एक बुलडोजर
जो प्रतीक है विध्वंस का
जबकि
एक किताब
जो प्रतीक है
सभ्यता का, क्रांति का
तुम किताब का मुकाबला
बुलडोजर से करोगे?
जन समाचार मंच
एक बुलडोजर
जो प्रतीक है विध्वंस का
जबकि
एक किताब
जो प्रतीक है
सभ्यता का, क्रांति का
तुम किताब का मुकाबला
बुलडोजर से करोगे?

मार्क्स मरने से पहले
लिख रहे थे एक किताब
भगत सिंह
अपनी फाँसी से पहले
पढ़ रहे थे एक किताब
लेकिन
मरने से ठीक पहले
हिटलर के हाथ में थी
एक रिवॉल्वर
गोली मार ली थी
उसने खुदको
रिवॉल्वर
जो प्रतीक है विनाश का
एक बुलडोजर
जो प्रतीक है विध्वंस का
जबकि
एक किताब
जो प्रतीक है
सभ्यता का, क्रांति का
तुम किताब का मुकाबला
बुलडोजर से करोगे?
अरे छोड़ो भी
हिटलर बनोगे
तो हिटलर की तरह मरोगे!
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प्रकाशित: 25 अक्टूबर 2026 • 1 मिनट पठन

जाधवपुर के 8बी बस स्टैंड पर जब बुलडोज़र और कचरा ढोने वाली कॉरपोरेशन की गाड़ियाँ किताबों को कचरे की तरह फेंकने के लिए लाई गईं, जब सैकड़ों पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात कर बुकस्टॉल तोड़ने का षड्यंत्र रचा गया, तब आम लोग और वामपंथी सीना ताने बुलडोज़र के सामने खड़े हो गए। लाल झंडे की उस लौह-कठिन बाधा के सामने प्रशासन और उसके बुलडोज़र को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। लोगों के सम्मिलित प्रतिरोध के सामने फासीवाद की हेकड़ी चूर-चूर हो गई।
24 अक्टूबर 2026

सीपीआई(एम) के पूर्णकालीन कार्यकर्ता और दमदम के रहने वाले बिपुल दा की यह तस्वीर नागरबाज़ार में सीपीआई(एम) की किताबों की दुकान पर हमले की घटना में 'वायरल' हुई थी। इलाके में 'बुजुदा' के नाम से मशहूर बिपुल दासगुप्ता, किताब फेंकने वाले नौजवानों से गुज़ारिश कर रहे थे।
24 अक्टूबर 2026

कि उसे पढ़कर
उनके झूठे इतिहास के
चिथड़े उड़ जायेंगे
वे डरते है किताबों से
कि उनके फ़रेब का
भांडा फूट जाएगा
20 अक्टूबर 2026

रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने स्पष्टत: कहा कि राममोहन राय ने भारत में आधुनिक युग का उद्घाटन किया, आज के विश्वजनीन सहयोग के जमाने की मानवता में हमारी दीक्षा उन्होंने ही सम्पन्न किया।
श्रेया जायसवाल • 22 मई 2026

भक्ति-आन्दोलन का जनसाधारण पर जितना व्यापक प्रभाव हुआ उतना किसी अन्य आन्दोलन का नहीं। पहली बार शूद्रों ने अपने सन्त पैदा किये, अपना साहित्य और अपने गीत सृजित किये। कबीर, रैदास, नाभा सिपी, सेना नाई, आदि-आदि महापुरुषों ने ईश्वर के नाम पर जातिवाद के विरुद्ध आवाज बुलन्द की। समाज के न्यस्त स्वार्थवादी वर्ग के विरुद्ध नया विचारवाद अवश्यम्भावी था , वह हुआ।
अपराजिता • 30 जुलाई 2026

जो लोग/
गाली से भी बदतर हैं/
उन्हें शिकायत है/
कि लड़कियां/
गाली दे रही हैं।
दरअसल/
लड़कियां/
वह सब कुछ/
सूद समेत लौटा रही हैं।
राजीव कुमार पाण्डेय • 29 अगस्त 2026
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