वाम की आवाज़ (Vaam Ki Aawaz)
अगर थक गए हो चुप रहकर सहने से, रगों में खून उबल रहा है अन्याय के खिलाफ,न्याय, समानता और प्रगति में हैं विश्वास तो — उठो ! बोलो ! बदलो !
मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 | Tuesday, 13 October 2026
|
संपर्क: vaamkiaawaz@gmail.comसदस्यता में
वाम की आवाज़ लोगो
वाम की आवाज़ (Vaam Ki Aawaz)
अगर थक गए हो चुप रहकर सहने से, रगों में खून उबल रहा है अन्याय के खिलाफ,न्याय, समानता और प्रगति में हैं विश्वास तो — उठो ! बोलो ! बदलो !
लाइव कवरेज
होमताज़ा खबरेंराज्य

वाम की आवाज़

जन समाचार मंच

राज्य

किसानों के मार्च पर भाजपा का हमला, किसान नेता समेत 4 घायल, लाल झंडा का जवाबी प्रदर्शन

राजीव कुमार पाण्डेय•20 जून 20264 मिनट पठन16 बार पढ़ा गया

किसानों के इस जुलूस को रोकने के लिए ठीक तृणमूल के अंदाज में कच्चे बांस की लाठियां लेकर शीतलकुची बाजार स्थित सीपीआई(एम) कार्यालय पर हमला किया गया। इस हमले में किसान सभा के जिला सचिव अकीक हसन, अकबर मिया, अल मामुद मिया और बच्चू मिया घायल।

किसानों के मार्च पर भाजपा  का हमला, किसान नेता समेत 4 घायल, लाल झंडा का जवाबी प्रदर्शन

किसानों के बोरो धान की औने-पौने दामों में बिक्री को बंद करने और एसआईआर में हटाये गये मतदाताओं के नाम दोबारा सूची में जोड़ने की मांग को लेकर, हाथ में लाल झंडा थामे किसान सभा के जुलूस को रोकने के लिए शुक्रवार को शीतलकुची में तृणमूल कांग्रेस की ही तरह भाजपा ने भी हमले का रास्ता चुना! अपराधियों ने पार्टी कार्यालय में घुसकर किसान सभा के जिला सचिव सहित 4 लोगों पर हमला कर दिया। सीपीआई(एम) और फॉरवर्ड ब्लॉक के कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई। जुलूस में शामिल होने के अपराध में रफिकुल मिया नाम के एक युवक की दुकान को जबरन बंद करा दिया गया।

राज्य सरकार को उन लोगों के नाम मतदाता सूची में दोबारा जोड़ने होंगे जिनके नाम एसआईआर में कट गए हैं, और किसानों के बोरो धान की औने-पौने दामों में हो रही बिक्री को रोकना होगा। खाद्य विभाग कूचबिहार में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान क्यों नहीं खरीदेगा, इस मांग को लेकर शुक्रवार को शीतलकुची ब्लॉक के बीडीओ (BDO) को एक ज्ञापन सौंपा जाना था। किसान सभा ने बीडीओ को पिछले 8 मई को पत्र लिखकर ज्ञापन देने की अनुमति भी ले ली थी। किसानों के इस जुलूस को रोकने के लिए ठीक तृणमूल के अंदाज में कच्चे बांस की लाठियां लेकर शीतलकुची बाजार स्थित सीपीआई(एम) कार्यालय पर हमला किया गया। इस हमले में किसान सभा के जिला सचिव अकीक हसन, अकबर मिया, अल मामुद मिया और बच्चू मिया घायल हो गए।

पुलिस की मौजूदगी में ही भाजपा नेताओं कनक चंद्र बर्मन और देबाशीष बर्मन के नेतृत्व में करीब चालीस बदमाशों के दल ने हमला किया। पुलिस मूकदर्शक बनी रही। बदमाशों के उस दल ने धमकी भी दी कि "भाजपा के राज में लाल झंडा लेकर जुलूस निकालना और ज्ञापन देना नहीं चलेगा।" धमकी को नजरअंदाज करते हुए जब करीब 500 से अधिक किसान पार्टी कार्यालय से लाल झंडा लेकर बीडीओ कार्यालय की ओर बढ़े, तो पुलिस ने जुलूस को रोक दिया। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि बीडीओ से दोबारा बात करके इस मांग को लेकर जुलूस निकाला जाएगा और ज्ञापन दिया जाएगा। जब किसान सभा के कार्यकर्ता लौट गए, तो भाजपा की उसी टोली ने शीतलकुची चौपथी के पास स्थित सीपीआई(एम) कार्यालय पर हमला बोल दिया और जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद उस टोली ने फॉरवर्ड ब्लॉक के एक कार्यालय में भी तोड़फोड़ की।

घटना के बाद किसान सभा के जिला सचिव अकीक हसन ने पत्रकारों से कहा:

"तृणमूल कांग्रेस शीतलकुची में लाल झंडे को प्रतिबंधित घोषित करके भी 15 साल में इसे यहाँ से मिटा नहीं सकी, उल्टे आज वे खुद इस इलाके से साफ हो गए हैं। तृणमूल के उन्हीं असामाजिक तत्वों को साथ लेकर अब भाजपा लाल झंडे को खत्म करने उतरी है। हम किसानों की मांगों को लेकर फिर से लाल झंडे का जुलूस निकालेंगे। हमें रोकने की ताकत उनमें भी नहीं है।"

किसान सभा के आज के जुलूस और ज्ञापन को रोकने तथा हमले की यह साजिश पहले से तय थी, यह बात बीडीओ कार्यालय के सामने के दुकानदारों के बयानों से साफ हो जाती है। उनका कहना है कि दोपहर 3 बजे के बाद से ही भाजपा कार्यकर्ता बीडीओ कार्यालय परिसर में इकट्ठा होने लगे थे। हर किसी के हाथ में बांस और लाठियां थीं। मोटरसाइकिल पर सवार कुछ युवक सीपीआई(एम) पार्टी कार्यालय की तरफ जाकर टोह ले रहे थे कि जुलूस कब निकलेगा! ऐसा माना जा रहा है कि किसान सभा के जुलूस में भारी भीड़ देखकर उन्होंने हमले की जगह बीडीओ कार्यालय को न बनाकर, अचानक बाजार के अंदर स्थित कार्यालय में घुसकर हमला कर दिया।

किसान सभा के नेता अकबर मिया ने कहा, "लगभग एक महीने पहले 8 मई को बीडीओ को पत्र देकर सूचित किया गया था कि किसान सभा 22 जून को ज्ञापन सौंपेगी। बीडीओ ने खुद हमसे अनुरोध किया था कि हम 19 जून को ज्ञापन दें। किसानों की जायज मांगों की लड़ाई से डरकर ही आज भाजपा ने यह हमला किया है।" किसान सभा के जिला नेता अनंत राय ने कहा, "भाजपा सत्ता में आते ही तृणमूल कांग्रेस के ढर्रे पर हिंसक होकर विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है। हमारे किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया है कि बीडीओ से दोबारा अनुमति लेकर जुलूस निकाला जाएगा और ज्ञापन दिया जाएगा। कोई भी ताकत लाल झंडे को नहीं रोक सकती।"

.

.

साभार: गणशक्ति

क्या यह लेख उपयोगी था?

टिप्पणियाँ

0

अपनी राय साझा करें

टिप्पणियाँ लोड हो रही हैं...

किसानों के मार्च पर भाजपा का हमला, किसान नेता समेत 4 घायल, लाल झंडा का जवाबी प्रदर्शन

प्रकाशित: 20 जून 2026 • 4 मिनट पठन

वाम की आवाज़|जन समाचार मंच
विज्ञापन

शेयर करें

सबसे ज्यादा पढ़ी गईं

1

‘अपने घेरे से बाहर: विचारों की रचनात्मक दुनिया के साथ’ - मोहम्मद सलीम

361 क्लिक

2

'लेफ्ट फॉर फ्यूचर' - बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों का एक आधुनिक मॉडल - केशव भट्टड़

358 क्लिक

3

'उत्तम कुमार': एक नक्षत्र का अस्त हो जाना ~ 'सत्यजीत राय'

338 क्लिक

4

दानवीय नियम लाकर कर्मचारियों के अधिकार छीन रही राज्य सरकार

333 क्लिक

5

नीट पेपर लीक कांड : केंद्र सरकार की गंभीरता पर '?' है। - केशव भट्टड़

330 क्लिक

विज्ञापन

संसाधन

शहीद ए आजम भगत सिंह के विचार - संकलनकर्ता श्रेया जायसवाल (PDF)

'तुम्हारी क्षय' - राहुल सांकृत्यायन (PDF)

वियतनाम: संघर्ष की एक ओजस्वी प्रेरणा - बुद्धदेव भट्टाचार्य (Link)

वियतनाम: संघर्ष की एक ओजस्वी प्रेरणा - बुद्धदेव भट्टाचार्य (PDF)

सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल की वेब साइट (बांग्ला) (Link)

भाजपा क्यों है जनता की दुश्मन ? (PDF)

द लेफ्ट व्यूज - द पीपल्स लेंस (अंग्रेजी) (Link)

क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल की आत्मकथा (PDF)

पुरानी फिल्मों में होता था संदेश - सीताराम येचुरी (Link)

मैं नास्तिक क्यों हूँ ? - शहीद-ए-आजम भगतसिंह (PDF)

वाममोर्चा घोषणापत्र। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव-2026 (PDF)

मार्क्सवादी पथ पत्रिका (बांग्ला) (Link)

अभियान कैलेंडर

कोई आगामी ईवेंट नहीं

जुड़े रहने के लिए

रोज़ शाम 7 बजे प्रमुख खबरें सीधे आपके ईमेल पर।

सदस्यता लें
इस लेखक से और
सभी देखें →
साहित्य-संस्कृति

प्रश्नोपनिषद - 2: हूबनाथ

प्रश्न करना /

राजद्रोह /

आंदोलन करना /

देशद्रोह /

हक़ मांगना /

राष्ट्रद्रोह /

बना दिया ।

इन सबके बावजूद /

लोग डर नहीं रहे /

छोटे-छोटे बच्चे /

खिलाफत को /

उतारू हैं ।

16 सितंबर 2026

राज्य

गड़वेता-शालबनी के 7 पार्टी दफ्तरों में बीजेपी का उपद्रव, लेनिन की मूर्ति तोड़ी गई

मंगलवार दोपहर गड़वेता के अमलागोड़ा तिराहे पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हथौड़े से लेनिन की मूर्ति तोड़ दी। उससे पहले शनिवार रात शालबनी में हमला हुआ था। शालबनी बाजार के पास सीपीआई(एम) का पुराना कार्यालय 'तुलसी भवन' है। सोमवार आधी रात को सबल और बड़े सीमेंट के खंभों से गेट तोड़कर बीजेपी कार्यकर्ता अंदर घुसे। उन्होंने टीवी, कंप्यूटर, रसोई गैस, पंखे समेत अन्य सामान लूट लिया। इसके बाद तोड़फोड़ करके आग लगा दी।

16 सितंबर 2026

साहित्य-संस्कृति

माफीनामा: हूबनाथ

हम तो /

नारी शक्ति के समक्ष /

नतमस्तक हैं ।

हम सभी /

एक स्त्री से ही तो /

जनमे हैं ।

उसी के संरक्षण में /

हमारा स्वर्णिम /

बालपन बीता है ।

12 सितंबर 2026

और पढ़ें
सभी देखें →
राज्य

'लेफ्ट फॉर फ्यूचर' - बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों का एक आधुनिक मॉडल - केशव भट्टड़

पश्चिम बंगाल का राजनीतिक आकाश आज दो ध्रुवों — टीएमसी और भाजपा — के बीच आपसी वोट लाभ के लिए कुटिल योजना से फँसा दिया गया है। SIR , दबंगता, झूठ और पैसे के दम पर लोकतंत्र के अपहरण की पूरी तैयारी है। एक तरफ है राज्य सत्ता की मशीनरी, परिवारवाद और भ्रष्टाचार की संस्कृति। दूसरी तरफ है केंद्र का SIR अटैक, सांप्रदायिक विभाजन, संस्थाओं पर नियंत्रण और विकास के नाम पर ध्रुवीकरण की राजनीति। दोनों ही दल पूंजीवादी-नवउदारवादी मॉडल पर टिके हुए हैं, जो आर्थिक असमानता को बढ़ावा देते हैं, पर्यावरण की उपेक्षा करते हैं और केवल मुनाफे को प्राथमिकता देते हैं। इन नीतियों के कारण किसान, मजदूर, छात्र, युवा और महिलाओं सहित आम नागरिकों की आवाज दब रही है, उनकी चिंताएं उपेक्षित हो रही हैं और उनके हितों को नुकसान पहुंच रहा है। लेकिन लेफ्ट फ्रंट न तो केवल टीएमसी का विकल्प है और न ही केवल भाजपा का। यह उससे कहीं ज्यादा हैं। लेफ्ट फ्रंट एक स्वतंत्र वैचारिक शक्ति है जो न सत्ता की लूट को बढ़ावा देती है और न ही धर्म के नाम पर समाज को बाँटती है। टीएमसी और भाजपा के भ्रष्टाचार तथा सांप्रदायिक कोलाहल से पूरी तरह अलग, लेफ्ट फ्रंट तीसरा रास्ता प्रस्तुत कर रहा है — लोकतंत्र, समानता और सामाजिक न्याय पर आधारित एक प्रगतिशील भविष्य का रास्ता, जिसका नाम है “लेफ्ट फॉर फ्यूचर”।

केशव कुमार भट्टड़ • 13 अप्रैल 2026

राज्य

दानवीय नियम लाकर कर्मचारियों के अधिकार छीन रही राज्य सरकार

सोशल मीडिया पर समाज के सभी वर्गों के लोग भाजपा सरकार के इस दिशा-निर्देश को लेकर गुस्सा जताने लगे हैं। सत्ता में आने के बाद भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और सिंडिकेट को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' नीति के साथ काम शुरू करने का वादा करने वाली सरकार अचानक कर्मचारियों के पीछे क्यों हाथ धोकर पड़ गई है?

श्रेया जायसवाल • 22 मई 2026

राज्य

राष्ट्र तुम किसके हो ? - शमीक लाहिड़ी

प्रश्न पूछना ही नागरिक का धर्म है- भारत का लोकतंत्र आज एक संधिकाल से गुजर रहा है। यदि सूचनाओं को छिपाकर जनता के जनादेश को बदलने का प्रयास किया जाता है, तो यह विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात होगा।

श्रेया जायसवाल • 19 अप्रैल 2026

वाम की आवाज़ लोगो
वाम की आवाज़

अगर थक गए हो चुप रहकर सहने से, रगों में खून उबल रहा है अन्याय के खिलाफ, न्याय, समानता और प्रगति में हैं विश्वास तो — उठो ! बोलो ! बदलो !

मुख्य पन्ने
जानकारी
हमारे बारे में
संपादकीय नीति
सुधार नीति
गोपनीयता नीति
संपर्क करें
आर्काइव
अभियान कैलेंडर आर्काइव
© 2026 वाम की आवाज़ — जन संघर्ष का डिजिटल पुरालेखMade for the Movement