डीवाईएफआई की सबसे महत्वपूर्ण मांग है कि रेलवे के खाली पदों को भरा जाए। पहले रेलवे में भर्ती रेगुलर परीक्षाओं के ज़रिए होती थी, लेकिन अब ऐसी भर्तियां बंद हो गई हैं।
जन समाचार मंच
डीवाईएफआई की सबसे महत्वपूर्ण मांग है कि रेलवे के खाली पदों को भरा जाए। पहले रेलवे में भर्ती रेगुलर परीक्षाओं के ज़रिए होती थी, लेकिन अब ऐसी भर्तियां बंद हो गई हैं।

डीवाईएफआई द्वारा रेलवे में खाली पदों पर स्थाई नियुक्ति की मांग के साथ ही रेलवे की जमीनों से हॉकरों को हटाने के विरोध में कोलकाता के फेयरली प्लेस स्थित ईस्टर्न रेलवे हेडक्वार्टर में एक ज्ञापन सौंपा गया।
डीवाईएफआई(DYFI) ने मंगलवार, 9 जून को पूरे इलाके में अपना स्थापना दिवस मनाया। इस दिन फेयरली प्लेस के सामने हुई सभा में तीन मुख्य मांगें उठाई गईं। संगठन की मांग है कि हॉकरों को उनके पुनर्वास के बिना नहीं हटाया जा
सकता। अभी ईस्टर्न रेलवे के सभी डिवीजनों में, जिसमें जादवपुर और दमदम जैसे स्टेशन भी शामिल हैं, हॉकरों को हटाने का काम चल रहा है।
इसके अलावा, युवा संगठन ने मांग की कि रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
डीवाईएफआई की सबसे महत्वपूर्ण मांग है कि रेलवे के खाली पदों को भरा जाए। पहले रेलवे में भर्ती रेगुलर परीक्षाओं के
ज़रिए होती थी, लेकिन अब ऐसी भर्तियां बंद हो गई हैं। इस दिन डीवाईएफआई नेताओं ने ईस्टर्न रेलवे के जनरल मैनेजर
से मुलाकात की और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में डीवाईएफआई कोलकाता ज़िला अध्यक्ष सोहम मुखर्जी और सचिव श्रीजीब गोस्वामी शामिल थे।
साभार: गणशक्ति
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अपलोडर: VKA-N9LYCE • प्रकाशित: 09 जून 2026 • 1 मिनट पठन

जो लोग/
गाली से भी बदतर हैं/
उन्हें शिकायत है/
कि लड़कियां/
गाली दे रही हैं।
दरअसल/
लड़कियां/
वह सब कुछ/
सूद समेत लौटा रही हैं।
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