जन समाचार मंच

सुधीर विद्यार्थी
जन्म 1 अक्टूबर, 1953
शिक्षा एम.ए. (इतिहास)
पैतृक घर शाहजहांपुर उ. प्र.
वामधारा के सुपरिचित लेखक। भारतीय क्रांतिकारी आन्दोलन के इतिहास पर चार दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित। कई सम्पादित ग्रन्थ। संस्मरण और जनपदीय संस्कृति पर छह किताबों की श्रृंखला। कविता, डायरी तथा स्तम्भ-लेखन के साथ नाटकों और नुक्कड़ नाटकों का संयोजन। साहित्यिक पत्रिका ’संदर्श’ का सम्पादन व प्रकाशन। आत्मकथात्मक संस्मरण ’मेरा राजहंस’ की एन.एस.डी. सहित देश भर में 50 से अधिक नाट्य प्रस्तुतियां। ’शहीद अशफ़ाक़उल्ला और उनका युग’ पुस्तक पर आधारित ’स्वराज्य’ धारावाहिक डी.डी. 1 पर दो बार प्रसारित। इस कृति का बंगला अनुवाद नेशनल बुक एजेंसी, कोलकाता से प्रकाशित जिसका लोकार्पण विमान बसु और मोहम्मद सलीम ने किया। शहीदों और क्रांतिकारियों की कीर्ति-रक्षा के लिए देश भर में कार्य। जेलों में भी क्रांतिकारियों के स्मारक बनवाए। अनेक व्याख्यान। उत्तर प्रदेश के कर्मचारी-मजदूर आंदोलन में 20 वर्षों तक सक्रिय भागीदारी। इसी के तहत मुकदमे और दो बार जेल-यात्रा।
लेखन के लिए परिवेश सम्मान, गणमित्र सम्मान, अयोध्या प्रसाद खत्री सम्मान, शहीद चंद्रशेखर आज़ाद सम्मान, वीरेन डंगवाल साहित्य सम्मान, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का साहित्य-भूषण सम्मान, कथेतर गद्य में श्रेष्ठ कृति के लिए वैली ऑफ वर्ल्ड्स सम्मान तथा सृजनात्मक गद्य के लिए कवि शमशेर सम्मान मिला।
क्या यह लेख उपयोगी था?
प्रकाशित: 05 जून 2026 • 1 मिनट पठन

सलीम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी असल में आरएसएस के इशारे पर दलाल की भूमिका निभाती आ रही है। दरअसल, इस राज्य से वामपंथी राजनीति के दायरे को सिकोड़ना ही आरएसएस का मुख्य उद्देश्य था। राज्य में आज भले ही तृणमूल कांग्रेस नहीं है, लेकिन वामपंथी आज भी मैदान में हैं और भविष्य में भी रहेंगे।
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

"जब आग लगती है, तो वह धर्म नहीं देखती, हिंदू-मुस्लिम का भेद किए बिना सभी के घरों को जलाकर खाक कर देती है। बीजेपी की बुलडोजर राजनीति के खतरे से भी कोई नहीं बचेगा। सभी इसके शिकार होंगे। इसलिए प्रतिरोध की लड़ाई में सभी लोगों को एकजुट होना होगा।"
सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल के सचिव
17 जून 2026

हर उस व्यक्ति तक पहुँचना होगा जो मेहनतकश है, सताया हुआ है या प्रताड़ित है। भाजपा ने एसआईआर (SIR) के नाम पर एक बड़े वर्ग के लोगों से उनका मताधिकार छीन लिया है। इन सभी लोगों को एकजुट करना होगा। उनके मताधिकार सहित सभी नागरिक अधिकारों को वापस लाना होगा। जनता की रोटी-रोजी, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और पीने के पानी जैसी स्थानीय मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष करना होगा। भाजपा की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ एकता, भाईचारा और रोजगार के लिए लड़ना होगा। बुलडोजर राज के खिलाफ लाल झंडा पहले ही उठ खड़ा हुआ है। उन्होंने डर का माहौल बढ़ाया है, लेकिन हम चाहते हैं कि जनता का यह डर टूटे। अन्याय के खिलाफ खड़े होकर हक के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।
सीपीआई (एम)पश्चिम बंगाल के सचिव
14 जून 2026

पेपर माफिया बेलगाम। जिम्मेदार कौन ?
नीट प्रश्नपत्र लीक के पीछे एक अत्यंत संगठित गिरोह होने की बात जांचकर्ता मान रहे है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रश्नपत्र राजस्थान, हरियाणा, केरल, जम्मू- काश्मीर, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में फैल गया था पूरा काम अत्यंत संगठित तरीके से होता है । प्रश्नपत्र विभिन्न चरणों में अलग-अलग स्तरों पर बेचे जाते हैं ये सीधे छात्रों को नहीं बेचे जाते। प्रश्नपत्र बेचने के लिए अलग 'थोक' और 'खुदरा' बाजार होते हैं। किसी भी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक गिरोह में 100 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन की संभावना है।
केशव कुमार भट्टड़ • 12 मई 2026

सीबीआई ने आरोपी की पहचान पीवी कुलकर्णी के रूप में की है। जांच में सामने आया है कि कुलकर्णी न केवल रसायन शास्त्र (Chemistry) के प्रोफेसर थे, बल्कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था 'एनटीए' के एक प्रभावशाली अधिकारी भी थे। इसी पद पर रहने के कारण प्रश्नपत्रों तक उनकी आसान पहुंच थी।
केशव कुमार भट्टड़ • 15 मई 2026

'पहाड़' की ताकत 'पहाड़' के हाथों में क्यों नहीं?! अफसरों के दम पर स्वायत्तता का नाटक बंद करो!" स्वायत्तता छीने जाने पर गरजे मोहम्मद सलीम!" - दार्जिलिंग के कलामंदिर हॉल में आयोजित कार्यकर्ताओं की सभा में सीपीआई(एम) पश्चिम बंगाल के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार स्वायत्त निकाय जीटीए (GTA) में प्रतिनिधियों के चुनाव कराने के बजाय प्रशासक बिठाकर लोकतंत्र और पहाड़ के अधिकारों का हनन कर रही है। कश्मीर से लद्दाख और दार्जिलिंग तक क्षेत्रीय स्वायत्तता को खत्म करने की साजिश का दावा करते हुए मोहम्मद सलीम ने कहा कि भाजपा न तो बहुलतावाद को मानती है और न ही विविधता का सम्मान करती है। पार्टी ने घोषणा की कि वे संविधान की छठी अनुसूची, भूमि अधिकार, चाय बागान श्रमिकों की बदहाली, पर्यावरण विनाश और नागरिकता के नाम पर हो रहे भेदभाव के मुद्दों को लेकर अक्टूबर-नवंबर में पहाड़ की जनता के बीच एक व्यापक जन-अभियान चलाएंगे।
केशव कुमार भट्टड़ • 14 सितंबर 2026
टिप्पणियाँ लोड हो रही हैं...