"तानाशाह हुकूमतें जिस्मों को कमजोर कर सकती हैं, लेकिन हक की लड़ाई लड़ रहे फौलादी इरादों को नहीं।"
नीट घोटाले के खिलाफ और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का अनशन 17वें दिन भी जारी है, जिससे उनका वजन 8.5 किलो तक घट गया है। अरुंधती राय, नसीरुद्दीन शाह और जयती घोष सहित देश के 1,821 प्रतिष्ठित नागरिकों ने उनके गिरते स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए अनशन वापस लेने की अपील की है। इस अपील पर वांगचुक ने साफ कर दिया है कि जब तक केंद्र सरकार प्रदर्शनकारियों को वार्ता के लिए नहीं बुलाती, वे अपना सत्याग्रह खत्म नहीं करेंगे। इस बीच, विपक्षी दलों के समर्थन के साथ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन यानी 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च की तैयारियां तेज कर दी हैं। वामपंथी और लोकतांत्रिक ताकतों ने इस मार्च को सफल बनाने और संसद के भीतर व बाहर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर मोदी सरकार को पूरी तरह घेरने का संकल्प लिया है।
हठधर्मी सत्ता के सामने अडिग सत्याग्रह: वार्ता होने तक अनशन जारी रखने पर अडिग सोनम वांगचुक
"तानाशाह हुकूमतें जिस्मों को कमजोर कर सकती हैं, लेकिन हक की लड़ाई लड़ रहे फौलादी इरादों को नहीं।"
17 दिनों के अनशन में वांगचुक का वजन 8.5 किलो घटा; तीन छात्र नेता अस्पताल में भर्ती, हालत बेहद नाजुक
अरुंधती राय, नसीरुद्दीन शाह और जयती घोष समेत 1,821 बुद्धिजीवियों ने जताई चिंता, कहा- 'यह लंबी लड़ाई है, नेतृत्व का स्वस्थ रहना जरूरी'
नीट घोटाले और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर डटी 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP); 20 जुलाई को संसद घेराव की तैयारी तेज
वामपंथी और लोकतांत्रिक ताकतों ने संसद मार्च को सफल बनाने और संसद के भीतर व बाहर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर मोदी सरकार को घेरने का लिया संकल्प
नई दिल्ली, 14 जुलाई। देश की राजधानी के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर मोदी सरकार की छात्र-विरोधी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जारी प्रतिरोध एक नए और बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। प्रख्यात पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने देश के करीब 1,800 से अधिक प्रतिष्ठित नागरिकों, लेखकों और अभिनेताओं की भावुक अपील के बावजूद अनशन तोड़ने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक केंद्र सरकार प्रदर्शनकारियों को बातचीत की मेज पर नहीं बुलाती, तब तक उनका यह अनशन जारी रहेगा। 17 दिनों से लगातार जारी इस अनशन के कारण सोनम वांगचुक का शरीर तेजी से कमजोर हो रहा है। उनका वजन लगभग साढ़े 8 किलो घट चुका है, रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) गिरकर 109/70 पर आ गया है और वे तेजी से अपनी मांसपेशियों की क्षमता (मसल मास) खो रहे हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार को बताया कि जब वांगचुक से स्वास्थ्य का हवाला देकर अनशन तोड़ने का अनुरोध किया गया, तो उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा:
"मुझसे अनशन तोड़ने के लिए मत कहिए, बल्कि इस गूंगी-बहरी सरकार से पूछिए कि वह आंदोलनकारियों के साथ बातचीत की मेज पर क्यों नहीं बैठ रही है?"
इस बीच, जंतर-मंतर पर उनके साथ अनशन पर बैठे तीन छात्र नेताओं की शारीरिक स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। कई अन्य प्रदर्शनकारियों के रक्त में शर्करा का स्तर (ब्लड शुगर लेवल) चिंताजनक रूप से गिर गया है। इसके बावजूद आंदोलनकारियों का हौसला डगमगाया नहीं है।
नीट घोटाले के खिलाफ 25 दिनों से जारी है सीजेपी का महाआंदोलन
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट (NEET) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई बड़े पैमाने पर धांधली के खिलाफ जंतर-मंतर पर कॉकराच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन आज 25वें दिन में प्रवेश कर गया। इस छात्र आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक 28 जून से अनशन पर बैठे हैं, जिसका आज 17वां दिन है। आंदोलन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सीपीआई(एम) और कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दलों के शीर्ष नेता लगातार जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन दे रहे हैं। मंगलवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल और शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने फोन पर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी ली और आगामी 20 जुलाई को विपक्ष द्वारा प्रस्तावित संसद मार्च को अपना पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया।
सांस्कृतिक जगत और बुद्धिजीवियों का मिला भारी जनसमर्थन
सोनम वांगचुक के समर्थन में देश की प्रतिष्ठित हस्तियां भी खुलकर सामने आ गई हैं। प्रख्यात और वरिष्ठ अभिनेत्री ज़ीनत अमान ने केंद्र सरकार को तुरंत बातचीत शुरू करने की चेतावनी देते हुए कहा, "भारत को अपने सबसे बेहतरीन और अनमोल दिमागों में से एक को इस तरह आत्मबलिदान करने के लिए नहीं छोड़ देना चाहिए।" सुपरहिट फिल्म '3 इडियट्स' के अभिनेता ओमी वैद्य (जिन्होंने चतुर रामलिंगम का किरदार निभाया था) ने भी एक वीडियो संदेश जारी कर वांगचुक की जान बचाने की भावुक अपील की है। गौरतलब है कि इस फिल्म का मुख्य किरदार 'फुंसुक वांगडू' (आमिर खान द्वारा अभिनीत) सोनम वांगचुक के जीवन और उनके आविष्कारों से प्रेरित होकर ही गढ़ा गया था। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वांगचुक से अनशन वापस लेने का अनुरोध करते हुए केंद्र की सत्ता पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "इस संवेदनहीन और कॉरपोरेटपरस्त भाजपा सरकार के सामने आत्मत्याग और नैतिक मूल्यों की कोई कीमत नहीं है, इसलिए आपको अपने स्वास्थ्य की रक्षा करनी चाहिए।"
1,821 प्रतिष्ठित नागरिकों का साझा बयान: 'लड़ाई लंबी है'
इससे पहले, देश की जानी-मानी लेखिका व मानवाधिकार कार्यकर्ता अरुंधती राय, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह और प्रसिद्ध वामपंथी अर्थशास्त्री जयती घोष सहित 1,821 प्रतिष्ठित नागरिकों ने एक संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने आंदोलन की मांगों को अपना पूरा समर्थन देते हुए अनशनकारियों के गिरते स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त की और उनसे अनशन वापस लेने की अपील की। नागरिक समाज का कहना है कि:
"फासीवादी और जनविरोधी ताकतों के खिलाफ यह लड़ाई बहुत लंबी और दूरगामी है। व्यवस्था को बदलने के लिए हमारे जुझारू नेतृत्व का स्वस्थ और जीवित रहना बेहद जरूरी है।"
20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च की तैयारियां तेज
सीजेपी (CJP) नेतृत्व ने बताया कि उन्होंने आंदोलन को व्यापक जन-अधार देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, उमर अब्दुल्ला, चंद्रशेखर आजाद और असदुद्दीन ओवैसी समेत देश के तमाम शीर्ष विपक्षी नेताओं को जंतर-मंतर आने का न्योता भेजा है। लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करते हुए सीजेपी ने भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा को भी आमंत्रण भेजा है। आगामी 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 'चलो संसद' (संसद मार्च) की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। वामपंथी और लोकतांत्रिक ताकतों ने इस मार्च को सफल बनाने और संसद के भीतर व बाहर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर मोदी सरकार को पूरी तरह घेरने का संकल्प लिया है।
साभार: बांग्ला दैनिक गणशक्ति। 15 जुलाई 2026
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