वर्तमान केंद्र और राज्य सरकारें लोगों पर शोषण बढ़ाकर कॉरपोरेट्स के हाथों में संपत्ति सौंपने की योजना बना रही हैं। इसके परिणामस्वरूप, समाज के मेहनतकश लोगों और लूटने वाले लोगों के बीच द्वंद्व बढ़ रहा है। इस लड़ाई में वामपंथी हमेशा मेहनतकश लोगों के पक्ष में ही रहेंगे। जो लोग गलतफहमी के कारण दक्षिणपंथियों की तरफ चले गए हैं, उन्हें भी इस लड़ाई में वामपंथियों के पक्ष में वापस लाना होगा। मेहनतकश लोगों को एकजुट करके लड़ाई को तेज करने के माध्यम से ही हम शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।
मीनाक्षी मुखर्जी
सीपीआई (एम) की केंद्रीय कमेटी सदस्य
मध्यमग्राम में मीनाक्षी मुखर्जी
सत्ता में आकर गरीब हॉकरों के खिलाफ युद्ध में उतरी भाजपा
पश्चिम बंगाल (मध्यमग्राम) 2 जून — रोजगार का वादा करके राज्य की सत्ता में आकर भाजपा गरीब हाकरों के खिलाफ युद्ध में उतर गई है। मंगलवार को मध्यमग्राम में वर्गा आंदोलन के पहले शहीद कॉमरेड परिमल सरकार की स्मरण सभा में सीपीआई(एम) की केंद्रीय समिति की सदस्य मीनाक्षी मुखर्जी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि हाकरवाले चोरी या भ्रष्टाचार के रास्ते पर नहीं गए हैं, वे ईमानदारी से जीविका कमाने के लिए हाकरी करते हैं। तृणमूल-कांग्रेस की सरकार ने राज्य में रोजगार के अवसर पैदा नहीं किए। वहीं, रोजगार का वादा करके राज्य की सत्ता में आई भाजपा काम के अवसर बनाने के बजाय बुलडोजर से हाकरों को बेदखल करने में उतर गई है।
उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार कॉरपोरेट हितों को पूरा करने के लिए रेलवे की संपत्ति का निजीकरण चाहती है, इसीलिए स्टेशनों से हाकरों को हटाया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों की इस काम में मदद के लिए राज्य की पुलिस बल को भी तैनात किया गया है। गरीब हाकरों के हितों की रक्षा करने और उनका पुनर्वास करने के बजाय, केंद्र और राज्य मिलकर हाकरों के खिलाफ युद्ध में कूद पड़े हैं। भाजपा सरकार चुनाव से पहले किए गए वादे के मुताबिक रोजगार के अवसर पैदा करने की कोई इच्छा नहीं दिखा रही है।
हर साल की तरह इस बार भी मध्यमग्राम के नजरूल शतवार्षिकी हॉल में सीपीआई (एम) की ओर से यह स्मरण सभा आयोजित की गई। इस स्मरण कार्यक्रम में पार्टी की जिला समिति के सचिव पलाश दास ने हाकरों की बेदखली के संदर्भ में कहा कि भाजपा नेताओं को जिन गरीबों के वोटों से कुर्सी मिली, कुर्सी पर बैठते ही वे उन्हीं के पेट पर लात मारने लगे हैं। बेदखल हुए कई हाकरों ने चुनाव से पहले सोचा था कि भाजपा सरकार सत्ता में आएगी तो तृणमूल-कांग्रेस के अन्याय और अत्याचार से बचा जा सकेगा, लेकिन अब वे खुद पीड़ित होकर कह रहे हैं कि भाजपा को सत्ता में लाना एक बड़ी भूल थी।
वर्गा आंदोलन के पहले शहीद कॉमरेड परिमल सरकार की हत्या 1 मई 1979 को बारासात ब्लॉक 2 के शासन क्षेत्र में हुई थी। तब से हर साल इस दिन उन्हें याद किया जाता है। इस स्मरण सभा में मीनाक्षी मुखर्जी और पलाश दास के अलावा पार्टी की राज्य समिति की सदस्य आत्रेयी गुह और पार्टी नेता अहमद अली खान ने भी अपने विचार रखे।
सभा की अध्यक्षता प्रणब मजूमदार ने की। कार्यक्रम की शुरुआत में नेताओं ने कॉमरेड परिमल सरकार की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर दिवंगत दिलीप राय की स्मृति में असीमा राय ने गणशक्ति पत्रिका कोष में 5 हजार रुपये और पार्टी के उत्तर 24 परगना जिला कोष में 10 हजार रुपये नेताओं को सौंपे।
सभा में मीनाक्षी मुखर्जी ने कहा कि वर्तमान केंद्र और राज्य सरकारें लोगों पर शोषण बढ़ाकर कॉरपोरेट्स के हाथों में संपत्ति सौंपने की योजना बना रही हैं। इसके परिणामस्वरूप, समाज के मेहनतकश लोगों और लूटने वाले लोगों के बीच द्वंद्व बढ़ रहा है। इस लड़ाई में वामपंथी हमेशा मेहनतकश लोगों के पक्ष में ही रहेंगे। जो लोग गलतफहमी के कारण दक्षिणपंथियों की तरफ चले गए हैं, उन्हें भी इस लड़ाई में वामपंथियों के पक्ष में वापस लाना होगा। मेहनतकश लोगों को एकजुट करके लड़ाई को तेज करने के माध्यम से ही हम शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।
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साभार: बांग्ला दैनिक गणशक्ति | 3 जून,2026
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