"केंद्र की भाजपा सरकार और 15 साल से राज्य चलाने वाली तृणमूल-कांग्रेस सरकार ने उन्हें एक दिन का नोटिस देकर बेदखल करने के खिलाफ कोई कानून नहीं बनाया। इन दोनों सरकारों ने हॉकरों के लिए कोई कानून नहीं तैयार किया। लेकिन वामपंथियों के समय ऐसा कानून था, जिसमें साफ कहा गया था कि पुनर्वास के बिना हॉकरों को हटाया नहीं जा सकता।"
मीनाक्षी मुखर्जी
सीपीआई (एम)की केंद्रीय कमेटी की सदस्य
गरीबों के घर तोड़ने की साजिश को लाल झंडा ही रोकेगा- मीनाक्षी मुखर्जी
हिंदमोटर: "लड़ाई जब अंबानी-अडानी के खिलाफ है, तब बुलडोजर के सामने लाल झंडा ही खड़ा रहेगा। आगामी 12 तारीख को हम गरीब लोगों के घर तोड़ने की साजिश को नाकाम कर सकेंगे।" मंगलवार को हिंदमोटर स्टेशन से सटे रेल बस्ती को हटाए जाने के खिलाफ विद्यासागर बाजार की जनसभा में बोलते हुए सीपीआई(एम) केंद्रीय समिति की सदस्य मीनाक्षी मुखर्जी ने यह बात कही। सीआईटीयू (CITU), एआईसीसीटीयू (AICCTU) समेत कई संगठनों के आह्वान पर यह सभा आयोजित की गई थी।
उन्होंने आगे कहा, "पहले एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना होगा, हॉकरों को जगह देनी होगी। वरना हम (घर या दुकानें) टूटने नहीं देंगे। जो लोग यह सोचते हैं कि रेलवे स्टेशन हॉकरों के कारण भीड़भाड़ वाला और चलने के अयोग्य हो गया है, वे गरीब लोगों को काम और आय का जरिया दें। गरीब लोग रेल बस्ती में अपनी मर्जी से नहीं रहते।"
मीनाक्षी मुखर्जी ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "दिल्ली में 12 साल से भाजपा की सरकार चल रही है। वहाँ भी ऐसा कोई कानून नहीं है कि सरकार जबरन एक नोटिस थमाकर बेघर कर दे, तो गरीब इंसान क्या करेगा। 15 साल से राज्य की तृणमूल-कांग्रेस सरकार ने भी हॉकरों के लिए कोई कानून नहीं बनाया है। वह कानून, जिससे रोज़ाना कुछ सामान बेचकर होने वाली मामूली आमदनी से उनका घर चलता है। उनके टैक्स के पैसों से सरकार चलती है, रेल चलती है। केंद्र की भाजपा सरकार और 15 साल से राज्य चलाने वाली तृणमूल-कांग्रेस सरकार ने उन्हें एक दिन का नोटिस देकर बेदखल करने के खिलाफ कोई कानून नहीं बनाया। इन दोनों सरकारों ने हॉकरों के लिए कोई कानून नहीं तैयार किया। लेकिन वामपंथियों के समय ऐसा कानून था, जिसमें साफ कहा गया था कि पुनर्वास के बिना हॉकरों को हटाया नहीं जा सकता।"
इस अवसर पर मीनाक्षी मुखर्जी के अलावा लोकतांत्रिक आंदोलन के नेता रजत बनर्जी, काउंसलर प्रबीर कंसबणिक, सीआईटीयू नेता मनिंद्र चक्रवर्ती, हॉकर नेता शिवनाथ भट्टाचार्य, देबू कुंडू और एआईसीसीटीयू नेता सौरव रॉय आदि ने भी अपनी बात रखी।
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साभार: गणशक्ति डिजिटल
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