वाम की आवाज़ (Vaam Ki Aawaz)
अगर थक गए हो चुप रहकर सहने से, रगों में खून उबल रहा है अन्याय के खिलाफ,न्याय, समानता और प्रगति में हैं विश्वास तो — उठो ! बोलो ! बदलो !
बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 | Wednesday, 14 October 2026
|
संपर्क: vaamkiaawaz@gmail.comसदस्यता में
वाम की आवाज़ लोगो
वाम की आवाज़ (Vaam Ki Aawaz)
अगर थक गए हो चुप रहकर सहने से, रगों में खून उबल रहा है अन्याय के खिलाफ,न्याय, समानता और प्रगति में हैं विश्वास तो — उठो ! बोलो ! बदलो !
लाइव कवरेज
होमताज़ा खबरेंराज्य

वाम की आवाज़

जन समाचार मंच

राज्य

नाबालिग से बलात्कार के बाद हत्या, बारुईपुर में भारी विरोध प्रदर्शन

अपराजिता•05 जुलाई 20263 मिनट पठन51 बार पढ़ा गया

पश्चिम बंगाल में एक बार फिर बलात्कार के बाद हत्या की घटना सुर्खियों में है।

नाबालिग से बलात्कार के बाद हत्या, बारुईपुर में भारी विरोध प्रदर्शन

नाबालिग से बलात्कार के बाद हत्या, बारुईपुर में भारी विरोध प्रदर्शन

राज्य में एक बार फिर बलात्कार के बाद हत्या की घटना सुर्खियों में है। दक्षिण 24 परगना जिला के बारुईपुर इलाके में एक 11 वर्षीय नाबालिग से बलात्कार के बाद उसकी हत्या करने का आरोप लगा है। घर से कुछ दूरी पर स्थित एक तालाब से पाँचवीं कक्षा की छात्रा का शव बरामद हुआ। रविवार को इस घटना को लेकर इलाके में भारी तनाव फैल गया। यह घटना बारुईपुर थाने के सूर्यपुर हाट इलाके की है। इस समय शव को घेरकर प्रदर्शन किया जा रहा है। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (AIDWA) की दक्षिण 24 परगना जिला सचिव चंदना बागची ने इस घटना की जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। नाबालिग शनिवार शाम से लापता थी। इलाके में तनाव का माहौल है और बारुईपुर थाने की पुलिस बल मौके पर मौजूद है।

पुलिस का अनुमान है कि नाबालिग की गला घोंटकर हत्या की गई है। शुरुआती जाँच में यौन उत्पीड़न की भी आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि मौत का असली कारण और बलात्कार हुआ था या नहीं, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम के बाद ही हो पाएगी। शव को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। जाँचकर्ताओं का कहना है कि यौन उत्पीड़न के आरोपों की पुष्टि करने में पोस्टमार्टम रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

रविवार सुबह इस घटना को लेकर इलाके में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया। आक्रोशित निवासियों ने कुछ समय के लिए पुलिस को शव ले जाने से रोक दिया। स्थानीय लोगों ने आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर व्यापक जाँच शुरू कर दी है। पुलिस परिवार के सदस्यों और गवाहों के बयान दर्ज कर रही है और आरोपियों की पहचान करने के लिए तलाश जारी है। फिलहाल पुलिस ने आधिकारिक तौर पर किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नाबालिग शनिवार शाम को घर से निकली थी। काफी देर बाद भी जब वह घर नहीं लौटी, तो रातभर उसकी तलाश की गई, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। परिवार का आरोप है कि इलाके के ही चार युवक उस नाबालिग को उठाकर ले गए थे। हालांकि, पुलिस ने परिवार के आरोपों के आधार पर चारों संदिग्धों की पहचान उजागर नहीं की है। परिवार और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाँचवीं कक्षा की छात्रा से बलात्कार के बाद गला घोंटकर उसकी हत्या की गई है। वहीं, यह भी आरोप है कि आरोपी होने के संदेह में हुई मारपीट की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।

.

साभार: डिजिटल गणशक्ति

क्या यह लेख उपयोगी था?

टिप्पणियाँ

0

अपनी राय साझा करें

टिप्पणियाँ लोड हो रही हैं...

नाबालिग से बलात्कार के बाद हत्या, बारुईपुर में भारी विरोध प्रदर्शन

प्रकाशित: 05 जुलाई 2026 • 3 मिनट पठन

वाम की आवाज़|जन समाचार मंच
विज्ञापन

शेयर करें

सबसे ज्यादा पढ़ी गईं

1

‘अपने घेरे से बाहर: विचारों की रचनात्मक दुनिया के साथ’ - मोहम्मद सलीम

362 क्लिक

2

'लेफ्ट फॉर फ्यूचर' - बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों का एक आधुनिक मॉडल - केशव भट्टड़

358 क्लिक

3

'उत्तम कुमार': एक नक्षत्र का अस्त हो जाना ~ 'सत्यजीत राय'

338 क्लिक

4

दानवीय नियम लाकर कर्मचारियों के अधिकार छीन रही राज्य सरकार

333 क्लिक

5

नीट पेपर लीक कांड : केंद्र सरकार की गंभीरता पर '?' है। - केशव भट्टड़

330 क्लिक

विज्ञापन

संसाधन

शहीद ए आजम भगत सिंह के विचार - संकलनकर्ता श्रेया जायसवाल (PDF)

'तुम्हारी क्षय' - राहुल सांकृत्यायन (PDF)

वियतनाम: संघर्ष की एक ओजस्वी प्रेरणा - बुद्धदेव भट्टाचार्य (Link)

वियतनाम: संघर्ष की एक ओजस्वी प्रेरणा - बुद्धदेव भट्टाचार्य (PDF)

सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल की वेब साइट (बांग्ला) (Link)

भाजपा क्यों है जनता की दुश्मन ? (PDF)

द लेफ्ट व्यूज - द पीपल्स लेंस (अंग्रेजी) (Link)

क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल की आत्मकथा (PDF)

पुरानी फिल्मों में होता था संदेश - सीताराम येचुरी (Link)

मैं नास्तिक क्यों हूँ ? - शहीद-ए-आजम भगतसिंह (PDF)

वाममोर्चा घोषणापत्र। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव-2026 (PDF)

मार्क्सवादी पथ पत्रिका (बांग्ला) (Link)

अभियान कैलेंडर

कोई आगामी ईवेंट नहीं

जुड़े रहने के लिए

रोज़ शाम 7 बजे प्रमुख खबरें सीधे आपके ईमेल पर।

सदस्यता लें
इस लेखक से और
सभी देखें →
राष्ट्रीय

आपातकाल के समय भी ऐसा दृश्य नहीं देखा - पवित्र सरकार

'सरकार डर गई है, वे डगमगा गए हैं। इसलिए वे फासीवादी तरीके से लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाना चाहते हैं। उन्होंने लोगों के आंदोलन पर फासीवादी शैली में हमला बोला है। सरकार चाहती तो चर्चा के लिए बैठ सकती थी, बात कर सकती थी। कुछ माँगों को स्वीकार भी किया जा सकता था। लेकिन सरकार उस रास्ते पर नहीं गई। असल में उन्हें अपनी कुर्सी की चिंता है, इसलिए यह आक्रामकता है। पहले से ही ट्रेनें रद्द कर दी गईं, मेट्रो बंद कर दी गई, उड़ानों (एयरपोर्ट) से लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। मैंने अपने जीवन में ऐसा दृश्य कभी नहीं देखा, आपातकाल के समय भी नहीं देखा।'

12 अक्टूबर 2026

राज्य

कलामंदिर में अनुमति रद्द, खुले आसमान के नीचे होगा नागरिक कन्वेंशन

किसी कार्यक्रम में सरकार विरोधी भावना हो सकती है, इस आशंका से पहले से दी गई अनुमति को रद्द करना लोकतांत्रिक तरीका नहीं है। उनके अनुसार, इस प्रवृत्ति में फासीवादी मानसिकता झलकता है।

11 अक्टूबर 2026

राष्ट्रीय

दिल्‍ली प्रदर्शन 10 अक्टूबर : प्रदर्शन रोकने के लिए गृह सचिव ने की बैठक, हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को पीने का पानी भी नहीं दिया जा रहा।

SFI की नेत्री आइशी घोष ने एक वीडियो संदेश में बताया है कि उन्हें मुंडका पुलिस थाने में रखा गया है। उन्हें काफी समय से पीने का पानी नहीं दिया गया है। धरपकड़ के कारण सभी लोग घायल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यह सोचकर गलतफहमी में है कि पानी या खाना न देकर और लोगों को कैद करके वह इस विरोध को दबा सकती है।

10 अक्टूबर 2026

और पढ़ें
सभी देखें →
राज्य

'लेफ्ट फॉर फ्यूचर' - बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों का एक आधुनिक मॉडल - केशव भट्टड़

पश्चिम बंगाल का राजनीतिक आकाश आज दो ध्रुवों — टीएमसी और भाजपा — के बीच आपसी वोट लाभ के लिए कुटिल योजना से फँसा दिया गया है। SIR , दबंगता, झूठ और पैसे के दम पर लोकतंत्र के अपहरण की पूरी तैयारी है। एक तरफ है राज्य सत्ता की मशीनरी, परिवारवाद और भ्रष्टाचार की संस्कृति। दूसरी तरफ है केंद्र का SIR अटैक, सांप्रदायिक विभाजन, संस्थाओं पर नियंत्रण और विकास के नाम पर ध्रुवीकरण की राजनीति। दोनों ही दल पूंजीवादी-नवउदारवादी मॉडल पर टिके हुए हैं, जो आर्थिक असमानता को बढ़ावा देते हैं, पर्यावरण की उपेक्षा करते हैं और केवल मुनाफे को प्राथमिकता देते हैं। इन नीतियों के कारण किसान, मजदूर, छात्र, युवा और महिलाओं सहित आम नागरिकों की आवाज दब रही है, उनकी चिंताएं उपेक्षित हो रही हैं और उनके हितों को नुकसान पहुंच रहा है। लेकिन लेफ्ट फ्रंट न तो केवल टीएमसी का विकल्प है और न ही केवल भाजपा का। यह उससे कहीं ज्यादा हैं। लेफ्ट फ्रंट एक स्वतंत्र वैचारिक शक्ति है जो न सत्ता की लूट को बढ़ावा देती है और न ही धर्म के नाम पर समाज को बाँटती है। टीएमसी और भाजपा के भ्रष्टाचार तथा सांप्रदायिक कोलाहल से पूरी तरह अलग, लेफ्ट फ्रंट तीसरा रास्ता प्रस्तुत कर रहा है — लोकतंत्र, समानता और सामाजिक न्याय पर आधारित एक प्रगतिशील भविष्य का रास्ता, जिसका नाम है “लेफ्ट फॉर फ्यूचर”।

केशव कुमार भट्टड़ • 13 अप्रैल 2026

राज्य

दानवीय नियम लाकर कर्मचारियों के अधिकार छीन रही राज्य सरकार

सोशल मीडिया पर समाज के सभी वर्गों के लोग भाजपा सरकार के इस दिशा-निर्देश को लेकर गुस्सा जताने लगे हैं। सत्ता में आने के बाद भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और सिंडिकेट को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' नीति के साथ काम शुरू करने का वादा करने वाली सरकार अचानक कर्मचारियों के पीछे क्यों हाथ धोकर पड़ गई है?

श्रेया जायसवाल • 22 मई 2026

राज्य

राष्ट्र तुम किसके हो ? - शमीक लाहिड़ी

प्रश्न पूछना ही नागरिक का धर्म है- भारत का लोकतंत्र आज एक संधिकाल से गुजर रहा है। यदि सूचनाओं को छिपाकर जनता के जनादेश को बदलने का प्रयास किया जाता है, तो यह विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात होगा।

श्रेया जायसवाल • 19 अप्रैल 2026

वाम की आवाज़ लोगो
वाम की आवाज़

अगर थक गए हो चुप रहकर सहने से, रगों में खून उबल रहा है अन्याय के खिलाफ, न्याय, समानता और प्रगति में हैं विश्वास तो — उठो ! बोलो ! बदलो !

मुख्य पन्ने
जानकारी
हमारे बारे में
संपादकीय नीति
सुधार नीति
गोपनीयता नीति
संपर्क करें
आर्काइव
अभियान कैलेंडर आर्काइव
© 2026 वाम की आवाज़ — जन संघर्ष का डिजिटल पुरालेखMade for the Movement