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शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं! :हूबनाथ

राजीव कुमार पाण्डेय•05 सितंबर 20262 मिनट पठन25 बार पढ़ा गया

मेहनत

ईमानदारी 

और स्वामिभक्ति से

ख़ुद को बेचने के लिए 

सदैव तत्पर!

लालायित!!

आप चाहें 

तो इसे 

शिक्षक दिवस की

शुभकामनाएं दे सकते हैं

शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं! :हूबनाथ

अमृतकाल का

सबसे बड़ा चमत्कार 

जिसका अपना भविष्य 

बिल्कुल सुरक्षित नहीं 

न पेंशन

न सुरक्षा 

न इज़्ज़त 

बेहया राजनीति की

गुलामी

या भारी-भरकम रिश्वत 

के बगैर

न स्थाई नौकरी

उसी के थके 

और टूटे कंधों पर

विकसित भारत के

स्वर्णिम और उज्ज्वल

भविष्य का

सारा दारोमदार 

उसने भी 

बदन पर जमे

कूड़ा-करकट 

चीकट गंदगी की तरह

अध्ययन 

अध्यवसाय

और चिंतन को

(ज्ञान से दूर का 

रिश्ता भी नहीं)

झटक कर फेंक दिया है

यह अमृतकाल के

अमृतोगमयम् शिक्षक का

नया अवतार है

इससे आप

अध्यापन के सिवा

कुछ भी करा लीजिए 

एसआइआर 

जनगणना 

चुनाव 

सर्वेक्षण 

बेरोज़गारी के बाज़ार में

पांच हज़ार रुपए महीने की 

निम्नतम दर से उपलब्ध 

इस ग़ुलाम को

कभी भी 

कहीं भी

ख़रीदा जा सकता है

यह पूरी निष्ठा 

(बकौल धूमिल 

जिसका तुक 

विष्ठा से मिलता है)

मेहनत

ईमानदारी 

और स्वामिभक्ति से

ख़ुद को बेचने के लिए 

सदैव तत्पर!

लालायित!!

आप चाहें 

तो इसे 

शिक्षक दिवस की

शुभकामनाएं दे सकते हैं

आप देखना!

एक दिन यही

भारत को विश्वगुरु 

बनाकर मानेगा!!

- हूबनाथ

सूचना : इसमें स्वनामधन्य पर्मानेंट एडेड शिक्षकों का समावेश नहीं है।

उन्हें फ़िलहाल शुभकामना की नहीं अगले इन्क्रीमेंट/प्रमोशन की आवश्यकता है।

लगभग 20 पुस्तकों के अनुवाद एवं संपादन का काम कर चुके लेखक हूबनाथ 'बाजा', 'हमारी बेटी' और 'अंतर्ध्वनि' फिल्मों में संवाद लेखन कर चुके है। आपकी 'कौए', 'लोअर परेल', 'अकाल' व 'मिट्टी' नाम से काव्य संग्रह सहित 'ललित निबंध', 'सिनेमा समाज साहित्य' समेत अनेक किताबें प्रकाशित है। आप मुंबई में रहते है।]

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शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं! :हूबनाथ

अपलोडर: VKA-N9LYCE • प्रकाशित: 05 सितंबर 2026 • 2 मिनट पठन

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आंदोलन करना /

देशद्रोह /

हक़ मांगना /

राष्ट्रद्रोह /

बना दिया ।

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लोग डर नहीं रहे /

छोटे-छोटे बच्चे /

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उतारू हैं ।

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नतमस्तक हैं ।

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