उलबेड़िया कॉलेज में विरोध प्रदर्शन
जन समाचार मंच
उलबेड़िया कॉलेज में विरोध प्रदर्शन

उलबेड़िया कॉलेज में विरोध प्रदर्शन

जिला: कॉलेज में लोकतंत्र बहाल करने और तुरंत छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर गुरुवार को एसएफआई ने उलबेड़िया कॉलेज में एक जुलूस निकाली। उस जुलूस को पुलिस के सहयोग से एबीवीपी ने रोकने का प्रयास किया। लगभग डेढ़ घंटे तक एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी और पुलिस को घेरकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

गुरुवार को उलबेड़िया कॉलेज के साथ-साथ आमता कॉलेज के छात्र-छात्राओं को लेकर एसएफआई हावड़ा जिला कमेटी ने एक कार्यकर्ता सभा और सभा का आयोजन भी किया। सबसे पहले आमता रामसदय कॉलेज के छात्र-छात्राओं को लेकर एक कार्यकर्ता सभा की गई। इसके बाद कॉलेज की मांगों को लेकर कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के उद्देश्य से एक जुलूस निकाली गई। हालांकि, प्रिंसिपल के मौजूद न होने के कारण ज्ञापन नहीं सौंपा जा सका।
इस अवसर पर एसएफआई के राज्य सचिव देवांजन दे, जिला सचिव मोहम्मद तोमजीदुर, अध्यक्ष विपाशा साहा समेत अन्य जिला नेतृत्व उपस्थित थे।
साभार: गणशक्ति डिजिटल
अपलोडर: श्रेया जायसवाल
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अपलोडर: श्रेया जायसवाल • प्रकाशित: 05 जून 2026 • 1 मिनट पठन

सलीम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी असल में आरएसएस के इशारे पर दलाल की भूमिका निभाती आ रही है। दरअसल, इस राज्य से वामपंथी राजनीति के दायरे को सिकोड़ना ही आरएसएस का मुख्य उद्देश्य था। राज्य में आज भले ही तृणमूल कांग्रेस नहीं है, लेकिन वामपंथी आज भी मैदान में हैं और भविष्य में भी रहेंगे।
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"जब आग लगती है, तो वह धर्म नहीं देखती, हिंदू-मुस्लिम का भेद किए बिना सभी के घरों को जलाकर खाक कर देती है। बीजेपी की बुलडोजर राजनीति के खतरे से भी कोई नहीं बचेगा। सभी इसके शिकार होंगे। इसलिए प्रतिरोध की लड़ाई में सभी लोगों को एकजुट होना होगा।"
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