थिएटर कलाकारों के एक वर्ग ने यह भी बताया है कि अकादमी में रंग बदलने और विकास रंजन भट्टाचार्य को दी गई धमकी के खिलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन की तैयारी चल रही है।
जन समाचार मंच
थिएटर कलाकारों के एक वर्ग ने यह भी बताया है कि अकादमी में रंग बदलने और विकास रंजन भट्टाचार्य को दी गई धमकी के खिलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन की तैयारी चल रही है।

कोलकाता: थियेटर कलाकारों और बुद्धिजीवियों की पहल पर कोलकाता के अकादमी ऑफ फाइन आर्ट्स का पुराना सफेद रंग वापस लाए जाने के 24 घंटे के भीतर ही एक बार फिर इमारत पर भगवा रंग पोतने का आरोप बीजेपी पर लगा है। बुधवार को बीजेपी विधायक रुद्रनील घोष के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता अकादमी परिसर पहुंचे, फिर से भगवा रंग चढ़ाया और 'जयश्री राम' के नारे लगाए। इसके साथ ही विधायक ने थिएटर कलाकारों को राजनीतिक चेतावनी भी दी। उनका कहना था, "अकादमी में राजनीति नहीं चलेगी, यहां लाल झंडा नहीं फहराया जायेगा।"
सांस्कृतिक विरासत की अकादमी ऑफ फाइन आर्ट्स की इमारत का रंग लम्बे समय से सफेद था। आरोप है कि राज्य में नई सरकार के सत्ता में आने के बाद टिकट काउंटर के पास वाले एक कमरे का रंग भगवा कर दिया गया था। इसके विरोध में प्रमुख थिएटर कलाकारों ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य को पत्र लिखकर रंग बदलने का विरोध जताया था। उनसे मुलाकात करके भी इस पर आपत्ति दर्ज कराई थी। उस समय शमिक भट्टाचार्य ने दावा किया था कि रंग बदलने की घटना में बीजेपी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं है। लेकिन एक महीने के इंतजार के बाद भी पुराना रंग वापस न लाए जाने पर मंगलवार को थिएटर कलाकारों, चित्रकारों, वकीलों सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों के लोग अकादमी के सामने विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। अपनी पहल पर भगवा रंग मिटाकर दोबारा सफेद रंग किया गया। इस कार्यक्रम में शामिल होकर वरिष्ठ वकील विकाश रंजन भट्टाचार्य ने कहा था कि किसी भी ऐतिहासिक विरासत की इमारत का रंग बदलना कानूनन सही नहीं है।
उसके अगले ही दिन रुद्रनील घोष बीजेपी कार्यकर्ताओं को लेकर फिर से अकादमी परिसर पहुंचे। पहले उन्होंने कॉन्फ्रेंस रूम में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। आरोप है कि बाद में इमारत के सफेद हिस्से पर फिर से भगवा रंग लगा दिया गया। रुद्रनील ने दावा किया कि अतीत में भी अकादमी का रंग भगवा ही था। साथ ही उन्होंने यह टिप्पणी भी की कि वहाँ "कोई राजनीति" नहीं करने दी जाएगी और "लाल झंडा नहीं फहराने दिया जाएगा।"
विधायक पर वकील विकास रंजन भट्टाचार्य को धमकी देने का भी आरोप लगा है। रुद्रनील ने कहा, "यह देखा जाएगा कि विकास बाबू कोर्ट रूम के किस कमरे में नाटक का अभ्यास करते हैं।" उनकी इस टिप्पणी का थिएटर कलाकारों और बुद्धिजीवियों ने कड़ा विरोध किया है। आरोप है कि इस दिन भी अकादमी प्रशासन की अनुमति के बिना बीजेपी कार्यकर्ताओं को लेकर बैठक की गई और इमारत का रंग बदला गया। अकादमी प्रशासन ने दावा किया है कि उन्होंने खुद ऐसा कोई फैसला नहीं लिया था। थिएटर कलाकारों का सवाल है कि एक स्वतंत्र सांस्कृतिक संस्थान में प्रशासन की अनुमति के बिना किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता अंदर घुसकर बैठक कैसे कर सकते हैं और इमारत का रंग कैसे बदल सकते हैं? उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
थिएटर कलाकारों और बुद्धिजीवियों के एक वर्ग का यह भी आरोप है कि अकादमी को भगवा रंग में रंगने की घटना पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने पहले भले ही जिम्मेदारी से इन्कार किया था, लेकिन बुधवार की घटना के बाद उनके उस दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि पार्टी विधायक के नेतृत्व में खुलेआम वही घटना दोबारा घटने से पिछले इन्कार की विश्वसनीयता पर संदेह पैदा हो गया है। नाटककार सीमा मुखर्जी ने बताया कि गुरुवार को थिएटर कलाकार चर्चा के लिए बैठेंगे और आगे के कार्यक्रम तय करेंगे। थिएटर कलाकारों के एक वर्ग ने यह भी बताया है कि अकादमी में रंग बदलने और विकास रंजन भट्टाचार्य को दी गई धमकी के खिलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन की तैयारी चल रही है।
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साभार:बांग्ला दैनिक गणशक्ति। | 13 अगस्त,2026
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प्रकाशित: 13 अगस्त 2026 • 4 मिनट पठन

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