गुनहगारों को वज़ीर/
तालिब ए इल्म को फ़कीर/
बनाने के लिए/
दिल से शुक्रिया!
जन समाचार मंच
गुनहगारों को वज़ीर/
तालिब ए इल्म को फ़कीर/
बनाने के लिए/
दिल से शुक्रिया!

शुक्रिया सियासत
लाख लाख शुक्रिया
जम्हूरियत को
जहालत में
बदलने के लिए
शुक्रिया!
गुनहगारों को वज़ीर
तालिब ए इल्म को फ़कीर
बनाने के लिए
दिल से शुक्रिया!
हत्यारे को हुक्मरान
इबादतगाहों को
पीकदान बनाने के लिए
रूह की गहराइयों से
शुक्रिया
देश के युवाओं को
कील लगी लाठियों से पीटने के लिए
संविधान की धज्जियां
उड़ाने के लिए
मुल्क को फांसी पर
चढ़ाने के लिए
बेहद शुक्रिया
मुल्क के अस्सी करोड़
सम्मानित नागरिकों को
पांच किलो अनाज देकर
भिखारी और नाकारा
बनाने के लिए
दिल से शुक्रिया
बेहयाई के सम्मान के लिए
गुंडई के अभिमान के लिए
कमीनगी के परवान के लिए
शराफ़त के बलिदान के लिए
शुक्रिया सियासत
झूठ और मक्कारी को
बेपनाह इज़्ज़त बख्शने
व्यापार और अपराध को
बाइज़्ज़त साथ जोड़ने के लिए
सचाई का सिर फोड़ने के लिए
राष्ट्र को तबाही की तरफ़
मोड़ने के लिए
हज़ारहा शुक्रिया!
शुक्रिया
कि तुमने इन्सान और
इन्सान के बीच
गहरी खाई बनाई
कि मज़हब के ज़हर की
घुट्टी पिलाई
कि कुंद कर दिए ज़हन
बंद कर दी रिवायतें
सोचने और समझने की
एक सौ चालीस करोड़
जीते जागते इन्सानों को
भेड़ की तरह हांकने के लिए
मां जैसी ज़मीन को
टुकड़ों में बांटने के लिए
हज़ारों साल की संस्कृति को
जड़ से ही काटने के लिए
कितना शुक्रिया अदा करूं
यह मेरी समझ के बाहर है
फिर भी
तुम्हारा लाख लाख शुक्रिया
सियासत
कि तुमने
हंसती खेलती ज़िंदगी को
जहन्नुम बना दिया
शुक्रिया!
शुक्रिया!!
शुक्रिया!!!
- हूबनाथ
[लेखक परिचय: लगभग 20 पुस्तकों के अनुवाद एवं संपादन का काम कर चुके लेखक हूबनाथ 'बाजा', 'हमारी बेटी' और 'अंतर्ध्वनि' फिल्मों में संवाद लेखन कर चुके है। आपकी 'कौए', 'लोअर परेल', 'अकाल' व 'मिट्टी' नाम से काव्य संग्रह सहित 'ललित निबंध', 'सिनेमा समाज साहित्य' समेत अनेक किताबें प्रकाशित है। आप मुंबई में रहते है।]
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प्रकाशित: 23 जुलाई 2026 • 2 मिनट पठन

प्रश्न करना /
राजद्रोह /
आंदोलन करना /
देशद्रोह /
हक़ मांगना /
राष्ट्रद्रोह /
बना दिया ।
इन सबके बावजूद /
लोग डर नहीं रहे /
छोटे-छोटे बच्चे /
खिलाफत को /
उतारू हैं ।
16 सितंबर 2026

मंगलवार दोपहर गड़वेता के अमलागोड़ा तिराहे पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हथौड़े से लेनिन की मूर्ति तोड़ दी। उससे पहले शनिवार रात शालबनी में हमला हुआ था। शालबनी बाजार के पास सीपीआई(एम) का पुराना कार्यालय 'तुलसी भवन' है। सोमवार आधी रात को सबल और बड़े सीमेंट के खंभों से गेट तोड़कर बीजेपी कार्यकर्ता अंदर घुसे। उन्होंने टीवी, कंप्यूटर, रसोई गैस, पंखे समेत अन्य सामान लूट लिया। इसके बाद तोड़फोड़ करके आग लगा दी।
16 सितंबर 2026

हम तो /
नारी शक्ति के समक्ष /
नतमस्तक हैं ।
हम सभी /
एक स्त्री से ही तो /
जनमे हैं ।
उसी के संरक्षण में /
हमारा स्वर्णिम /
बालपन बीता है ।
12 सितंबर 2026

रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने स्पष्टत: कहा कि राममोहन राय ने भारत में आधुनिक युग का उद्घाटन किया, आज के विश्वजनीन सहयोग के जमाने की मानवता में हमारी दीक्षा उन्होंने ही सम्पन्न किया।
श्रेया जायसवाल • 22 मई 2026

भक्ति-आन्दोलन का जनसाधारण पर जितना व्यापक प्रभाव हुआ उतना किसी अन्य आन्दोलन का नहीं। पहली बार शूद्रों ने अपने सन्त पैदा किये, अपना साहित्य और अपने गीत सृजित किये। कबीर, रैदास, नाभा सिपी, सेना नाई, आदि-आदि महापुरुषों ने ईश्वर के नाम पर जातिवाद के विरुद्ध आवाज बुलन्द की। समाज के न्यस्त स्वार्थवादी वर्ग के विरुद्ध नया विचारवाद अवश्यम्भावी था , वह हुआ।
अपराजिता • 30 जुलाई 2026

जो लोग/
गाली से भी बदतर हैं/
उन्हें शिकायत है/
कि लड़कियां/
गाली दे रही हैं।
दरअसल/
लड़कियां/
वह सब कुछ/
सूद समेत लौटा रही हैं।
राजीव कुमार पाण्डेय • 29 अगस्त 2026
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