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सरकार को विकेंद्रीकृत और बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली पर ध्यान देना चाहिए: विधानसभा में सीपीआई(एम) विधायक मुस्तफिजुर रहमान ने रखा प्रस्ताव

राजीव कुमार पाण्डेय•20 जुलाई 20263 मिनट पठन10 बार पढ़ा गया

मीडिया में सिर्फ़ खबरें बनाना ही काफ़ी नहीं है, नई सरकार को विकेंद्रीकृत और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। यह बात डोमकल के CPI(M) नेता मुस्तफ़िज़ुर रहमान ने सोमवार को विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री की बजट मांगों पर चर्चा के दौरान कही।

सरकार को विकेंद्रीकृत और बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली पर ध्यान देना चाहिए: विधानसभा में सीपीआई(एम) विधायक मुस्तफिजुर रहमान ने रखा प्रस्ताव

मीडिया में सिर्फ़ खबरें बनाना ही काफ़ी नहीं है, नई सरकार को विकेंद्रीकृत और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। यह बात डोमकल के CPI(M) नेता मुस्तफ़िज़ुर रहमान ने सोमवार को विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री की बजट मांगों पर चर्चा के दौरान कही। इसके साथ ही उन्होंने जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाने और वंचित लोगों को उचित सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा।

चर्चा के दौरान मुस्तफ़िज़ुर रहमान ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है। स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचा पिछले 15 वर्षों में धीरे-धीरे पूरा हुआ है। इनमें ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ-साथ ज़िला और राज्य स्वास्थ्य व्यवस्थाएं भी शामिल हैं। इसलिए, इस नई सरकार का लक्ष्य विकेंद्रीकृत और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था होनी चाहिए, जो ग्रामीण इलाकों के वंचित लोगों तक भी पहुंच सके।

इसके साथ ही उन्होंने अतीत में हुए आरजी कर घोटाले का ज़िक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सरकार की कमियों को पहले पहचान कर दूर करना ज़रूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा में बजट में आवंटित करोड़ों रुपये से भी बड़ा मुद्दा यह है कि क्या आवंटित धनराशि प्राथमिक स्तर तक पहुंच रही है या नहीं, हमें यह देखना चाहिए कि इसका सही उपयोग हो रहा है या नहीं। ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है, भले ही डॉक्टरों का रिकॉर्ड हो, वे समय पर वहां नहीं पहुंचते - हमें आम जनता को प्रभावित करने वाले ऐसे मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है। साथ ही, इस बार राज्य सरकार ने मरीजों के लिए आवंटन बढ़ाया है, फिर भी हर बार भोजन आपूर्ति की व्यवस्था वही एजेंसियां करती हैं, और वे एजेंसियां अक्सर अस्पतालों के साथ सांठगांठ करती हैं। ऐसे मुद्दों को सरकार की निगरानी में लाने की जरूरत है। राज्य में स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों की सुरक्षा भी नियंत्रित है, ज्यादातर समय यह देखा गया है कि उप-मंडल अस्पतालों में इस काम में लगे लोग किसी नेता या मंत्री के करीबी होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप, इन अस्पतालों में वार्ड बॉय या वार्ड गर्ल के रूप में काम करने वालों की गुणवत्ता अच्छी नहीं होती है। सरकार को इन मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है। अगर हम अस्पताल सुरक्षा में ढिलाई बरतते हैं, जैसा कि पहले भी हो चुका है, तो इससे खतरनाक स्थिति पैदा हो जाएगी।

उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने डोमकल के एक उपमंडल अस्पताल में कुछ समस्याओं का जिक्र मीडिया के सामने किया, लेकिन सिर्फ प्रचार के लिए मीडिया के सामने इस मामले को उठाना उचित नहीं है। हमें कई ग्रामीण अस्पतालों में इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है, जहां समय पर बाहरी सेवाएं शुरू नहीं की जाती हैं। हमें आशा कार्यकर्ताओं द्वारा किए जाने वाले कार्यों की भी जांच करनी होगी और यह देखना होगा कि गर्भवती माताओं को दी जाने वाली सेवाएं वास्तव में ठीक से प्रदान की जा रही हैं या नहीं। मरीजों को गांवों से शहर के अस्पताल में भेजा जाता है, लेकिन वहां उनकी ठीक से जांच किए बिना ही उन्हें दूसरे स्थान पर भेज दिया जाता है। इस तरह मरीजों को भेजे जाने से होने वाली परेशानी को देखते हुए यह देखना जरूरी है कि रोगी कल्याण संघ और मौजूदा निगरानी समितियां उचित सेवाएं प्रदान कर रही हैं या नहीं। इसके अलावा, आयुर्वेदिक उपचार के बढ़ते प्रभाव के कारण होम्योपैथी उपचार को भी विशेष महत्व दिया जाना चाहिए। रक्त बैंकों में रक्त की कमी के मुद्दे पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए और रक्त बैंकों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।

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साभार:- गणशक्ति

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सरकार को विकेंद्रीकृत और बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली पर ध्यान देना चाहिए: विधानसभा में सीपीआई(एम) विधायक मुस्तफिजुर रहमान ने रखा प्रस्ताव

प्रकाशित: 20 जुलाई 2026 • 3 मिनट पठन

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