मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में
10 अगस्त को पूरे देश में
'जेल भरो'
राष्ट्रीय से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजदूर विरोधी नीतियों की निंदा करते हुए, दक्षिणपंथी फासीवादी शासकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की एक श्रृंखला शुरू करने का निर्णय नेशनल को-ऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स एंड एलायंस वर्कर्स यूनियन के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने लिया है। सोमवार को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में स्थित एम. बासवापुन्नैया विज्ञान केंद्र में आयोजित इस यूनियन की बैठक में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए श्रम कोड और रेहड़ी-पटरी वालों (हॉकर्स) को हटाए जाने के विरोध में आगामी 10 और 28 अगस्त को देशव्यापी विरोध कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

पश्चिम बंगाल सहित देश के सभी स्तरों पर मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा आज खतरे में है। श्रम कोड लागू करके केंद्र सरकार काम के अधिकार और कार्यस्थल पर सुरक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने से जुड़े मजदूरों के सभी हक और माँगों को दबाने का प्रयास कर रही है। अब पश्चिम बंगाल में हॉकरों को हटाकर गरीब लोगों के छोटे व्यवसाय के जरिए पेट पालने के अधिकार को छीन लिया गया है, और इस राज्य में भी भाजपा सरकार श्रम कोड को स्थायी रूप से लागू करने की कोशिश कर रही है। सोमवार की बैठक में पश्चिम बंगाल से उपस्थित संगठन के नेताओं, दिलीप दास और तपन घोषदस्तीदार ने राज्य के निजी सुरक्षा गार्डों की नौकरी की सुरक्षा की दयनीय स्थिति पर चर्चा की। इसके साथ ही, उपस्थित नेताओं ने क्यूबा पर अमेरिकी आर्थिक साम्राज्यवाद थोपे जाने की घटना की भी कड़ी आलोचना की।
बैठक में नेताओं द्वारा बताया गया कि इस स्थिति का मुकाबला करने के लिए आगामी 10 अगस्त को निजी क्षेत्र में कार्यरत सुरक्षाकर्मी देशव्यापी 'जेल भरो' आंदोलन करेंगे और 28 अगस्त को संगठन के स्थापना दिवस के अवसर पर सभी राज्यों और जिलों में 'अखिल भारतीय माँग दिवस' मनाया जाएगा। इसके साथ ही, सोमवार की बैठक में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आगामी 29 जुलाई को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में एक संयुक्त कन्वेंशन आयोजित करने की भी घोषणा की गई है। इस बैठक में संगठन के अखिल भारतीय संयोजक एम. साईबाबू ने संगठनात्मक और राजनीतिक रिपोर्ट पेश की। बैठक का संचालन जय प्रकाश और तपन घोषदस्तीदार ने किया।
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साभार: बांग्ला दैनिक गणशक्ति
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