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फुटबाल को राजनीतिक विमर्श में बदल रहे हैं न्यूयॉर्क के मेयर मामदानी

अपराजिता•10 जुलाई 20264 मिनट पठन26 बार पढ़ा गया

मामदानी ने फुटबॉल को न्यूयॉर्क के प्रवासी समाज की एकता के प्रतीक के रूप में पेश किया था। एक ऐसे समय में, जब प्रवासियों के खिलाफ नफरत भरे प्रचार और कड़े प्रशासनिक रुख को लेकर चिंताएं बढ़ रही थीं, उनका यह संदेश कई लोगों के दिलों में उम्मीद जगाने वाला साबित हुआ।

फुटबाल को राजनीतिक  विमर्श में बदल रहे हैं  न्यूयॉर्क के मेयर मामदानी

फुटबाल को राजनीतिक

विमर्श में बदल रहे हैं

न्यूयॉर्क के मेयर मामदानी

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प्रवासियों के शहर न्यूयॉर्क में फुटबॉल विभिन्न भाषाओं, जातियों और संस्कृतियों के लोगों को एक ही बंधन में जोड़ता है। इसी वास्तविकता को न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान मामदानी ने अपनी राजनीतिक भाषा के रूप में इस्तेमाल किया है। चुनाव प्रचार से लेकर मेयर पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद भी उन्होंने बार-बार यह समझाया है कि शहर की विविधता को ताकत में बदलना ही उनकी राजनीति का मुख्य लक्ष्य है।

पिछले साल के मेयर चुनाव से पहले कोनी आइलैंड के 'सॉकर फेस्ट' में मामदानी शौकिया फुटबॉलरों के साथ थे। वहाँ सुरक्षाकर्मी और शौकिया फुटबॉलर राफेल गोमेस शुरुआत में उन्हें पहचान ही नहीं पाए थे। काले सूट में एक व्यक्ति को फुटबॉल खेलते देखकर उन्हें लगा कि शायद वह कोई पेशेवर फुटबॉलर हैं। बाद में उन्हें पता चला कि वही मेयर पद के उम्मीदवार थे। राफेल के शब्दों में, "राजनीति में मेरी कोई खास दिलचस्पी नहीं थी। लेकिन टेलीविजन पर मामदानी का भाषण सुनने के बाद मेरी धारणा बदल गई।" मामदानी ने फुटबॉल को न्यूयॉर्क के प्रवासी समाज की एकता के प्रतीक के रूप में पेश किया था। एक ऐसे समय में, जब प्रवासियों के खिलाफ नफरत भरे प्रचार और कड़े प्रशासनिक रुख को लेकर चिंताएं बढ़ रही थीं, उनका यह संदेश कई लोगों के दिलों में उम्मीद जगाने वाला साबित हुआ।

बचपन से ही फुटबॉल के प्रति मामदानी का गहरा लगाव रहा है। परिवार के एक सदस्य के प्रभाव से वे आर्सेनल के प्रशंसक बन गए। स्कूली दिनों में वे नियमित रूप से फुटबॉल खेलते थे और टीम के कप्तान भी थे। पेशेवर फुटबॉलर बनने का सपना भले ही पूरा नहीं हुआ, लेकिन खेल से उनका नाता कभी नहीं टूटा। बाद में उन्होंने ब्रुकलिन की संडे लीग में एक डिफेंडर के रूप में खेला। उनके अपने शब्दों में, "फुटबॉल ने मुझे न्यूयॉर्क शहर के विस्तार और सुंदरता को नए सिरे से पहचानना सिखाया है।"

मेयर बनने के बाद भी यह रिश्ता अटूट है। मौका मिलते ही वे आम प्रशंसकों के साथ बैठकर मैच देखते हैं। चाहे आर्सेनल का मैच हो या न्यूयॉर्क निक्स का बास्केटबॉल—हर जगह उन्हें अन्य दर्शकों की तरह ही उत्साह व्यक्त करते हुए देखा जा सकता है। स्थानीय स्पोर्ट्स बार के एक कर्मचारी ने कहा, "मेयर बनने के बाद भी वे हममें से ही एक की तरह मैच देखते हैं।"

हालाँकि, मामदानी की लोकप्रियता का मुख्य कारण उनकी जन-उन्मुख प्रशासनिक पहल है। जब विश्व कप को लेकर कॉपोरेट मुनाफे का सवाल सामने आया, तो उन्होंने एक अलग रुख अपनाया। जब फीफा (FIFA) ने महंगे टिकटों को 'बाजार की हकीकत' बताकर सही ठहराने की कोशिश की, तब मामदानी ने न्यूयॉर्क के पांचों बोरो (Boroughs) के आम लोगों के लिए 50 डॉलर की कीमत पर एक हजार टिकटों की व्यवस्था की। भीषण गर्मी में दर्शकों के पानी की बोतल ले जाने पर लगे प्रतिबंध का भी उन्होंने खुलकर विरोध किया, जिसके बाद फीफा को अपना फैसला बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके अलावा, जब न्यू जर्सी ट्रांजिट ने मेटलाइफ स्टेडियम के लिए यात्रा किराया असामान्य रूप से बढ़ा दिया, तो उन्होंने गवर्नर कैथी होकुल के साथ मिलकर संयुक्त रूप से मात्र 20 डॉलर में शटल बस सेवा शुरू करवाई। इन कदमों से यह साफ होता है कि वे विश्व कप को केवल एक व्यावसायिक आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि जनता के उत्सव के रूप में देखना चाहते हैं।

खेल के मैदान के बाहर भी उनका राजनीतिक रुख बिल्कुल स्पष्ट है। विश्व कप के दौरान उन्होंने अमेरिकी संघीय प्रशासन (Federal Administration) की प्रवासी-विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना की। उनका कहना था कि विश्व कप दुनिया भर के लोगों के मिलन का उत्सव है। वहाँ प्रवासियों के खिलाफ डर, विभाजन और शत्रुता की राजनीति इस आयोजन की मूल भावना के पूरी तरह विपरीत है। न्यूयॉर्क जैसे बहुराष्ट्रीय और बहुसांस्कृतिक शहर में इस बयान के विशेष मायने हैं।

मामदानी के प्रयासों ने दिखाया है कि यदि राजनीतिक इच्छाशक्ति हो, तो खेल को वापस जनता को सौंपा जा सकता है। खेलकूद को केवल मनोरंजन के विषय के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक बहुलता और लोकतांत्रिक चेतना के माध्यम के रूप में भी देखा जा सकता है। यही कारण है कि न्यूयॉर्क के कई प्रवासियों के लिए मामदानी आज केवल एक सफल राजनेता नहीं हैं; बल्कि वे एक ऐसा राजनीतिक चेहरा हैं जो लोगों के जीवन, संस्कृति, सपनों और संघर्षों के साथ खुद को जोड़ने में सफल रहे हैं। फुटबॉल उनके लिए कोई चुनावी हथकंडा नहीं है, बल्कि लोगों के साथ संबंध बनाने की एक स्वाभाविक भाषा है; और इसी भाषा ने उन्हें न्यूयॉर्क के नए राजनीतिक परिदृश्य में एक अनूठी पहचान दिलाई है।

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साभार: बांग्ला दैनिक गणशक्ति

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प्रकाशित: 10 जुलाई 2026 • 4 मिनट पठन

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