नौकरी गंवाने वाले 2016 के 'योग्य' शिक्षक व कर्मचारी एक बार फिर कोलकाता की सड़कों पर उतर आए हैं। मानसिक तनाव के कारण लगभग 10 शिक्षकों की मौत के बाद 'योग्य शिक्षक शिक्षिका अधिकार मंच' ने शोक मार्च निकाला। मंच ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को उनके चुनाव पूर्व वादे की याद दिलाते हुए सरकार से हस्तक्षेप करने, परिवारों की मदद करने और पिछले 15-16 महीनों से बिना वेतन काम कर रहे 'योग्य' कर्मचारियों को राहत देने की मांग की है।
एक बार फिर सड़कों पर उतरे SSC की नौकरी गंवाने वाले
कोलकाता, 3 अगस्त— पूर्व प्रतिपक्ष नेता शुभेंदु अधिकारी ने वादा किया था कि सभी योग्य नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों की नौकरी सुनिश्चित करने के लिए वे अदालत जाएंगे। चुनाव जीतकर वर्तमान में वे राज्य के मुख्यमंत्री हैं। इसके बावजूद 31 अगस्त के बाद कई योग्य शिक्षक नौकरी से हटा दिए गए हैं। मानसिक पीड़ा के कारण लगभग 10 'योग्य' नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों और शिक्षण कर्मचारियों की मृत्यु हो चुकी है। अब 2016 के SSC के नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को उनके वादे की याद दिलाई है। रविवार को सभी दिवंगत शिक्षक-शिक्षिकाओं के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए 'योग्य शिक्षक शिक्षिका अधिकार मंच' ने धर्मतला से शहीद मीनार तक शोक मार्च निकाला और शोक सभा का आयोजन किया।
लंबी लड़ाई और कानूनी संघर्ष के बाद भी नौकरी बचाना संभव नहीं हो सका। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि जो लोग धांधली की सूची में शामिल नहीं हैं, उन्हें नए सिरे से शिक्षक भर्ती परीक्षा देनी होगी। शिक्षा के हित में उन्हें 31 अगस्त तक शिक्षण कार्य जारी रखने की अनुमति भी दी गई थी। लेकिन 2025 की SSC की नई परीक्षा में कई 'योग्य' शिक्षक उत्तीर्ण नहीं हो सके। वहीं दूसरी ओर, नौकरी की समय-सीमा भी एक महीने में समाप्त हो रही है। परिणामस्वरूप, अपनी नौकरी सुनिश्चित करने के लिए 2016 के 'योग्य शिक्षक शिक्षिका अधिकार मंच' के सदस्य एक बार फिर सड़कों पर उतर आए हैं। रविवार के शोक मार्च में मृत शिक्षकों और कर्मचारियों के परिजन भी शामिल हुए। अधिकार मंच की सभा से मांग उठाई गई कि सरकार इन परिवारों के प्रति मानवीय रुख अपनाए। इसके साथ ही सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई, ताकि किसी और शिक्षक या कर्मचारी को मौत के मुँह में न जाना पड़े।
इस अवसर पर मंच के नेता चिन्मय मंडल ने मुख्यमंत्री को चुनाव से पहले किए गए उनके वादे की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उस समय कहा था कि भाजपा सरकार आने पर किसी भी 'योग्य' उम्मीदवार की नौकरी नहीं जाएगी और इसके लिए वे अदालत जाएंगे। हमें उम्मीद है कि सरकार अपना वह वादा पूरा करेगी। इसके साथ ही, जो योग्य शिक्षण कर्मचारी पिछले 15-16 महीनों से बिना वेतन के हैं, उन्हें भी इस दयनीय स्थिति से उबारा जाए।
साभार: बांग्ला दैनिक गणशक्ति। 3 अगस्त 2026
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