बंगाल आज अराजकता के अंधकार में कैद है। एक ओर लूट का राज चल रहा है, तो दूसरी ओर नफरत और अविश्वास का जहर फैलाया जा रहा है। आम आदमी की जेब खाली हो रही है, जबकि सत्ताधारी दल सत्ता के अहंकार और लूट के पैसे से फल-फूल रहा है। रोजगार, सरकारी शिक्षा व्यवस्था, सरकारी स्वास्थ्य सेवा, किसानों की फसल की कीमत, मजदूरों की मजदूरी, खेतिहर मजदूरों का काम और महिलाओं का सम्मान—आज कुछ भी सुरक्षित नहीं है। जनता की वास्तविक पीड़ा, यानी उनकी असली समस्याओं को जाति, धर्म और भाषा के नाम पर विभाजन की राजनीति से दबाया जा रहा है।
चोर और दंगाई—दोनों आज एकजुट हैं। इसलिए हमारी लड़ाई भी एकजुट होनी चाहिए। हम लड़ रहे हैं फसल के दाम के लिए, हम लड़ रहे हैं रोजगार की मांग के लिए।
मध्यम वर्ग से लेकर गरीब तक—सभी के अधिकार वापस दिलाने होंगे। विभाजन नहीं, हमें काम और अन्न चाहिए। बंगाल के सौहार्द और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए आज मैदान में उतरें!
यह नव-फासीवादी और तानाशाही आक्रमण एक-दूसरे के पूरक हैं। इनके खिलाफ लड़ाई वास्तव में लोकतंत्र, रोजगार, शिक्षा, आवास, मजदूरी, फसल के उचित दाम और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। यह लड़ाई किसान-मजदूर-छात्र-युवा-महिलाओं सहित सभी निम्न और मध्यम वर्गीय लोगों के अधिकारों और भाईचारा को बचाने की लड़ाई है। इसलिए आज सभी लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील शक्तियों के एकजुट संघर्ष की आवश्यकता है, ताकि बंगाल की जनता फिर से अपने अधिकार पा सके और विभाजन की राजनीति को परास्त किया जा सके।
बंगाल बचाने की इस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए वामपंथी, लोकतांत्रिक ,धर्मनिरपेक्ष शक्तियों की ओर से यह विकल्प घोषणापत्र राज्य की जनता के सामने पेश किया जा रहा है। अंधकार में डूबे हमारे प्रिय बंगाल में _अब रोशनी लाने की लड़ाई शुरू हो।
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सबका बंगाल, सबके अधिकार
रोजगार के अवसर, सामाजिक सुरक्षा और आधुनिक जीवन की सभी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। बंगाल की मेधा (प्रतिभा) विश्वविजेता है, लेकिन बंगाल के लोग आज रोजगार के अभाव में राज्य से बाहर जाने को मजबूर हो रहे हैं।
हमारा लक्ष्य एक ऐसा पश्चिम बंगाल बनाना है, जहाँ धर्म, जाति और लिंग के भेदभाव के बिना हर व्यक्ति की पहचान उसके काम से होगी।
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बंगाल के पुनर्जागरण में आप भी एक महत्वपूर्ण भागीदार हैं। मानव कल्याण के उज्ज्वल सपने को पूरा करने का एकमात्र मार्ग वामपंथ का पुनरुत्थान है। हम चाहते हैं कि विभाजन, द्वेष और नफरत की राजनीति की हार हो; जनता की एकता और मानवता की राजनीति मजबूत हो। हिंसा, घृणा, विभाजन और लूट-तंत्र के खिलाफ हमारी लड़ाई अडिग रहेगी; क्योंकि हमारा विश्वास है कि केवल एकता और न्याय के पथ पर ही वास्तविक जन-कल्याण संभव है।
राज्य की इस अराजक स्थिति को समाप्त करने के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को पराजित करने के साथ-साथ भाजपा को भी रोकना होगा। वामपंथी, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष शक्तियों के विकल्प को विजयी बनाना होगा। वाम मोर्चा और सहयोगी इंडियन सेकुलर फ्रंट, सीपीआई (एम-एल) लिबरेशन और पश्चिम बंगाल सोशलिस्ट पार्टी के सभी उम्मीदवारों को विजयी बनाएं। वामपंथ के पुनर्जागरण के पथ पर वामपंथी-लोकतांत्रिक-धर्मनिरपेक्ष शक्तियों की 'जनता की सरकार' का निर्माण करें।
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हम इस राज्य में शांति, भाईचारा, रोजगार का अधिकार और सम्मानजनक जीवन को प्रतिष्ठित करेंगे।यह हमारा संकल्प है।
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बंगाल बचाने के लिए
वामपंथी लोकतांत्रिक धर्मनिरपेक्ष शक्तियों का विकल्प घोषणापत्र
विधानसभा चुनाव – 2026
बंगाल आज अराजकता के अंधकार में कैद है। एक ओर लूट का राज चल रहा है, तो दूसरी ओर नफरत और अविश्वास का जहर फैलाया जा रहा है। आम आदमी की जेब खाली हो रही है, जबकि सत्ताधारी दल सत्ता के अहंकार और लूट के पैसे से फल-फूल रहा है। रोजगार, सरकारी शिक्षा व्यवस्था, सरकारी स्वास्थ्य सेवा, किसानों की फसल की कीमत, मजदूरों की मजदूरी, खेतिहर मजदूरों का काम और महिलाओं का सम्मान—आज कुछ भी सुरक्षित नहीं है। जनता की वास्तविक पीड़ा, यानी उनकी असली समस्याओं को जाति, धर्म और भाषा के नाम पर विभाजन की राजनीति से दबाया जा रहा है।
चोर और दंगाई—दोनों आज एकजुट हैं। इसलिए हमारी लड़ाई भी एकजुट होनी चाहिए। हम लड़ रहे हैं फसल के दाम के लिए, हम लड़ रहे हैं रोजगार की मांग के लिए।
मध्यम वर्ग से लेकर गरीब तक—सभी के अधिकार वापस दिलाने होंगे। विभाजन नहीं, हमें काम और अन्न चाहिए। बंगाल के सौहार्द और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए आज मैदान में उतरें!
यह नव-फासीवादी और तानाशाही आक्रमण एक-दूसरे के पूरक हैं। इनके खिलाफ लड़ाई वास्तव में लोकतंत्र, रोजगार, शिक्षा, आवास, मजदूरी, फसल के उचित दाम और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। यह लड़ाई किसान-मजदूर-छात्र-युवा-महिलाओं सहित सभी निम्न और मध्यम वर्गीय लोगों के अधिकारों और भाईचारा को बचाने की लड़ाई है। इसलिए आज सभी लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील शक्तियों के एकजुट संघर्ष की आवश्यकता है, ताकि बंगाल की जनता फिर से अपने अधिकार पा सके और विभाजन की राजनीति को परास्त किया जा सके।
बंगाल बचाने की इस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए वामपंथी, लोकतांत्रिक ,धर्मनिरपेक्ष शक्तियों की ओर से यह विकल्प घोषणापत्र राज्य की जनता के सामने पेश किया जा रहा है। अंधकार में डूबे हमारे प्रिय बंगाल में _अब रोशनी लाने की लड़ाई शुरू हो।
सबका बंगाल, सबके अधिकार
रोजगार के अवसर, सामाजिक सुरक्षा और आधुनिक जीवन की सभी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। बंगाल की मेधा (प्रतिभा) विश्वविजेता है, लेकिन बंगाल के लोग आज रोजगार के अभाव में राज्य से बाहर जाने को मजबूर हो रहे हैं।
हमारा लक्ष्य एक ऐसा पश्चिम बंगाल बनाना है, जहाँ धर्म, जाति और लिंग के भेदभाव के बिना हर व्यक्ति की पहचान उसके काम से होगी।
हम बनायेंगे एक ऐसा बंगाल जहाँ:
. प्रत्येक परिवार में कम से कम एक स्थायी नौकरी होगी।
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.जहाँ उद्योग, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य एक साथ आगे बढ़ेंगे,
.जहाँ शांति, भाईचारा, लोकतंत्र और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन होगा।
1.रोजगार और अर्थव्यवस्था
5 साल का लक्ष्य
• 40 लाख स्थायी रोजगार।
• 25 लाख उद्योग और लॉजिस्टिक सेवाओं में कार्य।
• 20 लाख ग्रामीण रोजगार।
• 15 लाख तकनीक आधारित नौकरियाँ।
हर परिवार, एक रोजगार
• प्रत्येक आय-विहीन परिवार के कम से कम 1 सदस्य को रोजगार और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
• एक पारदर्शी भर्ती प्रणाली विकसित की जाएगी।
• 5 वर्षों के भीतर सभी सरकारी खाली पदों को भरा जाएगा।
• प्रत्येक पंजीकृत बेरोजगार को कम से कम 2 नौकरियों के अवसर (Call) दिए जाँएंगे।
युवा शक्ति - 'नेताजी सुभाष युवा सेवक परियोजना'
• युवाओं को समाज सेवा, उत्पादनोन्मुखी और विकासामूलकक कामों में नियुक्त किया जाएगा। उनका मासिक भत्ता 2000 रुपये होगा। 'कर्मभूमि पोर्टल' के माध्यम से प्रशिक्षण के बाद उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे।
• ग्रामीण और शहरी रोजगार
• गाँवों में 200 दिन का काम और शहरों में 120 दिन का काम तथा 600 रुपये मजदूरी की गारंटी दी जाएगी।
• शहरी गरीबों के लिए विशेष रोजगार योजनाएँ बनाई जाएंगी।
• स्वरोजगार के लिए आसान शर्तों पर ऋण की व्यवस्था की जाएगी।
2. उद्योग, निवेश और वाणिज्य
उद्योग पुनरुद्धार
• जूट, चाय, चमड़ा, इंजीनियरिंग, हथकरघा और रेशम उद्योगों का आधुनिकीकरण करके उन्हें पुनर्जीवित किया जाएगा।
• बंद पड़ी फैक्ट्रियों और चाय बागानों को फिर से चालू करने की पहल की जाएगी।
• भारी और मध्यम उद्योगों को वापस लाने के प्रयास किए जाएंगे।
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एमएसएमई (MSME) और कुटीर उद्योग
• आसान ऋण व्यवस्था और विपणन (Marketing) में सहायता प्रदान की जाएगी।
• लघु और कुटीर उद्योगों में देश में प्रथम स्थान पुनः प्राप्त किया जाएगा।
• आईटी और अत्याधुनिक तकनीक आधारित उद्योग
• हमारा लक्ष्य: नए सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर पार्क बनाना और बाहर चले गए उद्योगों को वापस लाना।
जिला आधारित औद्योगीकरण
• प्रत्येक जिले में औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Estates) विकसित किए जाएंगे।
• कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
कॉर्पोरेट नीति
• बंगाल में मुख्यालय होने पर सरकारी निविदाओं (Tenders) में प्राथमिकता दी जाएगी।
• विकास बॉन्ड (Development Bonds) के माध्यम से आम जनता के निवेश से बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा।
• नए उद्योग स्थापित करने के लिए 'सिंगल विंडो पॉलिसी' वापस लाई जाएगी।
3. लॉजिस्टिक्स और विश्व व्यापार (Gateway Strategy)
• बंगाल दक्षिण-पूर्वी एशिया का 'व्यापार प्रवेश द्वार' बनेगा।
• दुर्गापुर में अंतर्राष्ट्रीय विमान कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब (Aero-Logistics Hub) बनाया जाएगा।
• कोल्ड स्टोरेज और गोदामों (Logistics Hub) का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
• प्रत्येक ब्लॉक में स्मार्ट बाजार और आधुनिक हाट का निर्माण किया जाएगा।
4. तकनीक और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था
• नए स्टार्टअप (Start-up) और अनुसंधान केंद्रों की सुविधा के लिए 'बी-हब' (Bengal Hub) बनाया जाएगा।
• पेटेंट (IPR) प्राप्त करने के लिए विशेष सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
• औषधि उद्योग के विकास के लिए आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय फार्मास्युटिकल और एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (API) केंद्र बनाया जाएगा।
• यदि कोई नया स्टार्टअप (Start-up) विफल होता है, तो उसका 50 प्रतिशत ऋण माफ किया जाएगा।
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5. कृषि और ग्रामीण विकास
किसान सुरक्षा
• स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार 16 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागत का डेढ़ गुना किया जाएगा।
• बिचौलियों और दलालों से मुक्त खरीद एवं विपणन प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए पंचायत स्तर पर कई कृषि सहकारिता (Cooperatives) बनाई जाएंगी।
• आधुनिक कृषि-विविधता आधारित खेती के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएंगी।
• लघु सिंचाई परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
• सूखा प्रभावित जिलों में जल संरक्षण के लिए विशेष प्रोत्साहन भत्ता दिया जाएगा।
• किसान सहकारिता के माध्यम से किसानों को सस्ते दर पर मशीनरी किराये पर उपलब्ध कराई जाएगी।
• छोटे और सीमांत किसानों के लिए सस्ते दर पर उन्नत बीज उपलब्ध कराया जाएगा।
कृषि बुनियादी ढांचा
• सरकारी, संयुक्त पहल और कृषि सहकारिता समितियों के माध्यम से ब्लॉक स्तर पर कोल्ड स्टोरेज और गोदाम बनाए जाएंगे।
• किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मजबूत बनाया जाएगा।
कृषि क्षेत्र में पुनर्जागरण (Agro-Renaissance)
• सहकारिता स्वामित्व के तहत आधुनिक राइस मिलें स्थापित की जाएंगी।
• स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से ग्रामीण महिला किसानों की आय बढ़ाने की पहल की जाएगी।
• ग्रामीण और सहकारी बैंकों में सुधार कर आसान शर्तों पर कृषि ऋण की व्यवस्था की जाएगी। सहकारी बैंकों का संचालन लोकतांत्रिक चुनावों के माध्यम से होगा। यह कार्य नाबार्ड (NABARD) के सहयोग से और भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार किया जाएगा।
• अवैध माइक्रो-फाइनेंस संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
6. श्रमिक अधिकार और सामाजिक सुरक्षा
• दैनिक न्यूनतम मजदूरी 700 रुपये की जाएगी।
• सभी ऐप-आधारित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शामिल किया जाएगा।
• लिंग भेद के बिना, सभी श्रमिकों के लिए 'समान काम के लिए समान वेतन' की व्यवस्था लागू की जाएगी।
• ट्रेड यूनियन के अधिकारों को सुनिश्चित किया जाएगा।
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• केंद्र सरकार के 4 श्रम कोड (Labour Codes) का अनुसरण करने वाले किसी भी श्रमिक विरोधी कानून को राज्य में लागू नहीं होने दिया जाएगा।
• बंद पड़े उद्योगों के श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए 'बंद के समय भत्ता' (closure allowance) की व्यवस्था की जाएगी।
7. आय सुरक्षा और जन कल्याण
• आसान ऋण के आधार पर 'स्वयं-निर्भर आय परियोजना' विकसित की जाएगी।
• वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष 'स्वास्थ्य सेवा' परियोजना शुरू की जाएगी।
• कामकाजी महिला श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए 'क्रेच' (शिशुगृह) बनाए जाएंगे।
• सभी श्रमिकों को ईएसआई (ESI) और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से जन स्वास्थ्य विकास परियोजनाओं के दायरे में लाया जाएगा।
परियोजना कर्मी (Scheme Workers)
• सभी परियोजना कर्मियों (आशा, आंगनबाड़ी आदि) को स्थायी कर उन्हें 'कर्मी' के रूप में मान्यता दी जाएगी।
• उन्हें पेंशन, पीएफ (PF) और ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाएगा।
• राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी प्रदान की जाएगी।
• आशा (ASHA) कर्मियों को उचित वेतन, निर्धारित अवकाश और मेडिकल छुट्टी दी जाएगी।
• मिड-डे मील कर्मियों को पूरे बारह महीने का वेतन दिया जाएगा।
8. शिक्षा
• राज्य बजट का 20 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए आवंटित किया जाएगा।
• स्नातक (Graduation) स्तर तक की ट्यूशन फीस माफ की जाएगी।
• विद्यालय, मदरसा और कॉलेज स्तर पर विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा।
• विद्यालय, मदरसा और कॉलेज स्तर पर चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट क्लासरूम बनाए जाएंगे।
• व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) पर बल दिया जाएगा और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी।
• प्रत्येक शिक्षण संस्थान में शारीरिक व्यायाम, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Science Temper) विकसित करना अनिवार्य किया जाएगा।
• एसएससी (SSC), पीएससी (PSC), सीएससी (CSC) और मदरसा सर्विस कमीशन के माध्यम से पारदर्शी तरीके से शिक्षकों के सभी रिक्त पदों पर क्रमिक नियुक्ति की जाएगी।
• इसी प्रकार विश्वविद्यालयों सहित सभी संस्थानों में पारदर्शी प्रक्रिया के साथ रिक्त पदों को भरा जाएगा।
• सभी स्तरों के अंशकालिक (Para-teachers) और अस्थायी शिक्षकों को उचित वेतन दिया जाएगा।
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• शिक्षण संस्थानों को असामाजिक तत्वों और आतंक से मुक्त किया जाएगा।
• कॉलेज, विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा के सभी क्षेत्रों में छात्र संघ के नियमित चुनाव सुनिश्चित किए जाएंगे।
• शिक्षा के सभी स्तरों पर लोकतांत्रिक अधिकारों को स्थापित किया जाएगा। देश के संविधान के विरुद्ध किसी भी पाठ्यक्रम को किसी भी शिक्षण संस्थान में शामिल नहीं किया जाएगा। इस मामले में सरकार सख्त रुख अपनाएगी।
पुस्तकालय
• सरकारी पुस्तकालयों को पुनर्जीवित किया जाएगा और रिक्त पदों पर पारदर्शिता के साथ पुस्तकालयाध्यक्षों (Librarians) की नियुक्ति की जाएगी।
• पुस्तकालयों का आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण किया जाएगा।
• पुस्तकालयों को सूचना भंडार, कैरियर प्रशिक्षण और सरकारी व्यवस्था के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।
9. स्वास्थ्य सेवाएँ
• राज्य बजट का (10%) स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के लिए आवंटित किया जाएगा।
• अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में पारदर्शिता के साथ सभी रिक्त पदों को क्रमिक रूप से भरा जाएगा।
• पहाड़ में नया मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा।
• प्रत्येक जिले में चरणबद्ध तरीके से एक मेडिकल कॉलेज और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक थेनर्सिंग कॉलेज बनाया जाएगा।
• प्रत्येक सब-डिवीजन (अनुमंडल) में पैरामेडिकल प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए जाएंगे।
• सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्थामें आमूलचूल सुधार किया जाएगा ताकि सभी लोगों को अच्छी चिकित्सा मिल सके।
• सरकारी और संयुक्त उपक्रमों के माध्यम से नए मेडिकल कॉलेज और कम लागत वाले मल्टी-स्पेशलिटी (Multi-speciality) अस्पताल बनाए जाएंगे।
• प्रत्येक ब्लॉक में संयुक्त प्रयास से 'कम्युनिटी क्लिनिक' बनाए जाएंगे।
• सरकारी अस्पतालों में कम दाम पर इलाज कराने, दवाएं खरीदने और सभी प्रकार की जांच कराने का अधिकार सभी को होगा।
• जेनरेटिव केयर (Generative Care) सेवाएँ शुरू की जाएंगी और स्वास्थ्य कर्मियों के सभी रिक्त पदों पर पारदर्शी तरीके से नियुक्ति होगी।
• मानसिक स्वास्थ्य को 'व्यावसायिक स्वास्थ्य' (Occupational Health) के एक अभिन्न और महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में मान्यता दी जाएगी।
• मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम (Mental Health Care Act) को पूर्ण और प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।
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वरिष्ठ नागरिकों के लिए
• जेरियाट्रिक केयर होम (Geriatric Care): वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रत्येक अनुमंडल (Sub-division) में सरकारी और संयुक्त प्रयास से आधुनिक और सुव्यवस्थित वरिष्ठ नागरिक आवास बनाएँ जाएंगे। यहाँ पर प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए एक 24x7 हेल्पलाइन बनायी जाएगी।
• वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए बैंक, डाकघर, नगर पालिका, पंचायत और अन्य सरकारी कार्यालयों में विभिन्न कामों में उनके लिए हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे ।
• नगर पालिका या पंचायत स्तर पर 'केयर सेंटर' बनाए जाएंगे। इनका मुख्य उद्देश्य अकेले रहने वाले बुजुर्गों से नियमित संपर्क रखना, उनके दैनिक कार्यों में मदद करना, समस्याओं का समाधान करना और स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करना होगा। बुजुर्गों का अकेलापन दूर करने और उनके जीवन में खुशहाली लाने के लिए सामाजिक संगठनों को भी इस पहल से जोड़ा जाएगा।
• सभी निर्धन वरिष्ठ नागरिकों को 6,000 रुपये मासिक वृद्धावस्था भत्ता दी जाएगी
10. बिजली, शहरीकरण, आवास, सड़क और परिवहन सुधार
• बिजली शुल्क में कटौती: सामान्य और निम्न-मध्यम वर्ग के लोगों के लिए बिजली की दरों में कमी की जाएगी और बिजली आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाएगी।
• प्रीपेड डायनेमिक स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद की जाएगी। जो लोग आयकर दाता (Income tax payers) नहीं हैं, उन्हें 100 यूनिट तक बिजली पूरी तरह मुफ्त दी जाएगी और 200 यूनिट तक बिजली के उपयोग पर बिल आधा (50%) देना होगा।
• निम्न वर्ग और निम्न-मध्यम वर्ग के लिए किफायती मूल्य पर सरकारी आवास परियोजनाओं का विस्तार किया जाएगा।
• गैर-सरकारी आवास के क्षेत्र में प्रमोटर, डेवलपर और सिंडिकेटराज के उत्पीड़न से नागरिकों को बचाने के लिए स्वायत्त निकायों (Autonomous bodies) को पारदर्शी नियंत्रण प्रणाली लागू करने की शक्ति दी जाएगी।
• राज्य में नदी के कटाव को रोकने के लिए प्रभावी कार्यक्रम लागू किए जाएंगे। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार से विशेष योजना और आर्थिक पैकेज की मांग की जाएगी।
• जनता की मांग और आवश्यकता के अनुसार नदी पार करने के लिए नए पुलों का निर्माण किया जाएगा।
• इंजीनियरों और योजनाकारों (Planners) के लिए पेशेवर मान्यता प्राप्त संस्थाओं के परामर्श से एक 'केंद्रीय पंजीकरण प्रणाली' (Central Registration System) विकसित की जाएगी।
• परिवहन सुधार: राज्य परिवहन निगमों (WBTC, NBSTC, SBSTC, WBSTC आदि) को आधुनिक प्रदूषण मुक्त बसों और बेहतर सेवाओं के माध्यम से लाभप्रद और जनमुखी बनाया जाएगा।
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• सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आम यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप पूरी तरह से पुनर्गठित (Restructure) किया जाएगा।
• सड़क निर्माण और गुणवत्ता: सड़कों के निर्माण के लिए 'गुणवत्ता नियंत्रण बोर्ड' (Quality Control Board) का गठन किया जाएगा। बार-बार सड़कों की खुदाई रोकने के लिए 'यूटिलिटी डक्ट' (Utility Duct) की व्यवस्था की जाएगी और ठेकेदारी प्रथा में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
• आधुनिक ट्रैफिक सिग्नलिंग और महत्वपूर्ण मोड़ों पर सीसीटीवी (CCTV) निगरानी की जाएगी। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में तुरंत उपचार के लिए 'हाइवे ट्रॉमा केयर सेंटर' स्थापित किए जाएंगे।
• शहरी क्षेत्रों में यातायात की गति बढ़ाने के लिए आधुनिक फ्लाईओवर, रिंग-रोड और लिंक ब्रिज का निर्माण किया जाएगा।
• राज्य के सभी गांवों में पक्की सड़कें बनाई जाएंगी और उन्हें मुख्य सड़कों से जोड़ा जाएगा।
• पैदल चलने वालों के अधिकारों को बहाल करने, शहरों को जाम मुक्त बनाने और हॉकरों के लिए वैज्ञानिक 'वेंडिंग ज़ोन' व पुनर्वास नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
• कहीं भी बस्तियों को उजाड़ा नहीं जाएगा। यदि जनहित में किसी विशेष विकास कार्यक्रम के लिए बस्ती को हटाना अनिवार्य होता है, तो उचित पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था की जाएगी। पुनर्वास योजना को विकास परियोजना का ही हिस्सा बनाया जाएगा।
• जो लोग 20 वर्षों से अधिक समय से बस्तियों में रह रहे हैं, उन्हें 'ऑक्यूपेशन टैक्स' देकर उसी स्थान पर रहने की अनुमति दी जाएगी।
• नगर निगम/नगर पालिका के बजट का 25% हिस्सा बस्तियों के विकास पर खर्च किया जाएगा।
• बस्तीवासियों और शहर के गरीब लोगों के लिए विशेष आवास योजनाएं शुरू की जाएंगी।
• मुफ्त बिजली: बस्तीवासियों और गरीब परिवारों के लिए 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाएगी।
• गरीब लोगों के आवास के लिए सरकार विशेष परियोजना बनाएगी। अगले 5 वर्षों के भीतर बहुसंख्यक गरीब आबादी को अपना आवास की योजना के दायरे में लाया जाएगा।
11. जल, स्वच्छता और शहरी विकास
• अगले 3 वर्षों के भीतर पाइपलाइन के माध्यम से 100% घरों में आर्सेनिक और फ्लोराइड मुक्त शुद्ध पेयजल पहुँचाया जाएगा।
• गांव और शहर दोनों स्तरों पर प्रत्येक घर से 100% कचरा संग्रह (Waste Collection) किया जाएगा। इस कार्य में '120 दिन की कार्य योजना' के तहत नियुक्त कर्मियों और स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups) को जोड़ा जाएगा।
• प्रत्येक शहर और कस्बे में 'स्मार्ट सिटी' विकसित करते हुए निम्न और मध्यम वर्ग के लिए नियोजित 'किफायती आवास' (Affordable Housing) परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
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• बेहतर सड़कों, स्टेट एक्सप्रेसवे और नई सड़कों के निर्माण के माध्यम से कनेक्टिविटी (संपर्क व्यवस्था) को मजबूत किया जाएगा।
12. महिला सशक्तिकरण
• भत्ता पानेवाली सभी महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups) में शामिल किया जाएगा और प्रशिक्षण के माध्यम से उनकी आय को कई गुना बढ़ाने की व्यवस्था की जाएगी।
• अगले 5 वर्षों के भीतर 20 लाख नए स्वयं सहायता समूह बनाए जाएंगे।
• सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सहकारी बैंकों, ग्रामीण बैंकों और नाबार्ड (NABARD) के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
• ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अवैध माइक्रोफाइनेंस के जाल से मुक्त किया जाएगा और इनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बकाया वसूली के नाम पर ग्रामीण महिलाओं पर माइक्रोफाइनेंस कारोबारियों के उत्पीड़न को सख्ती से रोका जाएगा।
• औद्योगिक क्षेत्रों में शिशु देखभाल केंद्र (Creche) स्थापित किए जाएंगे और कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा व समान सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा।
• वयस्क और अनौपचारिक शिक्षा पर जोर देकर कट्टरपंथ और सामाजिक अंधविश्वासों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
• प्रत्येक जिले में पुलिस की अपनी लेकिन 'स्वायत्त अभया वाहिनी' (Autonomous Abhaya Vahini) बनाई जाएगी, जो विशेष शक्तियों के साथ महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों का दमन करेगी
एलजीबीटीक्यू+ (LGBTQ+)
• तृतीय लिंग क्वीर (Queer) श्रमिकों के लिए समान काम के लिए समान मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक का दर्जा सुनिश्चित किया जाएगा।
• तृतीय लिंग और क्वीर श्रमिकों के लिए सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थलों पर स्वच्छ, स्वास्थ्यवर्धक शौचालय और बच्चों के लिए 'क्रेच' की व्यवस्था की जाएगी।
• महिला, तृतीय लिंग और क्वीर व्यक्तियों के लिए गैर-पारंपरिक क्षेत्रों (Non-traditional roles) में कौशल विकास और रोजगार की व्यवस्था की जाएगी, साथ ही इस क्षेत्र के लिए बजट आवंटन बढ़ाया जाएगा।
13. अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, आदिवासी, ओबीसी
• आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज और हॉस्टल के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी।
• उच्च शिक्षा में छात्रवृत्ति (Scholarship) और आरक्षण का दायरा बढ़ाया जाएगा।
• आदिवासियों की जमीन और वन अधिकारों (Forest Rights) को कानूनी सुरक्षा के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा।
• जबरन जमीन छीनने की प्रक्रिया को रोककर कॉर्पोरेट कब्जे पर लगाम लगाई जाएगी।
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• लघु उद्योग, कृषि और हस्तशिल्प के लिए सब्सिडी और आसान ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
• कौशल विकास: प्रत्येक ब्लॉक में कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र (Skill Development Training Center) स्थापित किए जाएंगे।
• स्वास्थ्य सेवा: गांवों से लेकर जंगलों तक हर जगह कम लागत पर इलाज, नए अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र और डॉक्टरों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी।
• मातृ स्वास्थ्य: कुपोषण और मातृ मृत्यु दर को रोकने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
• अल्पसंख्यक और आदिवासी संस्कृति को पूर्ण सम्मान और सुरक्षा दी जाएगी।
• धार्मिक स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। सांप्रदायिक हिंसा और नफरत की राजनीति को ध्वस्त किया जाएगा।
• प्रशासन, नौकरियों और चुनावों में वास्तविक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।
• अल्पसंख्यक और आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लिए अलग विकास बोर्ड का गठन किया जाएगा, ताकि सड़क, बिजली और पानी जैसी हर बुनियादी सेवा वहां पहुंच सके।
• अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण के अधिकार और सम्मान को बहाल किया जाएगा।
14. विशेष रूप से सक्षम (दिव्यांगों) के लिए
• दिव्यांगों के लिए सामान्य स्कूलों और कॉलेजों में इंटरप्रेटर के अलावा विभिन्न प्रकार की विशेष सहायक और अनुकूलित तकनीकें, जैसे मोबाइल फोन या टैबलेट आधारित विशेष ऐप उपलब्ध कराए जाएंगे।
• सार्वजनिक स्थानों जैसे पार्क, सांस्कृतिक केंद्र और सरकारी कार्यालयों को व्हीलचेयर के अनुकूल बनाया जाएगा और दिव्यांगों के लिए उपयुक्त शौचालयों का निर्माण किया जाएगा।
• दिव्यांग भत्ते की राशि बढ़ाकर 3,000 से 5,000 रुपये प्रति माह की जाएगी।
• आत्मनिर्भर बनने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और सहकारी बैंकों से नाममात्र ब्याज या बिना ब्याज के ऋण की व्यवस्था की जाएगी।
• आईटीआई (ITI) या अन्य व्यावसायिक केंद्रों में उनकी शारीरिक क्षमता के अनुसार विशेष पाठ्यक्रमों (Special Courses) की व्यवस्था की जाएगी।
15. शरणार्थी (उद्वास्तु)
• देश के विभाजन के शिकार शरणार्थी लोगों के पूर्ण नागरिक अधिकार सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
• अतीत में वाम मोर्चा सरकार ने शरणार्थियों को बिना शर्त जमीन के दस्तावेज (पट्टा) देने और आर्थिक पुनर्वास का जो व्यापक कार्यक्रम शुरू किया था, वह तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में ठप्प हो गया है। इस संबंध में केंद्र सरकार से भी कोई सहयोग नहीं मिला है; इस विषय पर फिर से पहल की जाएगी।
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16. विशेष क्षेत्र विकास
पश्चिमांचल का दीर्घकालिक विकास
• सूखे से निपटने के लिए लघु सिंचाई परियोजनाएं बनाई जाएंगी।
• सौर ऊर्जा पार्क स्थापित किए जाएंगे और सामुदायिक सहकारिता (Cooperative) आधारित सौर ऊर्जा उत्पादन केंद्रों को विशेष सरकारी सुविधाएं दी जाएंगी।
• जंगलमहल के वन संसाधनों पर आधारित लघु और कुटीर उद्योग स्थापित करने की पहल की जाएगी।
• वन भूमि की रक्षा के लिए कानूनों को सख्ती से लागू किया जाएगा।
• बंजर भूमि: उन्नत तकनीक का उपयोग करके बंजर भूमि पर खेती की व्यवस्था की जाएगी।
सुंदरवन पैकेज
• तटबंध निर्माण: नदी के कटाव को रोकने के लिए पर्यावरण के अनुकूल स्थायी तटबंधों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी।
• सुंदरवन के पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) की रक्षा करते हुए परिकल्पित इको-टूरिज्म केंद्र विकसित किए जाएंगे।
• शहद और मछली प्रसंस्करण (Processing) केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
• बाघ के हमले में घायल या मृत होने वाले सरकारी अनुमति प्राप्त शहद संग्रहकर्ताओं और मछुआरों को मुआवजा दिया जाएगा।
• लवणीय (नमक युक्त) पानी में होने वाली कृषि पर जोर दिया जाएगा।
उत्तर बंगाल की T3 परियोजना
• चाय (Tea), पर्यटन (Tourism) और प्रौद्योगिकी (Technology) के समन्वय से उत्तर बंगाल में आमूलचूल परिवर्तन लाने की पहल की जाएगी।
• प्रत्येक जिले में फल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग केंद्र स्थापित किए जाएंगे। नए उद्यमियों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी।
• पहाड़ी क्षेत्रों, तराई, डुआर्स, जंगलमहल और सुंदरवन के योजनाबद्ध विकास के लिए सरकार गठन के 6 महीने के भीतर विशेष पैकेज की घोषणा की जाएगी।
• क्षेत्रीय विकास परिषद
• क्षेत्रीय विशेषताओं के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों, तराई, डुआर्स, जंगलमहल और सुंदरवन के लिए अलग-अलग क्षेत्रीय विकास परिषद का गठन किया जाएगा।
17. पर्यावरण संरक्षण
राज्य के पर्यावरण की रक्षा सरकार की प्राथमिकता होगी। पिछले 15 वर्षों से नहरें, जलाशय, तालाब, दलदली भूमि और यहाँ तक कि नदियाँ भी अंधाधुंध तरीके से भरी जा रही हैं। इस विषय पर हमारी सरकार का रुख अत्यंत कठोर होगा।
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• पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और जंगलों की सफाई के खिलाफ सरकार राज्य भर में एक विशेष 'हरी फौज' ( Green force)का गठन करेगी।
• वन विभाग के अलावा विभिन्न स्कूलों, मदरसों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और पर्यावरण व विज्ञान आंदोलनों से जुड़े सामाजिक संगठनों को विशेष अधिकार देकर पर्यावरण संरक्षण के कार्य में शामिल किया जाएगा।
• सुंदरवन, उत्तर बंगाल के पहाड़ों, तराई-डुआर्स और पश्चिमांचल के जंगलमहल सहित राज्य के उन सभी वन क्षेत्रों और जलाशयों को उनकी पुरानी स्थिति में वापस लाने की पहल की जाएगी जो क्षतिग्रस्त हुए हैं।
• नदियों से अवैध बालू तस्करी और अवैध खदानों से पत्थर तस्करी करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
• राज्य में नदी के कटाव को रोकने के लिए प्रभावी कार्यक्रम चलाए जाएंगे और इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को विशेष जिम्मेदारी निभानी होगी।
18. संस्कृति
• फिल्म उद्योग और सरकारी सिनेमाघरों को राजनीतिक नियंत्रण से मुक्त किया जाएगा। प्रत्येक जिले में संस्कृति और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
• 'नंदन' सहित राज्य के प्रत्येक सरकारी सभागार की पुरानी गरिमा को बहाल किया जाएगा और उनका उपयोग सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा।
• लोक संस्कृति सहित आधुनिक और स्वस्थ रचनात्मक संस्कृति के अभ्यास को विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाएगा।
• प्रत्येक राज्य अकादमी को दलीय नियंत्रण से मुक्त कर वहां लोकतांत्रिक वातावरण वापस लाया जाएगा।
• बंगाल के मनीषियों की जयंती प्रत्येक स्कूल और मदरसे में मनाई जाएगी। जो क्लब और सामाजिक संगठन इस कार्य में आगे आएंगे, उन्हें सरकारी सहायता दी जाएगी।
• आदिवासियों सहित प्रत्येक जनजाति की भाषा, संस्कृति और कला की रक्षा के लिए विशेष अध्ययन एवं अभ्यास केंद्र बनाए जाएंगे।
• सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में स्वतंत्र रूप से निर्मित बांग्ला फिल्मों के प्रदर्शन की व्यवस्था की जाएगी।
• सहकारी समितियां (Cooperatives) बनाकर युवा निर्देशकों को स्वतंत्र फिल्म निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
• फिल्म तकनीशियनों के लिए सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा और सेवानिवृत्ति (Retirement) लाभ की योजनाएं शुरू की जाएंगी।
• सभी पंजीकृत नाट्य संस्थाओं को समान सम्मान दिया जाएगा।
• नाट्य अभ्यास और प्रशिक्षण के लिए 'नाट्य अकादमी' की एक विशिष्ट योजना होगी।
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• रंगकर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा और सेवानिवृत्ति (Retirement) के लाभ सुनिश्चित किए जाएंगे। यही नीति जात्रा और ग्रामीण लोक कलाकारों के लिए भी लागू की जाएगी।
19. खेलकूद
• जिलों में खेल के मैदान, आधुनिक खेल क्रीड़ांगन और खेल प्रशिक्षण केंद्र बनाए जाएंगे।
• स्थानीय क्लबों को खेल गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
• प्रतिभा खोज: जमीनी स्तर से खेल प्रतिभाओं की खोज और विकास के लिए खेल विशेषज्ञों के साथ राज्य से लेकर ब्लॉक स्तर तक विशेष अधिकार प्राप्त समितियां गठित की जाएंगी।
• जो क्लब युवाओं के लिए सरकार की रोजगारोन्मुख परियोजनाओं में भाग लेंगे, उन्हें प्रति वर्ष अधिकतम 2 लाख रुपये दिए जाएंगे।
• बड़े क्लबों और राज्य खेल संघों को परिवारवाद और राजनीतिक नियंत्रण से मुक्त किया जाएगा।
20. भाईचारा और शांति
• भाईचारा शांति और मानवीय एकता इस राज्य की परंपरा रही है। संविधान ने सभी लोगों को अपनी मातृभाषा में बोलने और अपने धर्म का पालन करने का अधिकार दिया है।
• राज्य और दिल्ली की सत्ताधारी पार्टियाँ लोगों को जाति, धर्म और भाषा के आधार पर बांटने की कोशिश कर रही हैं। हम राज्य में शांति, व्यवस्था और भाईचारा बनाए रखने के लिए एक अडिग प्रहरी के रूप में कार्य कर रहे हैं और करते रहेंगे।
• विभाजनकारी, नफरत और घृणा फैलाने वाली किसी भी शक्ति को जनता के सहयोग से सख्ती से कुचला जाएगा।
21. सरकार और लोकतंत्र
• यह सरकार सामान्य लोगों के लिए, सामान्य लोगों द्वारा और हर स्तर पर सामान्य लोगों की भागीदारी से संचालित होगी।
• प्रशासन के सभी स्तरों को भ्रष्टाचार मुक्त, जनमुखी और नौकरशाही के चंगुल से मुक्त करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर उच्चतम पहल की जाएगी।
• पुलिस विभाग कानून के शासन के अनुसार कार्य करेगा। पुलिस सुधारों को विशेष महत्व दिया जाएगा।
• सरकार अपराधियों और दंगाइयों का कठोरता से दमन करेगी।
• आम जनता को बिना किसी परेशानी या उत्पीड़न के सरकारी सेवाएं मिल सकें, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
भ्रष्टाचार के केंद्र बन चुके पंचायतों और नगर पालिकाओं में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित किए जाएंगे।
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• पंचायत और नगरपालिकाओं में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के माध्यम से बंगाल की जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को बहाल किया जाएगा। सरकार गठन के 1 वर्ष के भीतर यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
• स्कूल, मदरसा, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के सभी स्तरों पर लोकतांत्रिक ढांचे को वापस लाया जाएगा।
• भ्रष्टाचार के विरुद्ध बिना किसी समझौते के जांच और न्याय के लिए विशेष जांच आयोग का गठन किया जाएगा। पिछले 15 वर्षों के दौरान हुई भर्ती धांधली, कोयला-बालू तस्करी और वित्तीय घोटाला की निष्पक्ष जांच हेतु एक शक्तिशाली आयोग बनाया जाएगा।
• अपराधियों को जल्द सजा और कठोरतम दंड सुनिश्चित करने के लिए विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा।
• सरकार जनता की राय से चलेगी। श्रमिकों और कर्मचारियों सहित समाज के सभी वर्गों के लोकतांत्रिक अधिकारों को सुनिश्चित किया जाएगा।
• सभी झूठे राजनीतिक मुकदमे वापस लिए जाएंगे।
22. व्यवस्था की सफाई और वित्त व्यवस्था
• सिंडिकेट राज और 'कट-मनी' (अवैध कमीशन) को पूरी तरह बंद किया जाएगा। इससे प्रति वर्ष लगभग 50,000 करोड़ रुपये की बचत होगी, जिसे राज्य की शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च किया जाएगा।
• बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए 'विकास बॉन्ड' (Development Bonds) के माध्यम से सीधे जनता का निवेश रहेगा।
• तमन्ना, अभया सहित प्रत्येक पीड़िता के लिए न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
अपील
बंगाल के पुनर्जागरण में आप भी एक महत्वपूर्ण भागीदार हैं। मानव कल्याण के उज्ज्वल सपने को पूरा करने का एकमात्र मार्ग वामपंथ का पुनरुत्थान है। हम चाहते हैं कि विभाजन, द्वेष और नफरत की राजनीति की हार हो; जनता की एकता और मानवता की राजनीति मजबूत हो। हिंसा, घृणा, विभाजन और लूट-तंत्र के खिलाफ हमारी लड़ाई अडिग रहेगी; क्योंकि हमारा विश्वास है कि केवल एकता और न्याय के पथ पर ही वास्तविक जन-कल्याण संभव है।
राज्य की इस अराजक स्थिति को समाप्त करने के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को पराजित करने के साथ-साथ भाजपा को भी रोकना होगा। वामपंथी, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष शक्तियों के विकल्प को विजयी बनाना होगा। वाम मोर्चा और सहयोगी इंडियन सेकुलर फ्रंट, सीपीआई (एम-एल) लिबरेशन और पश्चिम बंगाल सोशलिस्ट पार्टी के सभी उम्मीदवारों को विजयी बनाएं। वामपंथ के पुनर्जागरण के पथ पर वामपंथी-लोकतांत्रिक-धर्मनिरपेक्ष शक्तियों की 'जनता की सरकार' का निर्माण करें।
हम इस राज्य में शांति, भाईचारा, रोजगार का अधिकार और सम्मानजनक जीवन को प्रतिष्ठित करेंगे।यह हमारा संकल्प है।
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एक नज़र में
1. प्रत्येक परिवार के लिए कम से कम एक स्थायी नौकरी।
क. प्रत्येक पंजीकृत बेरोजगार को कम से कम 2 नौकरी के अवसर (कॉल)
ख. गरीब लोगों के लिए शहरों में साल में 120 दिन और गांवों में 200 दिन का काम, 600 रुपये दैनिक मजदूरी।
2. 5 साल के भीतर सभी सरकारी खाली पदों को भरना। पारदर्शिता के साथ प्रतिवर्ष एसएससी (SSC), सीएससी (CSC) और पीएससी (PSC) परीक्षाओं का आयोजन।
3. भारी और मध्यम उद्योगों को वापस लाने की पहल। लघु और कुटीर उद्योगों में देश में प्रथम स्थान पुनः प्राप्त करना। नए सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर पार्क का निर्माण और प्रत्येक जिले में औद्योगिक क्षेत्र बनाना।
4. श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी 700 रुपये। राज्य में 4 लेबर कोड लागू नहीं किए जाएंगे। समान कार्य के लिए समान वेतन। कामकाजी महिला श्रमिकों के लिए शिशु देखभाल केंद्र (Creche)। ट्रांसजेंडर और क्वीर (Queer) श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कर्मचारी का दर्जा।
5. 16 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागत का डेढ़ गुना किया जाएगा।
6. शिक्षा के लिए राज्य बजट का 20% आवंटन। स्नातक स्तर तक ट्यूशन फीस माफ। स्वास्थ्य के लिए बजट का 10% आवंटन। अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में सभी खाली पदों को भरना। प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज और आधुनिक अस्पताल।
7. प्रिपेड डायनेमिक स्मार्ट मीटर लगाना बंद किया जाएगा। जो आयकर दाता नहीं हैं, उनके लिए 100 यूनिट तक बिजली पूरी तरह मुफ्त और 200 यूनिट तक आधी कीमत पर।
8. अवैध माइक्रो-फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
9. नदी के कटाव को रोकने के लिए प्रभावी कार्यक्रम। नहरों, जलाशयों, तालाबों, दलदली भूमि और नदियों की रक्षा के लिए कड़े कानून।
10. भ्रष्टाचार के विरुद्ध बिना किसी समझौते के जांच और न्याय सुनिश्चित करने के लिए 'विशेष जांच आयोग' का गठन।
11. 5 वर्षों के भीतर 20 लाख नए स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाना। तमन्ना, अभया सहित सभी पीड़ितों के लिए न्याय। प्रत्येक जिले में पुलिस की अपनी लेकिन 'स्वायत्त अभया वाहिनी' का गठन।
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12. वरिष्ठ नागरिक:
वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'स्वास्थ्य सेवा' परियोजना। सभी निर्धन वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6,000 रुपये मासिक वृद्धावस्था भत्ता।
13. अल्पसंख्यक, आदिवासी और पिछड़ा वर्ग:
अल्पसंख्यक और आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज और हॉस्टल निर्माण को प्राथमिकता। उच्च शिक्षा में छात्रवृत्ति और आरक्षण में वृद्धि। धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करना। अल्पसंख्यक और आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लिए अलग विकास बोर्ड' का गठन। अल्पसंख्यक और आदिवासी संस्कृति को पूर्ण सम्मान और सुरक्षा। आदिवासियों की जमीन और वन अधिकारों (Forest Rights) को कानूनी सुरक्षा। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण के अधिकार और सम्मान की बहाली।
बंगाल का पुनर्जागरण
भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन
जीवंत लोकतंत्र
मंदिर-मस्जिद नहीं, रोजगार
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण
शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कठोर
कट्टरपंथ के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता)
लुटेरों की फ्रेंचाइजी नहीं, रंगदारी मुक्त नया बंगाल
विमान बसु
अध्यक्ष, वाममोर्चा समिति, पश्चिम बंगाल
मोहम्मद सलीम
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)
स्वपन बनर्जी
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी
तपन होड़
आर.एस.पी.
नरेन चटर्जी
ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक
सुभाष राय
आर सी पी आई
आशीष चक्रवर्ती
मार्क्सवादी फॉरवर्ड ब्लॉक
प्रबीर घोष
भारतीय बोल्शेविक पार्टी
शिप्रा चक्रवर्ती
वर्कर्स पार्टी
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