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वाममोर्चा की पुकार पर 29 सितम्बर को कोलकाता नगर निगम अभियान

अपराजिता•24 सितंबर 20264 मिनट पठन6 बार पढ़ा गया

बीजेपी सरकार ने राजनीतिक मंशा से जानबूझकर राजनीतिक योजना बनाकर कोलकाता नगर निगम का परिसीमन (डीलिमिटेशन) किया है। इस आरोप को उठाते हुए और नगर निगम के समग्र गतिरोध का विरोध जताते हुए आगामी 29 सितम्बर को कोलकाता जिला वाममोर्चा ने 'कोलकाता नगर निगम चलो' का आह्वान किया है।

वाममोर्चा की पुकार पर

29 सितम्बर को

कोलकाता नगर निगम अभियान

कोलकाता, 23 सितम्बर— बीजेपी सरकार ने राजनीतिक मंशा से जानबूझकर राजनीतिक योजना बनाकर कोलकाता नगर निगम का परिसीमन (डीलिमिटेशन) किया है। इस आरोप को उठाते हुए और नगर निगम के समग्र गतिरोध का विरोध जताते हुए आगामी 29 सितम्बर को कोलकाता जिला वाममोर्चा ने 'कोलकाता नगर निगम चलो' का आह्वान किया है। इस बीच, पूरे कोलकाता में जगह-जगह इस कार्यक्रम को सफल बनाने का संदेश देते हुए वाममोर्चे के कार्यकर्ता और समर्थक प्रचार अभियान में उतर चुके हैं। नेताओं का कहना है कि नगर निगम में जो गतिरोध पैदा हुआ है, उससे सुचारू नागरिक सेवाएँ ठप हो गई हैं। उस पर इस अवैज्ञानिक परिसीमन से नागरिक सेवाएँ और अधिक बाधित होंगी। इसके विरोध में उस दिन वाममोर्चा सड़कों पर उतरेगा।

विभिन्न इलाकों में इसकी तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। मंगलवार शाम जोड़ासांको इलाके के केशव चंद्र सेन स्ट्रीट में इस कार्यक्रम के समर्थन में एक जनसभा आयोजित की गई।

सभा में सीपीआई(एम) की केंद्रीय कमेटी के सदस्य सुजन चक्रवर्ती ने वर्तमान बीजेपी सरकार के तानाशाही रवैये, ध्रुवीकरण की राजनीति और जनता की मुख्य समस्याओं एवं संकटों को छिपाने की साजिश के खिलाफ लोगों को जागरूक और एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने 29 सितम्बर के कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। वृहस्पतिवार से प्रचार कार्य और तेजी से शुरू होगा।

बुधवार को प्राकृतिक आपदा के बीच भी कोलकाता के अलग-अलग इलाकों में प्रचार हुआ।

सीपीआई(एम) के कोलकाता जिला सचिव कल्लोल मजुमदार ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार और सत्ताधारी दल के इशारे पर कोलकाता के वार्डों के पुनर्गठन के नाम पर राजनीतिक चाल चलकर अवैज्ञानिक तरीके से फेरबदल किया जा रहा है। फिलहाल एसआईआर (SIR) ट्रिब्यूनल का फैसला व्यावहारिक रूप से बकाया है। इससे कई लोग एक बार फिर मताधिकार से वंचित हो जाएंगे। इस माहौल में विपक्षी राजनीतिक दलों पर हमले और धमकियां जारी हैं। अनैतिक रूप से दल बदलकर दूसरे दलों में शामिल हुए भ्रष्ट व अपराधी नेताओं को साथ लेकर गरीब और निम्न-मध्यम वर्ग के लोगों के खिलाफ व्यावहारिक रूप से आर्थिक और राजनीतिक युद्ध की घोषणा कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि इस तरह कई तरह के हथकंडों, हमलों और आक्रमणों के जरिए बीजेपी कोलकाता नगर निगम चुनाव में अपना वर्चस्व कायम करना चाहती है। हम इस कुत्सित प्रयास के खिलाफ जनता को एकजुट करके आगामी 29 सितम्बर को कोलकाता नगर निगम के केंद्रीय भवन के पास विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय ले चुके हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कोलकाता जिला वाममोर्चा की ओर से आगामी 24 सितम्बर से 26 सितम्बर तक प्रत्येक क्षेत्र में प्रचार और 26 व 27 सितंबर को सभी क्षेत्रों में कई प्रचार रैलियों का आह्वान किया गया है।

गौरतलब है कि राज्य में बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के तुरंत बाद कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हकीम, कई मेयर-इन-कौंसिल और पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया और कई लोग बीजेपी में शामिल हो गए। बीते जून महीने से नगर निगम बोर्ड को भंग करके स्मिता पांडे को कोलकाता नगर निगम का कमिश्नर नियुक्त किया गया है। इस माहौल में इलाकों में नागरिक सेवाएँ और दयनीय स्थिति में पहुँच गई हैं। स्थानीय नागरिक प्रतिनिधि न होने के कारण कई लोग अपनी समस्याओं की जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। कचरा प्रबंधन, जल निकासी व्यवस्था से लेकर कई प्रकार की नागरिक सेवाओं से जुड़ी शिकायतों के अम्बार लग रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं मिल रहा है।

डेंगू का प्रकोप

दूसरी ओर, इस मौसम में डेंगू ने सिर उठा लिया है और मलेरिया का प्रकोप बढ़ गया है। नगर निगम की ओर से इन सब पर कौन नजर रखेगा या नियंत्रण करेगा, और बेहाल नागरिक सेवाओं को लेकर उचित कदम कौन उठाएगा—इसे लेकर गहरा संशय बना हुआ है।

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साभार: बांग्ला दैनिक गणशक्ति

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वाममोर्चा की पुकार पर 29 सितम्बर को कोलकाता नगर निगम अभियान

अपलोडर: VKA-43UUB7 • प्रकाशित: 24 सितंबर 2026 • 4 मिनट पठन

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