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सरकारी हमलों के खिलाफ तेज होगा संघर्ष: मालदा में CITU राज्य काउंसिल की शुरुआत

केशव कुमार भट्टड़•14 जुलाई 20264 मिनट पठन40 बार पढ़ा गया

"हमें और अधिक तत्परता से वंचित और पीड़ित आबादी के साथ खड़ा होना होगा। व्यापक जनसमुदाय को संगठन के झंडे तले लाकर इस जनविरोधी व्यवस्था के खिलाफ लामबंद करना होगा।" यह आह्वान सोमवार को मालदा में सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) की 67वीं राज्य काउंसिल बैठक के उद्घाटन सत्र में किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए सीटू (CITU) पश्चिम बंगाल कमेटी के अध्यक्ष अनादि साहू और CITU पश्चिम बंगाल के सचिव जियाउल आलम ने कहा कि केंद्र की आरएसएस नियंत्रित भाजपा सरकार ने महज दो महीनों के भीतर ही आम मेहनतकश जनता पर चौतरफा हमले तेज कर दिए हैं। सीटू इन जनविरोधी नीतियों का सड़क पर उतरकर पुरजोर प्रतिरोध करेगी।

सरकारी हमलों के खिलाफ तेज होगा संघर्ष: मालदा में CITU राज्य काउंसिल की शुरुआत

सरकारी हमलों के खिलाफ तेज होगा मेहनतकशों का संघर्ष।

मालदा में CITU राज्य काउंसिल की शुरुआत

मालदा, पश्चिम बंगाल। 13 जुलाई। "हमें और अधिक तत्परता से वंचित और पीड़ित आबादी के साथ खड़ा होना होगा। व्यापक जनसमुदाय को संगठन के झंडे तले लाकर इस जनविरोधी व्यवस्था के खिलाफ लामबंद करना होगा।" यह आह्वान सोमवार को मालदा में सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) की 67वीं राज्य काउंसिल बैठक के उद्घाटन सत्र में किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए सीटू (CITU) पश्चिम बंगाल कमेटी के अध्यक्ष अनादि साहू और CITU पश्चिम बंगाल के सचिव जियाउल आलम ने कहा कि केंद्र की आरएसएस नियंत्रित भाजपा सरकार ने महज दो महीनों के भीतर ही आम मेहनतकश जनता पर चौतरफा हमले तेज कर दिए हैं। सीटू इन जनविरोधी नीतियों का सड़क पर उतरकर पुरजोर प्रतिरोध करेगी।

तानाशाही रवैया: आखिरी वक्त पर प्रशासन ने बदला हॉल

दो दिवसीय राज्य काउंसिल की यह महत्वपूर्ण बैठक मालदा कॉलेज ऑडिटोरियम के 'कॉमरेड सनाउल्लाह मंच' पर शुरू हुई। इस मंच का नामकरण दिवंगत कॉमरेड देवांजन चक्रवर्ती, कॉमरेड दीपक सरकार और कॉमरेड किंकर पोषाक की स्मृति में किया गया है, जबकि आयोजन स्थल का नाम 'कॉमरेड इंद्रजीत मित्रा और कॉमरेड तपन मंडल नगर' रखा गया है। उल्लेखनीय है कि यह बैठक पहले मालदा टाउन हॉल में होनी तय थी, लेकिन आखिरी वक्त पर जिला प्रशासन ने बहानेबाजी करते हुए अनुमति रद्द कर दी, जिसके बाद बैठक को सनाउल्लाह मंच पर स्थानांतरित करना पड़ा।

दमन और सांप्रदायिक फासीवाद के खिलाफ आर-पार की लड़ाई

बैठक की शुरुआत अध्यक्ष अनादि साहू द्वारा झंडा फहराने और शहीद वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई। सभा के संचालन के लिए अनादि साहू, समीर साहा, एस.एम. सादी, अलकेश दास, मधुमिता बनर्जी, दीपांकर चक्रवर्ती, निजामुद्दीन, प्रबीर मंडल, जी.के. श्रीवास्तव, प्रणब मजुमदार और असित सेन की एक अध्यक्षीय मंडली (प्रेसीडियम) का गठन किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए अनादि साहू ने कहा:

"देश की सत्ता पर बैठी सरकार पूरी तरह श्रमजीवी और आम जनता के हितों के खिलाफ काम कर रही है। सरकार सांप्रदायिक और फासीवादी तौर-तरीकों से चलाई जा रही है। जनता की आवाज को दबाने के लिए दमनकारी कानून थोपे जा रहे हैं और विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए केंद्रीय बलों का इस्तेमाल हो रहा है।" उन्होंने हाल ही में बारूईपुर में एक नाबालिग छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या की वीभत्स घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि यह प्रशासनिक तंत्र अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रहा है। पूरे राज्य में महिलाओं और नाबालिगों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं।


महंगाई, बुलडोज़र राज और बेदखली के खिलाफ सड़क पर उतरेगा सीटू

महंगाई के मोर्चे पर बोलते हुए अनादि साहू ने कहा कि आसमान छूती कीमतों ने मेहनतकशों का जीना मुहाल कर दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सक्रिय होकर इसके खिलाफ आंदोलन में कूदने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने ईरान और फिलिस्तीन पर अमेरिकी साम्राज्यवाद के हमलों की भी तीखी निंदा की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाली भाजपा अब सिर्फ 'बुलडोजर' और 'डबल इंजन' की धौंस दिखा रही है।

संगठनात्मक रिपोर्ट पेश करते हुए CITU पश्चिम बंगाल के सचिव जियाउल आलम ने कहा:

"जिस बदलाव की उम्मीद में सरकार बनी थी, महज दो महीनों में ही वह उम्मीद भारी हताशा में बदल गई है। सबसे पहला हमला श्रमजीवियों पर हुआ है। दुनिया भर में और हमारे देश में भी साम्राज्यवादी ताकतों की शह पर कॉरपोरेट घराने मेहनतकशों का शोषण कर रहे हैं।" उन्होंने सरकार द्वारा चलाए जा रहे उच्छेद (बेदखली) अभियान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि सालों से जो रेहड़ी-पटरी वाले (हॉकर्स) और गरीब लोग सरकारी जमीनों पर रहकर गुजारा कर रहे थे, उन्हें बिना किसी पुनर्वास के उजाड़ा जा रहा है। सीटू इन बेघर किए जा रहे लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों की लड़ाई को और तेज करेगी।


सोमवार को इस रिपोर्ट पर चर्चा शुरू हो चुकी है और यह काउंसिल अधिवेशन मंगलवार को भी जारी रहेगा।

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सरकारी हमलों के खिलाफ तेज होगा संघर्ष: मालदा में CITU राज्य काउंसिल की शुरुआत

प्रकाशित: 14 जुलाई 2026 • 4 मिनट पठन

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