किसानों के इस जुलूस को रोकने के लिए ठीक तृणमूल के अंदाज में कच्चे बांस की लाठियां लेकर शीतलकुची बाजार स्थित सीपीआई(एम) कार्यालय पर हमला किया गया। इस हमले में किसान सभा के जिला सचिव अकीक हसन, अकबर मिया, अल मामुद मिया और बच्चू मिया घायल।
जन समाचार मंच
किसानों के इस जुलूस को रोकने के लिए ठीक तृणमूल के अंदाज में कच्चे बांस की लाठियां लेकर शीतलकुची बाजार स्थित सीपीआई(एम) कार्यालय पर हमला किया गया। इस हमले में किसान सभा के जिला सचिव अकीक हसन, अकबर मिया, अल मामुद मिया और बच्चू मिया घायल।

किसानों के बोरो धान की औने-पौने दामों में बिक्री को बंद करने और एसआईआर में हटाये गये मतदाताओं के नाम दोबारा सूची में जोड़ने की मांग को लेकर, हाथ में लाल झंडा थामे किसान सभा के जुलूस को रोकने के लिए शुक्रवार को शीतलकुची में तृणमूल कांग्रेस की ही तरह भाजपा ने भी हमले का रास्ता चुना! अपराधियों ने पार्टी कार्यालय में घुसकर किसान सभा के जिला सचिव सहित 4 लोगों पर हमला कर दिया। सीपीआई(एम) और फॉरवर्ड ब्लॉक के कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई। जुलूस में शामिल होने के अपराध में रफिकुल मिया नाम के एक युवक की दुकान को जबरन बंद करा दिया गया।
राज्य सरकार को उन लोगों के नाम मतदाता सूची में दोबारा जोड़ने होंगे जिनके नाम एसआईआर में कट गए हैं, और किसानों के बोरो धान की औने-पौने दामों में हो रही बिक्री को रोकना होगा। खाद्य विभाग कूचबिहार में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान क्यों नहीं खरीदेगा, इस मांग को लेकर शुक्रवार को शीतलकुची ब्लॉक के बीडीओ (BDO) को एक ज्ञापन सौंपा जाना था। किसान सभा ने बीडीओ को पिछले 8 मई को पत्र लिखकर ज्ञापन देने की अनुमति भी ले ली थी। किसानों के इस जुलूस को रोकने के लिए ठीक तृणमूल के अंदाज में कच्चे बांस की लाठियां लेकर शीतलकुची बाजार स्थित सीपीआई(एम) कार्यालय पर हमला किया गया। इस हमले में किसान सभा के जिला सचिव अकीक हसन, अकबर मिया, अल मामुद मिया और बच्चू मिया घायल हो गए।
पुलिस की मौजूदगी में ही भाजपा नेताओं कनक चंद्र बर्मन और देबाशीष बर्मन के नेतृत्व में करीब चालीस बदमाशों के दल ने हमला किया। पुलिस मूकदर्शक बनी रही। बदमाशों के उस दल ने धमकी भी दी कि "भाजपा के राज में लाल झंडा लेकर जुलूस निकालना और ज्ञापन देना नहीं चलेगा।" धमकी को नजरअंदाज करते हुए जब करीब 500 से अधिक किसान पार्टी कार्यालय से लाल झंडा लेकर बीडीओ कार्यालय की ओर बढ़े, तो पुलिस ने जुलूस को रोक दिया। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि बीडीओ से दोबारा बात करके इस मांग को लेकर जुलूस निकाला जाएगा और ज्ञापन दिया जाएगा। जब किसान सभा के कार्यकर्ता लौट गए, तो भाजपा की उसी टोली ने शीतलकुची चौपथी के पास स्थित सीपीआई(एम) कार्यालय पर हमला बोल दिया और जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद उस टोली ने फॉरवर्ड ब्लॉक के एक कार्यालय में भी तोड़फोड़ की।
घटना के बाद किसान सभा के जिला सचिव अकीक हसन ने पत्रकारों से कहा:
"तृणमूल कांग्रेस शीतलकुची में लाल झंडे को प्रतिबंधित घोषित करके भी 15 साल में इसे यहाँ से मिटा नहीं सकी, उल्टे आज वे खुद इस इलाके से साफ हो गए हैं। तृणमूल के उन्हीं असामाजिक तत्वों को साथ लेकर अब भाजपा लाल झंडे को खत्म करने उतरी है। हम किसानों की मांगों को लेकर फिर से लाल झंडे का जुलूस निकालेंगे। हमें रोकने की ताकत उनमें भी नहीं है।"
किसान सभा के आज के जुलूस और ज्ञापन को रोकने तथा हमले की यह साजिश पहले से तय थी, यह बात बीडीओ कार्यालय के सामने के दुकानदारों के बयानों से साफ हो जाती है। उनका कहना है कि दोपहर 3 बजे के बाद से ही भाजपा कार्यकर्ता बीडीओ कार्यालय परिसर में इकट्ठा होने लगे थे। हर किसी के हाथ में बांस और लाठियां थीं। मोटरसाइकिल पर सवार कुछ युवक सीपीआई(एम) पार्टी कार्यालय की तरफ जाकर टोह ले रहे थे कि जुलूस कब निकलेगा! ऐसा माना जा रहा है कि किसान सभा के जुलूस में भारी भीड़ देखकर उन्होंने हमले की जगह बीडीओ कार्यालय को न बनाकर, अचानक बाजार के अंदर स्थित कार्यालय में घुसकर हमला कर दिया।
किसान सभा के नेता अकबर मिया ने कहा, "लगभग एक महीने पहले 8 मई को बीडीओ को पत्र देकर सूचित किया गया था कि किसान सभा 22 जून को ज्ञापन सौंपेगी। बीडीओ ने खुद हमसे अनुरोध किया था कि हम 19 जून को ज्ञापन दें। किसानों की जायज मांगों की लड़ाई से डरकर ही आज भाजपा ने यह हमला किया है।" किसान सभा के जिला नेता अनंत राय ने कहा, "भाजपा सत्ता में आते ही तृणमूल कांग्रेस के ढर्रे पर हिंसक होकर विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है। हमारे किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया है कि बीडीओ से दोबारा अनुमति लेकर जुलूस निकाला जाएगा और ज्ञापन दिया जाएगा। कोई भी ताकत लाल झंडे को नहीं रोक सकती।"
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साभार: गणशक्ति
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अपलोडर: VKA-N9LYCE • प्रकाशित: 20 जून 2026 • 4 मिनट पठन

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दरअसल/
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वह सब कुछ/
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