नैहाटी जूट मिल में
काम बंद का नोटिस
उत्तर 24 परगना (हाजीनगर): राज्य में बीजेपी सरकार का एक महीना होने जा रहा है। इसी बीच शनिवार सुबह नैहाटी जूट मिल बंद हो गई। सुबह जब श्रमिक काम पर पहुँचे, तो उन्होंने मिल के गेट पर काम बंदी का नोटिस लटका देखा। इससे मजदूर आक्रोशित हो उठे और मिल गेट पर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। मजदूरों का आरोप है कि मिल मालिक ने अन्यायपूर्ण तरीके से गेट पर तालाबंदी का नोटिस लगाया है। इस मिल में करीब साढ़े तीन हजार मजदूर काम करते हैं। मिल बंद होने से मजदूरों के सामने भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पता चला है कि मिल प्रबंधन ने जूट की कमी और बढ़ती कीमतों का बहाना बनाकर गेट पर यह नोटिस चिपकाया है। वहीं मजदूरों की माँग है कि मिल को तुरंत खोला जाए।
मजदूरों के अनुसार, नैहाटी जूट मिल में प्रबंधन ने 'मोटा तांत विभाग' (ब्रॉड लूम सेक्शन) को बंद कर दिया है, जिसके कारण चार सौ से अधिक मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। मिल के अंदर मालिक की तानाशाही चल रही है। उत्पादन में थोड़ी भी कमी होने पर काम से हटा दिया जाता है और गेट के बाहर कर दिया जाता है। इसके अलावा, मिल में शौच आदि के लिए जाने में थोड़ी भी देरी होने या टिफिन करके लौटने में देर होने पर हाजिरी काट ली जाती है। काम का बोझ लगातार बढ़ाया जा रहा है और मिल को ठेका मजदूरों (कैज़ुअल लेबर्स) से भर दिया गया है। करीब चार सौ मजदूरों की ग्रेच्युटी का पैसा भी बकाया है। मिल हफ्ते में केवल पाँच दिन ही चलती है और तीन के बजाय सिर्फ दो शिफ्टों में काम हो रहा है।
इस घटना पर बीसीएमयू (BCMU) की कार्यकारी अध्यक्ष गार्गी चटर्जी ने कहा "नई बीजेपी सरकार को आए एक महीना हुआ है और इसी बीच एक के बाद एक मिलें बंद हो रही हैं। पिछली तृणमूल-कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी इसी तरह मिलें बंद हुई थीं। श्रम विभाग में फिलहाल गतिरोध बना हुआ है; कोई श्रम मंत्री नहीं है और मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी नहीं हुआ है। मजदूरों के पास अपनी शिकायतें दर्ज कराने की कोई जगह नहीं बची है। जूट मिल के मजदूर एक भयानक स्थिति का सामना कर रहे हैं। इस मिल को पूरी तरह से अन्यायपूर्ण तरीके से बंद किया गया है, इसे तुरंत खोला जाना चाहिए।"
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साभार : बांग्ला दैनिक गणशक्ति
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