नीट पेपर लीक का 'मास्टरमाइंड' निकला NTA का अधिकारी
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नीट (NEET) पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई (CBI) के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। जांचकर्ताओं के अनुसार, इस पूरे खेल का मुख्य आरोपी (किंगपिन) एक केमिस्ट्री का प्रोफेसर है, जो पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में एक महत्वपूर्ण पद पर तैनात रह चुका है।
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कौन है यह मास्टरमाइंड?
सीबीआई ने आरोपी की पहचान पीवी कुलकर्णी के रूप में की है। जांच में सामने आया है कि कुलकर्णी न केवल रसायन शास्त्र (Chemistry) के प्रोफेसर थे, बल्कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था 'एनटीए' के एक प्रभावशाली अधिकारी भी थे। इसी पद पर रहने के कारण प्रश्नपत्रों तक उनकी पहुँच आसान थी।
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कैसे फैलाया जाल?
समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) ने सीबीआई सूत्रों के हवाले से बताया कि:
- साजिश की शुरुआत: अप्रैल के आखिरी हफ्ते में पीवी कुलकर्णी ने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से कुछ परीक्षार्थियों से संपर्क साधा था।
- गिरफ्तारियाँ: इस मामले में गुरुवार तक जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
- पुलिस हिरासत: इनमें से पांच को कोर्ट में पेश कर सात दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि दो अन्य को पुणे कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है।
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कोचिंग की आड़ में खेल
- सीबीआई ने 14 मई को मनीषा वाघमारे को पुणे से गिरफ्तार किया था। वह अपने घर पर नीट परीक्षार्थियों के लिए स्पेशल कोचिंग क्लास चलाती थीं। जांच में पता चला है कि कोचिंग के दौरान छात्रों को हाथ से लिखे हुए प्रश्न और उनके सटीक उत्तर दिए गए थे। सीबीआई के मुताबिक, छात्रों की नोटबुक में मिले ये सवाल असली नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते हैं।
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देशभर में फैला नेटवर्क
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस गिरोह के सदस्य सबसे पहले महाराष्ट्र के नासिक में मिले थे। वहां से लीक पेपर की एक कॉपी हरियाणा भेजी गई, जहां प्रश्नों के पांच अलग-अलग सेट तैयार किए गए। इसके बाद ये सेट राजस्थान के जयपुर, जमवारामगढ़ और सीकर भेजे गए। अंततः, इन प्रश्नपत्रों को आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, उत्तराखंड, दिल्ली और बिहार जैसे राज्यों में फैला दिया गया।
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