" पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह जीत सांप्रदायिक, विभाजनकारी और जहरीले नफरत भरे प्रचार के आधार पर, भारी धनबल के इस्तेमाल और भारत के चुनाव आयोग की 'एसआईआर' प्रक्रिया सहित केंद्रीय एजेंसियों के घोर दुरुपयोग के माध्यम से हासिल हुई है। भाजपा को भ्रष्ट और तानाशाही तृणमूल सरकार के खिलाफ जनता के तीव्र आक्रोश का भी फायदा मिला है। पूरे देश में नए फासीवाद के खतरे के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में भी भाजपा सत्ता में आ गई है। इसके परिणामस्वरूप बदली हुई परिस्थितियों का सामना करने के लिए राज्य पार्टी को अपनी उचित भूमिका निभानी होगी। "
एम. ए . बेबी
महासचिव ,सी पी आई (एम)
राज्य कमेटी की बैठक शुरू
एम.ए. बेबी का आह्वान
" फासीवाद के खतरे से निपटने के लिए
राज्य में तैयार रहें पार्टी कार्यकर्ता "

देश में नए फासीवाद के खतरे के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने से जो नई स्थिति पैदा हुई है, उससे निपटने के लिए सीपीआई(एम) के महासचिव एम.ए.बेबी ने राज्य में पार्टी को तैयार रहने को कहा है। शनिवार को सी पी आई (एम) पश्चिम बंगाल राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक में उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह जीत सांप्रदायिक, विभाजनकारी और जहरीले नफरत भरे प्रचार के आधार पर, भारी धनबल के इस्तेमाल और भारत के चुनाव आयोग की 'एसआईआर' प्रक्रिया सहित केंद्रीय एजेंसियों के घोर दुरुपयोग के माध्यम से हासिल हुई है। भाजपा को भ्रष्ट और तानाशाही तृणमूल सरकार के खिलाफ जनता के तीव्र आक्रोश का भी फायदा मिला है। पूरे देश में नए फासीवाद के खतरे के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में भी भाजपा सत्ता में आ गई है। इसके परिणामस्वरूप बदली हुई परिस्थितियों का सामना करने के लिए राज्य पार्टी को अपनी उचित भूमिका निभानी होगी।
विधानसभा चुनाव के नतीजों की समीक्षा के लिए माकपा की राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक आज पार्टी के राज्य कार्यालय मुजफ्फर अहमद भवन में शुरू हुई। बैठक में एम.ए. बेबी और पार्टी पोलिट ब्यूरो के सदस्य नीलोत्पल बसु भी मौजूद हैं। अध्यक्षता पोलिट ब्यूरो सदस्य श्रीदीप भट्टाचार्य कर रहे हैं। बैठक की शुरुआत में पार्टी की केंद्रीय कमेटी की पूर्व सदस्य और महिला आंदोलन की नेता दिवंगत कॉमरेड बनानी विश्वास सहित हाल के दिनों में दिवंगत अन्य लोगों की याद में शोक प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक में चुनाव परिणामों की प्रारंभिक समीक्षा रिपोर्ट पेश करते हुए पार्टी के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने चुनाव के बाद की स्थिति की व्याख्या की और इस स्थिति से निपटने में पार्टी की भूमिका पर बात की। राज्य कमेटी के सदस्य भी चुनावी लड़ाई के अनुभवों और उसके बाद की स्थिति पर चर्चा कर रहे हैं।
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साभार: गणशक्ति
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