जन समाचार मंच


पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों से यह स्पष्ट हो रहा है कि जनता ने तृणमूल-कांग्रेस के बेलगाम भ्रष्टाचार, तानाशाही शासन और कुशासन के खिलाफ अपना फैसला सुनाया है। राज्य की जनता ने तृणमूल-कांग्रेस सरकार का पतन चाहा है।लोगों के इसी आक्रोश का फायदा भाजपा ने उठाया है।
इस चुनाव में चुनाव आयोग की देखरेख में एसआईआर के माध्यम से लाखों मतदाताओं के नाम हटाना, विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग, भारी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती और प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय मंत्रियों के उकसावे वाले बयानों के कारण भय का माहौल पैदा किया गया था। इसके साथ ही, केंद्र और राज्य की सत्ताधारी पार्टियों द्वारा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का प्रचार किया गया, भाजपा ने इस अवसर का भी लाभ लिया। इस चुनाव में एक व्यापक वामपंथी एकता बनाई गई थी, जिसमें सहयोगी के रूप में आईएसएफ भी शामिल थी। लेकिन हमारे अथक प्रयासों के बावजूद कांग्रेस के साथ गठबंधन न हो पाने के कारण, तृणमूल-कांग्रेस के विकल्प के रूप में भाजपा जगह बनाने में सफल रही।
देश भर के अनुभवों से हम जानते हैं कि भाजपा एक तानाशाही और लोकतंत्र विरोधी पार्टी है। राज्य की जनता को उसके जनविरोधी और लोकतंत्र विरोधी कदमों के खिलाफ संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा।
एक लंबे अंतराल के बाद अब राज्य विधानसभा में वामपंथी विधायक मौजूद रहेंगे। सीपीआई (एम) विधानसभा के भीतर और बाहर जनहित में आंदोलन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। वामपंथी कार्यकर्ता किसी भी परिस्थिति में जनता के साथ खड़े रहेंगे।
हम राजनीतिक दलों और प्रशासन से यह आह्वान करते हैं कि चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा या अशांति का माहौल पैदा न होने दिया जाए ,और इसका उपयोग करके सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश की जाती है, तो उसे नाकाम करना होगा। राज्य में कानून का शासन कड़ाई से बनाए रखना होगा।
4 मई, 2026, कोलकाता
अपलोडर: श्रेया जायसवाल
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अपलोडर: श्रेया जायसवाल • प्रकाशित: 04 मई 2026 • 2 मिनट पठन

सलीम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी असल में आरएसएस के इशारे पर दलाल की भूमिका निभाती आ रही है। दरअसल, इस राज्य से वामपंथी राजनीति के दायरे को सिकोड़ना ही आरएसएस का मुख्य उद्देश्य था। राज्य में आज भले ही तृणमूल कांग्रेस नहीं है, लेकिन वामपंथी आज भी मैदान में हैं और भविष्य में भी रहेंगे।
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

"जब आग लगती है, तो वह धर्म नहीं देखती, हिंदू-मुस्लिम का भेद किए बिना सभी के घरों को जलाकर खाक कर देती है। बीजेपी की बुलडोजर राजनीति के खतरे से भी कोई नहीं बचेगा। सभी इसके शिकार होंगे। इसलिए प्रतिरोध की लड़ाई में सभी लोगों को एकजुट होना होगा।"
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

हर उस व्यक्ति तक पहुँचना होगा जो मेहनतकश है, सताया हुआ है या प्रताड़ित है। भाजपा ने एसआईआर (SIR) के नाम पर एक बड़े वर्ग के लोगों से उनका मताधिकार छीन लिया है। इन सभी लोगों को एकजुट करना होगा। उनके मताधिकार सहित सभी नागरिक अधिकारों को वापस लाना होगा। जनता की रोटी-रोजी, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और पीने के पानी जैसी स्थानीय मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष करना होगा। भाजपा की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ एकता, भाईचारा और रोजगार के लिए लड़ना होगा। बुलडोजर राज के खिलाफ लाल झंडा पहले ही उठ खड़ा हुआ है। उन्होंने डर का माहौल बढ़ाया है, लेकिन हम चाहते हैं कि जनता का यह डर टूटे। अन्याय के खिलाफ खड़े होकर हक के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।
सीपीआई (एम)पश्चिम बंगाल के सचिव
14 जून 2026

केशव कुमार भट्टड़ • 13 अप्रैल 2026
श्रेया जायसवाल • 22 मई 2026

प्रश्न पूछना ही नागरिक का धर्म है- भारत का लोकतंत्र आज एक संधिकाल से गुजर रहा है। यदि सूचनाओं को छिपाकर जनता के जनादेश को बदलने का प्रयास किया जाता है, तो यह विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात होगा।
श्रेया जायसवाल • 19 अप्रैल 2026
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