बारूईपुर छात्रा बलात्कार और हत्याकांड के असली दोषियों को बचाने के लिए सीपीआई(एम) नेता लाहेक अली को झूठे मामले में फंसाकर गिरफ्तार करने के खिलाफ सोमवार को पूरे पश्चिम बंगाल में आक्रोश फूट पड़ा। राज्य के विभिन्न जिलों में विशाल विरोध रैलियां और सभाएं आयोजित की गईं, जिनमें लाहेक अली को बिना शर्त तुरंत रिहा करने की पुरजोर मांग की गई। वामपंथी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पुलिसिया दमन के जरिए जनता के गुस्से को दबाना चाहती है और अपराधियों को संरक्षण दे रही है।
सोमवार को उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा, बीजपुर-पानपुर, श्यामनगर, उत्तर बैरकपुर और बैरकपुर में सीपीआई(एम) के आह्वान पर विशाल विरोध रैलियां निकाली गईं। पश्चिम मेदिनीपुर के चाईपाटी, सोनाखाली, दासपुर, नाड़ाजोल और केशियाड़ी में तीखे विरोध प्रदर्शन हुए। हुगली जिले के श्रीरामपुर, डानकुनी और भद्रेश्वर में विरोध रैलियां निकाली गईं।
लाहेक अली की झूठी गिरफ्तारी के खिलाफ सड़क पर उतरा वामपंथ
बंगाल के कई जिलों में सीपीआई(एम) का जोरदार विरोध प्रदर्शन
कोलकाता, 13 जुलाई। बारूईपुर छात्रा बलात्कार और हत्याकांड के असली दोषियों को बचाने के लिए सीपीआई(एम) नेता लाहेक अली को झूठे मामले में फंसाकर गिरफ्तार करने के खिलाफ सोमवार को पूरे पश्चिम बंगाल में आक्रोश फूट पड़ा। राज्य के विभिन्न जिलों में विशाल विरोध रैलियां और सभाएं आयोजित की गईं, जिनमें लाहेक अली को बिना शर्त तुरंत रिहा करने की पुरजोर मांग की गई। वामपंथी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पुलिसिया दमन के जरिए जनता के गुस्से को दबाना चाहती है और अपराधियों को संरक्षण दे रही है।
दमन के खिलाफ गूंजे नारे
उत्तर 24 परगना: सोमवार को उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा, बीजपुर-पानपुर, श्यामनगर, उत्तर बैरकपुर और बैरकपुर में सीपीआई(एम) के आह्वान पर विशाल विरोध रैलियां निकाली गईं।
पश्चिम मेदिनीपुर: पश्चिम मेदिनीपुर के चाईपाटी, सोनाखाली, दासपुर, नाड़ाजोल और केशियाड़ी में तीखे विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि राज्य में कानून के नाम पर 'गुंडाराज' चलाया जा रहा है। वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए:
"बारूईपुर कांड में आधी रात को सीन री-क्रिएशन (घटना के पुनर्मूल्यांकन) के नाम पर पुलिस ने कथित एनकाउंटर किया। यह न्याय की हत्या है और असल दोषियों को बचाने की सोची-समझी साजिश है। क्या सरकार इस अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक कदम के जरिए अदालतों को बाईपास कर अपना तानाशाही राज कायम करना चाहती है?"
सभा में गोपालपुर, गोआलतोड़ और दांतन में महिलाओं के साथ हुई हालिया प्रताड़ना की घटनाओं का जिक्र करते हुए वक्ताओं ने सवाल उठाया कि गोआलतोड़ की घटना में शामिल भाजपा नेता के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इसके अलावा, 'अभया' के लिए न्याय की मांग और मुख्यमंत्री के पूर्व पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या की ठप पड़ी जांच को लेकर भी राज्य सरकार को घेरा गया।
हुगली: हुगली जिले के श्रीरामपुर, भद्रेश्वर, डानकुनी में सीपीआई(एम) की अगुवाई में मार्च निकाला गया। श्रीरामपुर में आयोजित मार्च में लाहेक अली की रिहाई की मांग के साथ-साथ पार्टी नेता तापस सिन्हा पर हुए कायरतापूर्ण हमले की भी कड़ी निंदा की गई।

स्रोत: बांग्ला दैनिक गणशक्ति। 14.07.2026
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