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CITU के अखिल भारतीय अध्यक्ष सुदीप दत्ता का कोलकाता में अभिनंदन
सारांश
CITU के अभी तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष
🔴CITU के अखिल भारतीय अध्यक्ष सुदीप दत्ता का कोलकाता में अभिनंदन ।
🔵CITU पश्चिम बंगाल राज्य कमेटी की वर्किंग कमेटी की श्रमिक भवन कोलकाता में हुयी बैठक में नये निर्वाचित अखिल भारतीय अध्यक्ष सुदीप दत्ता का अभिनंदन किया गया।सुदीप दत्ता अभी तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। CITU पश्चिम बंगाल के सचिव जियाउल आलम, अध्यक्ष अनादि साहू सहित राज्य नेतृत्व ने फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सुदीप दत्ता का अभिनंदन किया।
CITU के अखिल भारतीय अध्यक्ष सुदीप दत्ता का कोलकाता में अभिनंदन
अपलोडर: rajiv4mkolkata@gmail.com• प्रकाशित: 09 अप्रैल 2026 • 1 मिनट पठन
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जनसंघर्ष
मनरेगा को बचाने के लिए राष्ट्रव्यापी हड़ताल सफल - पढ़ें डॉ. विक्रम सिंह की रिपोर्ट
- देशव्यापी आंदोलन: 15 मई 2026 को पूरे भारत के गाँवों में लाखों मनरेगा और खेत-मजदूरों ने मिलकर सरकार के नए 'वीबी-ग्राम (जी)' कानून के खिलाफ एक बड़ी और सफल हड़ताल की।
- मुख्य मांगें: आंदोलनकारी मजदूरों की मांग है कि नया कानून तुरंत रद्द हो, साल में कम से कम 200 दिन का काम मिले, रोजाना 700 रुपये मजदूरी तय हो और ऑनलाइन हाजिरी का झंझट पूरी तरह बंद किया जाए।
- रोजगार पर खतरा: मजदूरों का मानना है कि इस नए कानून से गाँवों में रोजगार की गारंटी पूरी तरह खत्म हो जाएगी और पिछले तीन महीनों से पहले ही काम ठप पड़ा है।
- बजट का नया पेंच: केंद्र सरकार ने बिना राज्यों से पूछे योजना का 40% वित्तीय बोझ राज्यों पर डाल दिया है, जिससे बजट की कमी के कारण राज्य सरकारें अब मजदूरों को काम देने से कतराएंगी।
- बदहाल आंकड़े: 'लिबटेक इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल देश भर में मनरेगा के तहत काम पाने वाले परिवार, मजदूर और कुल काम के दिन भारी मात्रा में घटे हैं।
- जानलेवा तकनीक: हाजिरी के लिए 'चेहरा पहचानने' और मोबाइल ऐप जैसी जबरन थोपी गई तकनीकों के कारण नेटवर्क न मिलने से आंध्र प्रदेश में पाँच महिला मजदूरों की सड़क हादसे में जान तक चली गई।
- हर तरफ असर: दक्षिण भारत के राज्यों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे उत्तर भारत के इलाकों में भी मजदूरों ने भारी संख्या में जुटकर अपनी गजब की एकता दिखाई।
केशव कुमार भट्टड़ • 18 मई 2026
जनसंघर्ष
कलकत्ता विश्वविद्यालय में 57% शिक्षकों के खाली पदों को भरने के लिए शिक्षकों का धरना
कलकत्ता विश्वविद्यालय के विभिन्न विभाग में शिक्षकों के सैकड़ों पद खाली पड़े हुए हैं.
rajiv4mkolkata@gmail.com • 09 अप्रैल 2026
ब्लॉग
‘अपने घेरे से बाहर: विचारों की रचनात्मक दुनिया के साथ’ - मोहम्मद सलीम
गीता या ग्रंथ साहिब नहीं, फांसी से ठीक पहले वे (भगत सिंह) लेनिन को पढ़ रहे थे। तो क्या भगत सिंह की देशभक्ति में कोई कमी थी? इतिहासकार बिपन चंद्र लिखते हैं कि विरोध में बॉम्बे के सभी सूती मिलों और रेल श्रमिकों की पूर्ण हड़ताल से शहर थम गया। सेना बुलाई गई। सड़कों पर 16 श्रमिक शहीद हुए और 50 घायल हुए। भारत में श्रमिकों की हड़ताल देखकर 'इन्फ्लेमेबल मटेरियल इन वर्ल्ड पॉलिटिक्स' लेख में व्लादिमीर लेनिन ने लिखा: 'इस बीच भारत में भी सर्वहारा जनता जागरूक राजनीतिक जनसंघर्ष खड़ा कर रही है। और इसके परिणामस्वरूप भारत में रूसी शैली के ब्रिटिश शासन की स्थिति भी दयनीय हो गई है।'
मोहम्मद सलीम • 25 अप्रैल 2026
राज्य
'लेफ्ट फॉर फ्यूचर' - बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों का एक आधुनिक मॉडल - केशव भट्टड़
पश्चिम बंगाल का राजनीतिक आकाश आज दो ध्रुवों — टीएमसी और भाजपा — के बीच आपसी वोट लाभ के लिए कुटिल योजना से फँसा दिया गया है। SIR , दबंगता, झूठ और पैसे के दम पर लोकतंत्र के अपहरण की पूरी तैयारी है।
एक तरफ है राज्य सत्ता की मशीनरी, परिवारवाद और भ्रष्टाचार की संस्कृति। दूसरी तरफ है केंद्र का SIR अटैक, सांप्रदायिक विभाजन, संस्थाओं पर नियंत्रण और विकास के नाम पर ध्रुवीकरण की राजनीति। दोनों ही दल पूंजीवादी-नवउदारवादी मॉडल पर टिके हुए हैं, जो आर्थिक असमानता को बढ़ावा देते हैं, पर्यावरण की उपेक्षा करते हैं और केवल मुनाफे को प्राथमिकता देते हैं। इन नीतियों के कारण किसान, मजदूर, छात्र, युवा और महिलाओं सहित आम नागरिकों की आवाज दब रही है, उनकी चिंताएं उपेक्षित हो रही हैं और उनके हितों को नुकसान पहुंच रहा है।
लेकिन लेफ्ट फ्रंट न तो केवल टीएमसी का विकल्प है और न ही केवल भाजपा का। यह उससे कहीं ज्यादा हैं।
लेफ्ट फ्रंट एक स्वतंत्र वैचारिक शक्ति है जो न सत्ता की लूट को बढ़ावा देती है और न ही धर्म के नाम पर समाज को बाँटती है। टीएमसी और भाजपा के भ्रष्टाचार तथा सांप्रदायिक कोलाहल से पूरी तरह अलग, लेफ्ट फ्रंट तीसरा रास्ता प्रस्तुत कर रहा है — लोकतंत्र, समानता और सामाजिक न्याय पर आधारित एक प्रगतिशील भविष्य का रास्ता, जिसका नाम है “लेफ्ट फॉर फ्यूचर”।
केशव कुमार भट्टड़ • 13 अप्रैल 2026
