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सुधीर विद्यार्थी

श्रेया जायसवाल•05 जून 20261 मिनट पठन31 बार पढ़ा गया

वामधारा के सुपरिचित लेखक

सुधीर विद्यार्थी

सुधीर विद्यार्थी

जन्म 1 अक्टूबर, 1953

शिक्षा एम.ए. (इतिहास)

पैतृक घर शाहजहांपुर उ. प्र.

वामधारा के सुपरिचित लेखक। भारतीय क्रांतिकारी आन्दोलन के इतिहास पर चार दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित। कई सम्पादित ग्रन्थ। संस्मरण और जनपदीय संस्कृति पर छह किताबों की श्रृंखला। कविता, डायरी तथा स्तम्भ-लेखन के साथ नाटकों और नुक्कड़ नाटकों का संयोजन। साहित्यिक पत्रिका ’संदर्श’ का सम्पादन व प्रकाशन। आत्मकथात्मक संस्मरण ’मेरा राजहंस’ की एन.एस.डी. सहित देश भर में 50 से अधिक नाट्य प्रस्तुतियां। ’शहीद अशफ़ाक़उल्ला और उनका युग’ पुस्तक पर आधारित ’स्वराज्य’ धारावाहिक डी.डी. 1 पर दो बार प्रसारित। इस कृति का बंगला अनुवाद नेशनल बुक एजेंसी, कोलकाता से प्रकाशित जिसका लोकार्पण विमान बसु और मोहम्मद सलीम ने किया। शहीदों और क्रांतिकारियों की कीर्ति-रक्षा के लिए देश भर में कार्य। जेलों में भी क्रांतिकारियों के स्मारक बनवाए। अनेक व्याख्यान। उत्तर प्रदेश के कर्मचारी-मजदूर आंदोलन में 20 वर्षों तक सक्रिय भागीदारी। इसी के तहत मुकदमे और दो बार जेल-यात्रा।

लेखन के लिए परिवेश सम्मान, गणमित्र सम्मान, अयोध्या प्रसाद खत्री सम्मान, शहीद चंद्रशेखर आज़ाद सम्मान, वीरेन डंगवाल साहित्य सम्मान, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का साहित्य-भूषण सम्मान, कथेतर गद्य में श्रेष्ठ कृति के लिए वैली ऑफ वर्ल्ड्स सम्मान तथा सृजनात्मक गद्य के लिए कवि शमशेर सम्मान मिला।

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सुधीर विद्यार्थी

प्रकाशित: 05 जून 2026 • 1 मिनट पठन

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