बारुईपुर में एसीजेएम कोर्ट में आज सुनवाई के दौरान लाहेक अली की जमानत की अर्जी देते हुए वकीलों ने कहा कि हम शुरू से कह रहे हैं कि पीड़िता के परिवार के साथ खड़े होने के कारण लाहेक अली को राजनीतिक उद्देश्य के तहत फंसाया गया है।
जन समाचार मंच
बारुईपुर में एसीजेएम कोर्ट में आज सुनवाई के दौरान लाहेक अली की जमानत की अर्जी देते हुए वकीलों ने कहा कि हम शुरू से कह रहे हैं कि पीड़िता के परिवार के साथ खड़े होने के कारण लाहेक अली को राजनीतिक उद्देश्य के तहत फंसाया गया है।

बारुईपुर मामले में सीपीआई-एम के खिलाफ दर्ज कथित झूठे मुकदमे में गिरफ्तार लाहेक अली को अब बारुईपुर कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत का निर्देश दिया है। दो चरणों में 11 दिनों की पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद आज उन्हें अदालत में पेश किया गया था। हालांकि, न्यायाधीश ने पुरानी प्राथमिकी के साथ लाहेक अली के खिलाफ चल रहे मामले को जोड़ने की सरकारी वकील की याचिका को आज खारिज कर दिया।
बारुईपुर में एसीजेएम कोर्ट में आज सुनवाई के दौरान लाहेक अली की जमानत की अर्जी देते हुए वकीलों ने कहा कि हम शुरू से कह रहे हैं कि पीड़िता के परिवार के साथ खड़े होने के कारण लाहेक अली को राजनीतिक उद्देश्य के तहत फंसाया गया है। इसी घटना को लेकर लगातार 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं। ये केस नंबर 1352, 1353, 1355 और 1388 हैं। पुलिस ने उन्हें केस नंबर 1388 में गिरफ्तार किया है। बाकी ३ मामलों में अग्रिम जमानत की अर्जी देने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) में याचिका दायर की गई है। गुरुवार को इस मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन केस नंबर 1388 की केस डायरी न आने के कारण कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। न्यायाधीश ने कहा कि वह सोमवार को सुनवाई करेंगे और उन्होंने राज्य के एडवोकेट जनरल व सरकारी वकील को मौखिक तौर पर निर्देश दिया है कि बाकी 3 मामलों में आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने वकीलों से यह बात सुनने के बाद उनसे कहा कि वे अदालत में लिखित याचिका देकर यह बात कहें। न्यायाधीश की सलाह के अनुसार वकीलों ने आज याचिका जमा कर दी।
आज बारुईपुर कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने आरोपी की जमानत का विरोध किया और केस नंबर 1388 के साथ केस नंबर 1355 को एक साथ जोड़ने की अपील की। इसे लेकर कोर्ट में वकीलों के बीच काफी बहस हुई। लाहेक अली की तरफ से वकीलों ने कहा कि अदालत ने शुरुआत से ही माना है कि चारों एफआईआर अलग-अलग हैं। हमने भी सवाल उठाया है कि एक ही घटना के लिए ४ अलग-अलग एफआईआर कैसे दर्ज हो सकती हैं!
बारुईपुर के सूर्यपुर की घटना में ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के बाद, लाहेक अली के खिलाफ हत्या, साजिश, दंगा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और धार्मिक वैमनस्य फैलाने सहित कई गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला तैयार किया गया है। बारुईपुर के सूर्यपुर में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार और हत्या की घटना के बाद भीड़ की पिटाई (मॉब लिंचिंग) से इंद्रजीत मंडल नाम के एक युवक की मौत हो गई थी। समाज के सभी वर्गों के लोगों ने इस भीड़ द्वारा की गई पिटाई की घटना का कड़ा विरोध किया है। लेकिन मुख्यमंत्री ने जांच पूरी होने से पहले ही मृतक इंद्रजीत मंडल को बेकसूर घोषित कर दिया था। जबकि मृतक नाबालिग लड़की के पिता द्वारा दर्ज कराई गई पहली लिखित शिकायत में तीसरे नंबर पर इसी इंद्रजीत मंडल का नाम शामिल था। हालांकि यह घटना 5 जुलाई को हुई थी, लेकिन बारुईपुर थाने की पुलिस ने इस मामले में लाहेक अली के खिलाफ खुद से (सुओ मोटो) कोई मामला दर्ज नहीं किया था।
11 तारीख को मुख्यमंत्री ने सूर्यपुर जाकर चेतावनी दी थी। यहाँ तक कि उन्होंने यह भी टिप्पणी की थी कि जो लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे, वे 'भारतीय नहीं हो सकते'। इसके तुरंत बाद, घटनास्थल से लगभग आठ-नौ किलोमीटर दूर बारुईपुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 के निवासी और भाजपा के मंडल अध्यक्ष गौतम चक्रवर्ती द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर 12 तारीख की रात को लाहेक अली को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। 12 तारीख को एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर लाहेक अली की गिरफ्तारी हो गई। हालांकि, उस एफआईआर का उस दिन सूर्यपुर में हुए सामूहिक बलात्कार-हत्या और उसके विरोध में हुए प्रदर्शनों से कोई सीधा संबंध नहीं है। लाहेक अली के खिलाफ दर्ज शिकायत में भाजपा नेता गौतम चक्रवर्ती ने केवल यह 'आशंका' जताई है कि लाहेक अली वहां सांप्रदायिक दंगा भड़काने की कोशिश कर रहे थे, वह देशद्रोही हैं आदि। और इस शिकायत के दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर नरेंद्रपुर थाने की पुलिस ने बिना किसी नोटिस के उनके घर पर धावा बोलकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
सुनवाई के बाद वकील राणा गांगुली और सायन बनर्जी ने कहा, "हम पहले दिन से कह रहे हैं कि राजनीतिक द्वेष के चलते साजिश के तहत यह एफआईआर की गई है। एक ही घटना पर कुल 4 अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने केस नंबर 1388 में गिरफ्तारी की है। अब सरकारी वकील इस केस के साथ केस नंबर 1355 को जोड़ने की अपील कर रहे हैं। हमने अदालत को बताया कि जब कोर्ट खुद इन 4 मामलों को अलग बता चुका है, तो अब एक केस को दूसरे के साथ कैसे जोड़ा जा सकता है?"
सीपीआई-एम के दक्षिण २४ परगना जिला सचिव रतन बागची सहित पार्टी के अन्य नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व समर्थक आज बारुईपुर कोर्ट परिसर में मौजूद थे। इस बीच, सूर्यपुर में इंद्रजीत मंडल की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में बारुईपुर थाने की पुलिस ने लुत्फर शेख नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है।
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साभार: गणशक्ति
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अपलोडर: VKA-N9LYCE • प्रकाशित: 25 जुलाई 2026 • 5 मिनट पठन

जो लोग/
गाली से भी बदतर हैं/
उन्हें शिकायत है/
कि लड़कियां/
गाली दे रही हैं।
दरअसल/
लड़कियां/
वह सब कुछ/
सूद समेत लौटा रही हैं।
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