यह घटना सिर्फ सुरेंद्रनाथ कॉलेज तक सीमित नहीं है। सुरेंद्रनाथ कॉलेज तो लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस की जबरन वसूली, 'थ्रेट कल्चर' और एडमिशन सिंडिकेट के बड़े भ्रष्टाचार का गढ़ रहा है। कोलकाता सहित राज्य के अन्य कॉलेजों से भी इस तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। 15 साल से बंगाल के छात्र-छात्राओं को लूटा गया है। बंगाल के कॉलेजों के कैंपस में पिछले 15 सालों से चोरी का जो सिंडिकेट चल रहा है, वह अब नहीं चल सकता और हम इसे चलने नहीं देंगे। कॉलेज प्रशासन को जल्द से जल्द जनता के सामने ऑडिट रिपोर्ट पेश करनी चाहिए। सालों से यूनियन के नाम पर छात्रों से जो पैसा वसूला गया है, वह कहाँ, कैसे और कितना खर्च हुआ, इसका पूरा हिसाब देना होगा।"
देवांजन दे
एसएफआई पश्चिम बंगाल के राज्य सचिव
सुरेंद्रनाथ कॉलेज से दीमक लगी रुपयों की सूटकेस बरामद, एसएफआई ने बताया
'भ्रष्टाचार का गढ़'
पश्चिम बंगाल: खुद कोलकाता के एक कॉलेज के छात्र संघ (यूनियन) के कमरे से नोटों के बंडल बरामद किए गए हैं। मंगलवार को सियालदह के सुरेंद्रनाथ कॉलेज के यूनियन रूम की अलमारी से दो सूटकेस भरकर दीमक लगी हुई नकदी बरामद हुई। इस घटना को लेकर कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया है।
बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से ही यह यूनियन रूम व्यावहारिक रूप से बंद पड़ा था। पैसे मिलने की खबर मिलते ही सियालदह के मुचिपाड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुँची।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सूटकेस में भरे दीमक लगे रुपयों के साथ-साथ उस कमरे से कई वाउचर भी बरामद हुए हैं। पुलिस का अनुमान है कि इन वाउचर्स का इस्तेमाल करके अवैध तरीके से पैसे निकाले जाते थे। इस घटना के तार कहाँ तक जुड़े हैं, जाँच अधिकारी इसकी बारीकी से जांच पड़ताल कर रहे हैं।
इस घटना पर एसएफआई के राज्य सचिव देवांजन दे ने कहा "यह घटना सिर्फ सुरेंद्रनाथ कॉलेज तक सीमित नहीं है। सुरेंद्रनाथ कॉलेज तो लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस की जबरन वसूली, 'थ्रेट कल्चर' और एडमिशन सिंडिकेट के बड़े भ्रष्टाचार का गढ़ रहा है। कोलकाता सहित राज्य के अन्य कॉलेजों से भी इस तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। 15 साल से बंगाल के छात्र-छात्राओं को लूटा गया है। बंगाल के कॉलेजों के कैंपस में पिछले 15 सालों से चोरी का जो सिंडिकेट चल रहा है, वह अब नहीं चल सकता और हम इसे चलने नहीं देंगे। कॉलेज प्रशासन को जल्द से जल्द जनता के सामने ऑडिट रिपोर्ट पेश करनी चाहिए। सालों से यूनियन के नाम पर छात्रों से जो पैसा वसूला गया है, वह कहाँ, कैसे और कितना खर्च हुआ, इसका पूरा हिसाब देना होगा।"
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साभार : गणशक्ति डिजिटल | 3 जून,2026
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