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'इप्टा' पश्चिम बंगाल की राज्य सलाहकार समिति के वरिष्ठ सदस्य तरूण गुप्त का निधन

केशव कुमार भट्टड़•12 मई 20263 मिनट पठन115 बार पढ़ा गया
'इप्टा' पश्चिम बंगाल की राज्य सलाहकार समिति के वरिष्ठ सदस्य तरूण गुप्त का आज सुबह 9:35 बजे निधन हो गया। वह 82 वर्ष (जन्म:1944 , बिहार) के थे। वे पिछले कई महीनों से एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। लंबे उपचार के बाद,आज उन्होंने एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को दोपहर 1:30 बजे इप्टा राज्य समिति के कार्यालय (80, ए.जे.सी. बोस रोड, कोलकाता-14) में अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए रखा गया। वाममोर्चा के अध्यक्ष बीमान बसु ने उनके निधन पर गंभीर शोक और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की। साहित्य और संस्कृति जगत से जुड़े लोगों ने अपनी श्रद्धा ज्ञापित की।
'इप्टा' पश्चिम बंगाल की राज्य सलाहकार समिति के वरिष्ठ सदस्य तरूण गुप्त का निधन

प्रगतिशील सांस्कृतिक आंदोलन के संगठक कामरेड तरूण गुप्त को गणनाट्य संघ पश्चिम बंगाल राज्य कमेटी के कार्यालय में श्रद्धांजलि देते हुए सी पी आई (एम) की केंद्रीय कमेटी के सदस्य शमीक लाहिड़ी 

और गणनाट्य संघ के राज्य सचिव दिव्येंदु चट्टोपाध्याय।

. 

श्रद्धांजलि

'तरूण गुप्त' अमर रहें।

. 

'इप्टा' पश्चिम बंगाल की राज्य सलाहकार समिति के वरिष्ठ सदस्य तरूण गुप्त का आज सुबह 9:35 बजे निधन हो गया। वह 82 वर्ष (जन्म:1944 , बिहार) के थे। वे पिछले कई महीनों से एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। लंबे उपचार के बाद, आज उन्होंने एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को दोपहर 1:30 बजे इप्टा राज्य समिति के कार्यालय (80, ए.जे.सी. बोस रोड, कोलकाता-14) में 

अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए रखा गया। वाममोर्चा के अध्यक्ष बीमान बसु ने उनके निधन पर गंभीर शोक और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की। 

साहित्य और संस्कृति जगत से जुड़े लोगों ने अपनी श्रद्धा ज्ञापित की।

. 

 

सांस्कृतिक और संगठनात्मक सफर

शुरुआत: कॉलेज में अध्यापन के साथ-साथ, उन्होंने सत्तर के दशक में अविभाजित 24 परगना जिले में लोक कलाकार शाखा के माध्यम से अपने सांस्कृतिक सफर की शुरुआत की। दिवंगत  तरुण गुप्त अविभाजित 24 परगना जिले के सह-सचिव थे।

.

नेतृत्व: 1985 में पुरुलिया के 8वें राज्य सम्मेलन में वे राज्य समिति के सदस्य चुने गए। इसके बाद 1989 के बालुरघाट सम्मेलन में उन्हें राज्य सचिव मंडल का सदस्य बनाया गया।

. 

मार्गदर्शक: 2017 में कोलकाता के मोहित मैत्र मंच पर आयोजित 17वें राज्य सम्मेलन में, उन्होंने युवा पीढ़ी को आगे बढ़ाने की मिसाल पेश करते हुए स्वेच्छा से राज्य समिति छोड़ दी। तब से अपने अंतिम समय तक वे राज्य सलाहकार मंडल के सदस्य के रूप में मार्गदर्शन देते रहे।

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एक बहुमुखी व्यक्तित्व

तरूण गुप्त (1944-2026)। केवल एक कुशल संगठक ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन अभिनेता और गायक भी थे। संगठन को मजबूत आधार देने में उनकी भूमिका अग्रणी रही। कई नाट्य दलों और सांस्कृतिक संस्थाओं के साथ उनके गहरे जुड़ाव ने जन नाट्य आंदोलन (People's Theatre Movement) को विस्तार देने में महत्वपूर्ण सहायता की। 

.

हम उनकी पत्नी गीताली दी, पुत्र सायन और उनके पूरे परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। 

साथ ही, उनके संघर्ष के सभी साथियों  के प्रति भी हम अपनी गहरी सहानुभूति प्रकट करते हैं जिनके साथ उनकी स्मृतियों का एक लंबा सिलसिला जुड़ा है। उनका जाना वर्तमान सांस्कृतिक आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति है। 

भारतीय गण नाट्य संघ, पश्चिम बंगाल स्वर्गीय तरूण गुप्त के योगदान को हमेशा याद रखेगा।

'वाम की आवाज' और हम सब तरुण गुप्त के परिजनों और इप्टा परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं। 

.

तरूण गुप्त अमर रहें।

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.

स्रोत: शांतनु बनर्जी (बांग्ला भाषा में प्रकाशित 'देश हितैषी' पत्रिका के संपादक मंडल के सदस्य हैं।)

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*इप्टा - इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (अंग्रेजी), भारतीय गण  नाट्य संघ  (बंगाली), भारतीय जन नाट्य संघ (हिन्दी)

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'इप्टा' पश्चिम बंगाल की राज्य सलाहकार समिति के वरिष्ठ सदस्य तरूण गुप्त का निधन

प्रकाशित: 12 मई 2026 • 3 मिनट पठन

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