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"मनोज अग्रवाल को मिला वफादारी का इनाम "
मोहम्मद सलीम
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सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने मनोज अग्रवाल की मुख्य सचिव के रूप में नियुक्ति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति केवल "वफादारी का पुरस्कार" है। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "जिस तरह से मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है, वह इस नई सरकार की कार्यप्रणाली पर अभी से संदेह पैदा कर रही है। सरकार जिस तरह मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकारों को चुन रही है, उससे साफ है कि वे केवल अपनी बात मानने वालों के भरोसे ही चलेंगे।"
गौरतलब है कि शपथ लेने के तुरंत बाद राजभवन ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव के विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया था। उसके बाद पूर्व मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल को मुख्य सचिव बनाया गया। मुख्य सचिव का पद संभालने से पहले ही वे मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों की बैठकों में शामिल देखे गए थे।
इस बार के चुनाव में चुनाव आयोग की भूमिका के साथ-साथ ज्ञानेश कुमार और मनोज अग्रवाल की कार्यशैली पर भी बार-बार सवाल उठाए गए थे। ऐसे व्यक्ति को मुख्य सचिव बनाए जाने के बाद से विभिन्न हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सलीम ने आगे कहा "चुनाव खत्म होते ही मुख्य चुनाव अधिकारी को मुख्य सचिव बना दिया गया। यह एक तरह से चुनाव संचालन के लिए उन्हें दिया गया पुरस्कार है। अतीत में भी देखा गया है कि ममता बनर्जी ने अपने वफादार अधिकारियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी उन्हें विभिन्न समितियों और प्रशासनिक पदों पर बिठाए रखा था।"
विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद, चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर सहित कई पदों पर फेरबदल किया था। तब मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को हटाकर दुष्यंत नारीवाल को नियुक्त किया गया था। लेकिन नई सरकार के गठन के बाद अब मनोज अग्रवाल को राज्य का मुख्य सचिव बनाने की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
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अपलोडर: श्रेया जायसवाल
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अपलोडर: श्रेया जायसवाल • प्रकाशित: 12 मई 2026 • 2 मिनट पठन

सलीम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी असल में आरएसएस के इशारे पर दलाल की भूमिका निभाती आ रही है। दरअसल, इस राज्य से वामपंथी राजनीति के दायरे को सिकोड़ना ही आरएसएस का मुख्य उद्देश्य था। राज्य में आज भले ही तृणमूल कांग्रेस नहीं है, लेकिन वामपंथी आज भी मैदान में हैं और भविष्य में भी रहेंगे।
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

"जब आग लगती है, तो वह धर्म नहीं देखती, हिंदू-मुस्लिम का भेद किए बिना सभी के घरों को जलाकर खाक कर देती है। बीजेपी की बुलडोजर राजनीति के खतरे से भी कोई नहीं बचेगा। सभी इसके शिकार होंगे। इसलिए प्रतिरोध की लड़ाई में सभी लोगों को एकजुट होना होगा।"
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

हर उस व्यक्ति तक पहुँचना होगा जो मेहनतकश है, सताया हुआ है या प्रताड़ित है। भाजपा ने एसआईआर (SIR) के नाम पर एक बड़े वर्ग के लोगों से उनका मताधिकार छीन लिया है। इन सभी लोगों को एकजुट करना होगा। उनके मताधिकार सहित सभी नागरिक अधिकारों को वापस लाना होगा। जनता की रोटी-रोजी, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और पीने के पानी जैसी स्थानीय मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष करना होगा। भाजपा की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ एकता, भाईचारा और रोजगार के लिए लड़ना होगा। बुलडोजर राज के खिलाफ लाल झंडा पहले ही उठ खड़ा हुआ है। उन्होंने डर का माहौल बढ़ाया है, लेकिन हम चाहते हैं कि जनता का यह डर टूटे। अन्याय के खिलाफ खड़े होकर हक के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।
सीपीआई (एम)पश्चिम बंगाल के सचिव
14 जून 2026

केशव कुमार भट्टड़ • 13 अप्रैल 2026
श्रेया जायसवाल • 22 मई 2026

प्रश्न पूछना ही नागरिक का धर्म है- भारत का लोकतंत्र आज एक संधिकाल से गुजर रहा है। यदि सूचनाओं को छिपाकर जनता के जनादेश को बदलने का प्रयास किया जाता है, तो यह विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात होगा।
श्रेया जायसवाल • 19 अप्रैल 2026
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