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रेल बस्ती, हॉकर बेदखली बंद रखने का हाईकोर्ट का निर्देश

राजीव कुमार पाण्डेय•02 जुलाई 20262 मिनट पठन27 बार पढ़ा गया

वकील शामिम अहमद ने आज कहा कि न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य ने अपने निर्देश में कहा था कि रेल अधिकारी बिना किसी हस्ताक्षर के नोटिस भेज रहे हैं। इस तरह के नोटिस प्रभावी नहीं हैं। इसके बाद भी यदि उच्छेद का काम होता है, तो रेल अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला दर्ज किया जाएगा।

रेल बस्ती, हॉकर बेदखली बंद रखने का हाईकोर्ट का निर्देश

कोलकाता हाईकोर्ट ने रेल बस्ती और हॉकरों के बेदखली को बंद रखने का निर्देश दिया है। शालीमार स्टेशन परिसर के बाहर हॉकरों को हटाने और बस्ती बेदखली को लेकर सात दिनों के भीतर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगते हुए बुधवार को न्यायमूर्ति पार्थसारथि सेन ने रेल बस्ती और हॉकर उच्छेद पर 31 जुलाई तक रोक लगा दी है। दूसरी ओर, अदालत ने हावड़ा के बागनान इलाके में भी हॉकरों को हटाने का काम फिलहाल सात दिनों के लिए बंद रखने को कहा है।

इससे पहले न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य ने राज्य के कई रेलवे स्टेशन क्षेत्रों में बस्ती उच्छेद और हॉकर बेदखली पर 30 जून तक रोक लगाई थी। अब इस बेदखली से संबंधित सभी मामलों की सुनवाई न्यायमूर्ति पार्थसारथि सेन की अदालत में चल रही है। लेकिन आरोप लगा है कि कोलकाता हाईकोर्ट का स्थगन आदेश होने के बावजूद विभिन्न स्टेशनों पर रेल अधिकारी उच्छेद का काम चला रहे हैं।

इस संबंध में वकील शामिम अहमद ने आज कहा कि न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य ने अपने निर्देश में कहा था कि रेल अधिकारी बिना किसी हस्ताक्षर के नोटिस भेज रहे हैं। इस तरह के नोटिस प्रभावी नहीं हैं। इसके बाद भी यदि बेदखली का काम होता है, तो रेल अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला दर्ज किया जाएगा। वकील शामिम अहमद ने कहा, "हम नहीं जानते कि अदालत अंततः क्या निर्देश देगी, लेकिन हम अदालत से कहेंगे कि न्याय की स्थापना के लिए पुनर्वास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।"

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साभार: गणशक्ति

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रेल बस्ती, हॉकर बेदखली बंद रखने का हाईकोर्ट का निर्देश

प्रकाशित: 02 जुलाई 2026 • 2 मिनट पठन

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