पार्टी के पोलिटब्यूरो और केंद्रीय कमेटी के सदस्य के साथ एक युवा चेहरे को देखा गया
चुनाव आयोग के साथ द्विपक्षीय बैठक में: मोहम्मद सलीम,शमीक लाहिड़ी के साथ आफ्रीन बेगम की उपस्थिति का महत्व ।
🔵कोलकाता।आज न्यूटाउन के एक होटल में चुनाव आयोग की फुल बेंच के साथ पश्चिम बंगाल के राजनीतिक दलों के साथ द्विपक्षीय बैठकें आयोजित हुयी।
सी पी आई (एम )की ओर से पार्टी के पोलिटब्यूरो सदस्य पश्चिम बंगाल के सचिव मोहम्मद सलीम , केन्द्रीय कमेटी के सदस्य पूर्व सांसद शमीक लाहिड़ी के साथ युवाओं की प्रतिनिधि जादवपुर विश्वविद्यालय की छात्र नेता आफ्रीन बेगम ने चुनाव आयोग की फुल बेंच के साथ बैठक में हिस्सा लिया।
🔴बैठक से बाहर निकलकर मीडिया से बात करने के पहले मोहम्मद सलीम ने जिस तरह आफ्रीन को कैमरे के सामने आगे कर दिया,पाँच साल पहले की घटना याद आती है,जब नंदीग्राम की सी पी आई (एम)की उम्मीदवार मीनाक्षी मुखर्जी को साथ लेकर पार्टी के मुख्यालय में मोहम्मद सलीम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।प्रेस कॉन्फ्रेंस को पहले मीनाक्षी मुखर्जी ने सम्बोधित किया था।सी पी आई (एम) के इतिहास में यह अभूतपूर्व घटना घटी थी ,जब नयी पीढ़ी की प्रतिनिधि को पार्टी के पोलिटब्यूरो सदस्य के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करने का अवसर दिया गया था।
🔴मोहम्मद सलीम ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि शमीक लाहिड़ी और आफ्रीन के साथ उन्होंने चुनाव आयोग की फुल बेंच के साथ बैठक की। मोहम्मद सलीम ने याद दिलाया कि 18 साल में वोट देने के अधिकार की माँग सबसे पहले सी पी आई ( एम)ने की थी।आफ्रीन बेगम ने बैठक में युवाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए उनकी समस्याओं पर बात की।
🔵बंगाल का मीडिया अभी भी आफ्रीन बेगम की उपस्थिति पर हैरान है। मीडिया की जानकारी का एक नमूना है कि TV-9चैनल ने आफ्रीन बेगम को सी पी आई (एम )की राज्य कमेटी की सदस्य के साथ कलकत्ता हाईकोर्ट का वकील बताया।यह सूचना पूरी तरह से गलत है। आफ्रीन बेगम सी पी आई (एम)की राज्य कमेटी या जिला कमेटी की भी सदस्य नहीं हैं। जादवपुर विश्वविद्यालय में गीतश्री सरकार के बाद छात्र आंदोलन में आफ्रीन की पहचान एक संगठक के तौर पर रही है। जादवपुर विश्वविद्यालय से शोध कर रही आफ्रीन आर जी कर मेडिकल कॉलेज की घटना को ऐतिहासिक आंदोलन बनाने की अन्यतम संगठक रही हैं।
🔴मूलतः हुगली जिला से आनेवाली आफ्रीन इस समय कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में रहती हैं।यह वही इलाका है जहाँ पर सबसे ज्यादा उर्दू भाषी मध्यवर्ग और उच्च मध्य वर्ग निवास करता है। बंगाल की वामपंथी राजनीति में अल्पसंख्यक समुदाय की आधी आबादी से आफ्रीन बेगम पहली बांग्लाभाषी हैं जो अंग्रेजी के साथ हिंदी धाराप्रवाह बोलती हैं। पश्चिम बंगाल की वामपंथी राजनीति में बांग्लाभाषी आधी आबादी के मुस्लिम समुदाय से अभी तक राज्य स्तर पर कोई लोकप्रिय चेहरा नहीं है।
🔵चुनाव आयोग की बैठकों में अभी तक सी पी आई (एम) की ओर से किसी युवा को शामिल नहीं किया गया था।यह पहला मौका है जब पार्टी के पोलिटब्यूरो और केंद्रीय कमेटी के सदस्य के साथ एक युवा चेहरे को देखा गया।
आनेवाले समय में बंगाल की वामपंथी राजनीति में आफ्रीन बेगम की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। अखिल भारतीय स्तर पर पश्चिम बंगाल से अभी तक आधी आबादी से कोई मुस्लिम समुदाय का चेहरा लोकप्रिय नहीं हुआ है। बांग्ला, अंग्रेजी और हिंदी धाराप्रवाह बोलने के कारण पूरी संभावना है कि आफ्रीन बेगम अखिल भारतीय राजनीति में अपनी पहचान बना सकेंगी।
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चुनाव आयोग के साथ द्विपक्षीय बैठक में: मोहम्मद सलीम,शमीक लाहिड़ी के साथ आफ्रीन बेगम की उपस्थिति का महत्व - डॉ अशोक सिंह
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