भी मैदान में हैं और भविष्य में भी रहेंगे।
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

"जब आग लगती है, तो वह धर्म नहीं देखती, हिंदू-मुस्लिम का भेद किए बिना सभी के घरों को जलाकर खाक कर देती है। बीजेपी की बुलडोजर राजनीति के खतरे से भी कोई नहीं बचेगा। सभी इसके शिकार होंगे। इसलिए प्रतिरोध की लड़ाई में सभी लोगों को एकजुट होना होगा।"
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

हर उस व्यक्ति तक पहुँचना होगा जो मेहनतकश है, सताया हुआ है या प्रताड़ित है। भाजपा ने एसआईआर (SIR) के नाम पर एक बड़े वर्ग के लोगों से उनका मताधिकार छीन लिया है। इन सभी लोगों को एकजुट करना होगा। उनके मताधिकार सहित सभी नागरिक अधिकारों को वापस लाना होगा। जनता की रोटी-रोजी, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और पीने के पानी जैसी स्थानीय मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष करना होगा। भाजपा की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ एकता, भाईचारा और रोजगार के लिए लड़ना होगा। बुलडोजर राज के खिलाफ लाल झंडा पहले ही उठ खड़ा हुआ है। उन्होंने डर का माहौल बढ़ाया है, लेकिन हम चाहते हैं कि जनता का यह डर टूटे। अन्याय के खिलाफ खड़े होकर हक के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।
सीपीआई (एम)पश्चिम बंगाल के सचिव
14 जून 2026

केशव कुमार भट्टड़ • 13 अप्रैल 2026
श्रेया जायसवाल • 22 मई 2026

प्रश्न पूछना ही नागरिक का धर्म है- भारत का लोकतंत्र आज एक संधिकाल से गुजर रहा है। यदि सूचनाओं को छिपाकर जनता के जनादेश को बदलने का प्रयास किया जाता है, तो यह विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात होगा।
श्रेया जायसवाल • 19 अप्रैल 2026
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