मीनाक्षी मुखर्जी ने आरजी कर अस्पताल की घटना का उल्लेख करते हुए कहा, "वहाँ अभया के साथ केवल बलात्कार और हत्या ही नहीं हुई, बल्कि अस्पताल में मानव अंगों का व्यापार भी चल रहा था। घटिया फ़िल्में बनाकर धंधा किया जा रहा था। पैसे देकर डॉक्टर बनाए जा रहे थे, और यही काम भाजपा आज पूरे देश में कर रही है।" उन्होंने आगे कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने सातवीं पास व्यक्ति को शिक्षक की नौकरी दी, जबकि भाजपा पैसों के बदले डॉक्टरों को नौकरियां दे रही है। देश भर में पेपर लीक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पैसों के दम पर प्रश्नपत्र बेचे गए, जिसके खिलाफ आज देशव्यापी आंदोलन चल रहा है।
लोगों ने तृणमूल कांग्रेस को सबक सिखाने के लिए भाजपा को वोट दिया था। लेकिन भाजपा अब उसी तृणमूल कांग्रेस के छोड़े हुए जूतों को पहनकर चलना चाहती है। कामदुनी, गायघाटा, संदेशखाली और वीरभूम के चोरों, भ्रष्टाचारियों और लुटेरे तृणमूल नेताओं को भाजपा 'अच्छी तृणमूल' कह रही है। जनता के डर से दागी तृणमूल नेता भाजपा में जाकर 'अच्छे तृणमूल' बन रहे हैं! बुधवार को विष्णुपुर के पैलान बाजार में एक जनसभा में माकपा (सीपीआई-एम) केंद्रीय समिति की सदस्य मीनाक्षी मुखर्जी ने ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा, "हम नौकरियों की मांग और महंगाई के खिलाफ लड़ रहे हैं। बेरोजगार युवक-युवतियां नौकरी की मांग को लेकर सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। उसी समय अर्पिता के बिस्तर के नीचे से भारी मात्रा में नकदी निकल रही है! हमने देखा है कि भाजपा के सहयोग और आरएसएस (RSS) के शह पर तृणमूल कांग्रेस ने बेलगाम भ्रष्टाचार किया है। पिछले 15 वर्षों में इस राज्य के बच्चों में पढ़ाई-लिखाई के प्रति उदासीनता पैदा हुई है। तृणमूल से भी ज्यादा खतरनाक भाजपा है। तृणमूल कांग्रेस तो सिर्फ एक शाखा (डाल) है।"
मीनाक्षी मुखर्जी ने आरजी कर अस्पताल की घटना का उल्लेख करते हुए कहा, "वहाँ अभया के साथ केवल बलात्कार और हत्या ही नहीं हुई, बल्कि अस्पताल में मानव अंगों का व्यापार भी चल रहा था। घटिया फ़िल्में बनाकर धंधा किया जा रहा था। पैसे देकर डॉक्टर बनाए जा रहे थे, और यही काम भाजपा आज पूरे देश में कर रही है।" उन्होंने आगे कहा कि तृणमूल ने सातवीं पास व्यक्ति को शिक्षक की नौकरी दी, जबकि भाजपा पैसों के बदले डॉक्टरों को नौकरियां दे रही है। देश भर में पेपर लीक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पैसों के दम पर प्रश्नपत्र बेचे गए, जिसके खिलाफ आज देशव्यापी आंदोलन चल रहा है।
वोटर लिस्ट (एसआईआर) के संदर्भ में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की योजना के तहत मतदाता सूची से 27 लाख नाम हटा दिए गए हैं। इस हटाई गई सूची में आधे से अधिक महिलाओं के नाम हैं। मतदाता सूची में नाम जोड़ना, फर्जी नाम हटाना और मृतकों के नाम खारिज करना चुनाव आयोग का काम है। तो फिर आयोग की गलती की सजा आम जनता को क्यों मिल रही है? आज महिलाएं ट्रिब्यूनल और बीडीओ कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं। हमारी मांग है कि यह ट्रिब्यूनल ब्लॉक कार्यालय के बजाय हर पंचायत स्तर पर आयोजित हो। जो काम बीएलओ (BLO) को घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन से करना था, उसमें हुई गलतियों के लिए चुनाव आयोग उन बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है?
भाजपा की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए मीनाक्षी मुखर्जी ने कहा, "हमने चुनाव से पहले कहा था कि तृणमूल ने चोरी, भ्रष्टाचार और लूट की है; रोजगार देना होगा। भाजपा ने वादा किया था कि वह नौकरियां देगी। लेकिन जनवरी से मार्च के बीच के केवल तीन महीनों के आंकड़े बताते हैं कि पूरे देश में 27 लाख सरकारी नौकरियां खत्म हो चुकी हैं।" उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ हमारी वैचारिक लड़ाई है, यह संविधान और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने वामपंथी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे हिम्मत के साथ सड़कों पर उतरें। उन्होंने कहा, "हम डरते नहीं हैं, बल्कि वे हमसे डरते हैं। विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के पास बहुमत हो सकता है, लेकिन संघर्ष की सड़कों पर बहुमत हमारा है।"
सभा में माकपा केंद्रीय समिति के सदस्य शमीक लाहिड़ी ने कहा, "तृणमूल कांग्रेस शासन के 15 वर्षों में यहाँ कोई सभा नहीं करने दी गई और पूरे पैलान क्षेत्र पर कब्जा कर लिया गया था। तृणमूल चोरों और लुटेरों का गोदाम थी, और अब भाजपा को उन्हीं चोरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। तृणमूल के सारे चोरों को भाजपा अपने गोदाम में भर रही है।" उन्होंने राज्य के युवाओं के भविष्य पर चिंता जताते हुए कहा कि वाम मोर्चा सरकार ने विष्णुपुर के पैलान से फलता तक औद्योगिक कॉरिडोर बनाया था। पिछले 15 वर्षों में तृणमूल की जबरन वसूली के कारण कारखाने बंद हो गए और उस औद्योगिक कॉरिडोर को श्मशान व कब्रिस्तान में बदल दिया गया। वर्तमान मुख्यमंत्री भी कभी इन कुकर्मों के भागीदार थे, लेकिन अब उनके मुंह से इस पर एक शब्द नहीं निकलता। फलता विशेष आर्थिक क्षेत्र (एफटीजेड) में वाम मोर्चा के समय 14 हजार श्रमिक काम करते थे, जहाँ अब केवल 2 हजार श्रमिक रह गए हैं।
बारुईपुर में झूठे मामले में लाहेक अली की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए जिला सचिव रतन बागची ने कहा, "पुलिस पहले तृणमूल कांग्रेस की गुलाम थी, अब भाजपा की गुलाम बन गई है। भाजपा किसी भी विरोध को बर्दाश्त नहीं कर सकती।" लाहेক अली की गिरफ्तारी के विरोध में 25 जुलाई को बारुईपुर में एक महा-रैली बुलाई गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि सड़कों और अदालतों की लड़ाई जारी रहेगी और झूठे मुकदमों में फंसाकर लाल झंडे को रोका नहीं जा सकता।
सीपीआई(एम) विष्णुपुर-1 एरिया कमेटी द्वारा आयोजित इस सभा में पार्टी नेता प्रभात चौधरी, अमजद शेख, सुफल पाल, शंभू कुर्मी आदि ने भी अपने विचार रखे और सभा का संचालन एरिया कमेटी के सचिव श्यामलाल ने किया।
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साभार:- गणशक्ति
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