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कूचबिहार में मीनाक्षी मुखर्जी की गाड़ी पर भाजपा का हमला

अपराजिता•07 जुलाई 20263 मिनट पठन15 बार पढ़ा गया

"गोरक्षा के नाम पर हमारे कॉमरेड की हत्या भाजपा के गुंडों ने की है। हम उनके परिवार से मिलने जा रहे थे। पुलिस के सामने हमारी गाड़ी पर हमला किया गया। पुलिस ने उन्हें बिल्कुल नहीं रोका। इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी होगी। आईसी (इस्पेक्टर इन-चार्ज) के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई जाएगी।"

कूचबिहार में मीनाक्षी मुखर्जी की गाड़ी पर भाजपा का हमला

कूचबिहार: कूचबिहार के शीतलकुची में मारे गए CPI(M) कार्यकर्ता मंटू मियाँ के परिवार से मिलने गईं मीनाक्षी मुखर्जी भाजपा के हमले का शिकार हो गईं। मंगलवार को मीनाक्षी मुखर्जी, पूर्व सांसद अलकेश दास, कूचबिहार जिला के सचिव अनंत राय सहित माकपा नेतृत्व मंटू मियाँ के परिवार से मिलने गया था। रास्ते में भाजपा समर्थित बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। गाड़ी को निशाना बनाकर अंडे फेंके गए। मीनाक्षी मुखर्जी को घेरकर विरोध-प्रदर्शन किया गया। जब यह घटना हो रही थी, तब वहां पुलिस मौजूद थी। पुलिस की ओर से भाजपा कार्यकर्ताओं को कोई नहीं रोका गया।

मीनाक्षी मुखर्जी से संपर्क करने पर उन्होंने कहा, "गोरक्षा के नाम पर हमारे कॉमरेड की हत्या भाजपा के गुंडों ने की है। हम उनके परिवार से मिलने जा रहे थे। पुलिस के सामने हमारी गाड़ी पर हमला किया गया। पुलिस ने उन्हें बिल्कुल नहीं रोका। इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी होगी। आईसी (इस्पेक्टर इन-चार्ज) के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई जाएगी।"

सिर्फ मंटू मियाँ ही नहीं, मुंबई में काम करने के दौरान उसी गाँव के एक अन्य युवक की भी मौत हुई है। जिसके साथ वह काम पर गया था, परिवार वाले अब उससे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। पुलिस की ओर से भी शव को वापस लाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। आज नेतृत्व का उस प्रवासी श्रमिक के परिवार से भी मिलने का कार्यक्रम है।

राज्य में भाजपा सरकार आने के बाद गोरक्षकों के हमले में पहले शहीद मंटू मियाँ माकपा के सक्रिय कार्यकर्ता थे। चुनाव के समय भी उन्होंने सक्रिय रूप से पार्टी के लिए काम किया था। विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के दो महीने बाद पिछले शनिवार को ही पहली बार शीतलकुची के गोसाईंहाट में मवेशियों की खरीद-बिक्री शुरू हुई थी। यहीं से पठानटोली गाँव के निवासी याकूब मियाँ ने एक गाय खरीदी थी। खरीदी गई गाय को उसके घर पहुँचाने के उद्देश्य से ही शनिवार को मंटू मियाँ गाय लेकर पैदल रवाना हुए थे। गाय खरीदने के बाद उसे खरीदार के घर पहुँचाकर वे थोड़ी-बहुत कमाई कर लेते थे, वे इलाके में चरवाहे के रूप में जाने जाते थे। जब वे गाय लेकर रवाना हुए, तभी शायद हमलावरों ने उनका पीछा किया था। बाद में रविवार सुबह उनका क्षत-विक्षत और एसिड से जला हुआ शव बरामद हुआ।

मध्यम आयु के मंटू मियाँ शीतलकुची के गोलेनाओहाटी के स्थायी निवासी थे, लेकिन शादी के बाद से अपने ससुराल में ही रहते थे। सोमवार सुबह मारे गए मंटू मियाँ के ससुराल जाने पर देखा गया कि पूरा परिवार सदमे में है। हर कोई डरा और सहमा हुआ है। मृतक की पत्नी आसेदा खातून बार-बार रो पड़ रही हैं। उसी हालत में उन्होंने बताया, "शनिवार तड़के घर से निकलते समय उन्होंने कहा था कि रात को घर लौटकर बेटी के साथ मिलकर खाना खाएंगे। रात को घर न लौटने पर परिवार के सभी लोग उन्हें ढूंढने निकले थे। अपनी 7 साल की बेटी रिया को साथ लेकर मैं भी लगभग पूरी रात आसपास की सड़कों पर पति को ढूंढती रही। घर से इतनी दूर पति का शव मिलेगा, इसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी।"

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साभार: डिजिटल गणशक्ति

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कूचबिहार में मीनाक्षी मुखर्जी की गाड़ी पर भाजपा का हमला

प्रकाशित: 07 जुलाई 2026 • 3 मिनट पठन

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