"अगर आख़िरकार आपको अपनी पतलून उतारनी ही थी, तो आपने अपना तमाशा क्यों बनवाया?"
जन समाचार मंच
"अगर आख़िरकार आपको अपनी पतलून उतारनी ही थी, तो आपने अपना तमाशा क्यों बनवाया?"

शुरू से ही यह कहा जा रहा है कि नीट पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी के लिए सरकार ज़िम्मेदार है; शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इसकी ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा दें। घटनाओं के क्रम ने यह साबित कर दिया है कि गलत काम करके कोई बच नहीं सकता।
शनिवार को प्रधान के इस्तीफ़े के बाद के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने ये बातें कहीं। इससे पहले दिन में उन्होंने बारुईपुर में सीपीआई(एम) द्वारा आयोजित एक रैली में हिस्सा लिया था।
सलीम ने कहा कि तीन छात्रों ने सीबीएससी परीक्षाओं में हुई धोखाधड़ी का पर्दाफ़ाश किया था, और आख़िरकार इसका खामियाज़ा छात्रों को ही भुगतना पड़ा। 'नीट ' परीक्षा पेपर लीक के कारण कई छात्रों की जान चली गई, डॉक्टर और इंजीनियर बनने की चाहत रखने वालों के साथ घोर अन्याय हुआ, फिर भी सरकार चुप रही। सलीम ने टिप्पणी की, "अगर आख़िरकार आपको अपनी पतलून उतारनी ही थी, तो आपने अपना तमाशा क्यों बनवाया?"
सलीम ने कहा कि लगातार चल रहे आंदोलन और चीफ़ के इस्तीफ़े ने यह साबित कर दिया है कि गलत काम करके कोई बच नहीं सकता। चाहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों, कोई मुख्यमंत्री हो या कोई भी सरकार, उन्हें इससे सबक लेना चाहिए।
सलीम ने बताया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग शुरू से ही की जा रही थी। न सिर्फ़ छात्र और युवा संगठन, बल्कि पूरे देश के लोग यह मांग उठा रहे थे। मोदी ऐसा नहीं होने देना चाहते थे। इसके बजाय, झूठ फैलाया गया और झूठ को बढ़ावा देने के लिए 'गोदी मीडिया' का इस्तेमाल किया गया। आंदोलन को दबाने के लिए ज़ोर-ज़बरदस्ती की गई; पुलिस का इस्तेमाल ज़्यादतियां करने के लिए किया गया, जिसमें पैलेट गन चलाना भी शामिल था, और झूठे केस दर्ज किए गए।
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साभार: गणशक्ति
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प्रकाशित: 26 जुलाई 2026 • 2 मिनट पठन

प्रश्न करना /
राजद्रोह /
आंदोलन करना /
देशद्रोह /
हक़ मांगना /
राष्ट्रद्रोह /
बना दिया ।
इन सबके बावजूद /
लोग डर नहीं रहे /
छोटे-छोटे बच्चे /
खिलाफत को /
उतारू हैं ।
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