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अपने अधिकार को हासिल करने और एकता की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखेंगे वामपंथी

राजीव कुमार पाण्डेय•07 सितंबर 20264 मिनट पठन16 बार पढ़ा गया

भाजपा देशभक्ति की बातें कर रही है। देश के स्वतंत्रता संग्राम में उनका कोई योगदान नहीं था। भारत का स्वतंत्रता संग्राम, लूट के राज के खिलाफ था, जिसमें कम्युनिस्टों की गौरवशाली भूमिका थी। हावड़ा जिले के कम्युनिस्ट नेता कॉमरेड जीवन माइति इसका उदाहरण हैं।

अपने अधिकार को हासिल करने और एकता की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखेंगे वामपंथी

"हम लूट के राज के खिलाफ सड़कों पर थे। लोगों के अधिकारों और एकता के लिए भी हम सड़कों पर हैं। वामपंथी सड़कों पर उतरकर लोगों के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई जारी रखेंगे।" रविवार शाम को डोमजूड़ थाने के सामने सीपीआई(एम) के आह्वान पर आयोजित एक जनसभा में सीपीआई(एम) नेता मीनाक्षी मुखर्जी ने यह बात कही।

 

सीपीआई(एम) डोमजूड़ पश्चिम आंचलिक कमेटी के आह्वान पर रविवार को डोमजूड़ थाने के सामने इस जनसभा को मीनाक्षी मुखर्जी, पार्टी राज्य कमेटी के सदस्य परेश पाल, इब्राहिम अली और पार्टी नेता मोहंत चटर्जी आदि ने संबोधित किया। सभा का संचालन पार्टी नेता अनिर्बान बसु ने किया।

 

मीनाक्षी मुखर्जी ने कहा, "भाजपा देशभक्ति की बातें कर रही है। देश के स्वतंत्रता संग्राम में उनका कोई योगदान नहीं था। भारत का स्वतंत्रता संग्राम, लूट के राज के खिलाफ था, जिसमें कम्युनिस्टों की गौरवशाली भूमिका थी। हावड़ा जिले के कम्युनिस्ट नेता कॉमरेड जीवन माइति इसका उदाहरण हैं। उसी परंपरा में हमें मोहल्लों और बस्तियों में बहुत काम करना है। अन्नपूर्णा योजना पाने का अधिकार किसका है? एक महीने के भीतर सरकारी कार्यालयों में भर्तियां क्यों नहीं हुईं? जब हम यह बात कहते हैं तो वे हम पर हमला करते हैं। जब हम कहते हैं कि टोटो चालकों से जबरन वसूली बंद होनी चाहिए, डोमजूड़ में ट्रैफिक जाम के खिलाफ, नगर पालिका, अस्पतालों में अस्थायी कर्मचारियों की मजदूरी बढ़ाने और उन्हें स्थायी करने की बात कहते हैं, तो हमला किया जाता है। अगर सरकार राशन के जरिए चावल, आलू बेचे तो बाजार में दाम कम हो जाएंगे। जायज बात कहने पर हम पर हमला होगा, इस गुंडागर्दी का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरकर आन्दोलन करना होगा।"

 

एसआईआर के बारे में मीनाक्षी मुखर्जी ने कहा, "आगामी 25 सितंबर को चुनाव आयोग के राज्य कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन में आना होगा। चुनाव जीतकर अब भाजपा कह रही है कि पांच साल तक कोई कुछ नहीं बोल पाएगा। लूट की राजनीति के खिलाफ, लोगों के अधिकारों की मांग के लिए सभा में आना होगा। धैर्य रखें, हाथ से हाथ मिलाकर आगे बढ़ना होगा। सड़कों पर मुलाकात होगी।"

 

परेश पाल ने कहा, "पंद्रह सालों में तृणमूल कांग्रेस के हमलों में पार्टी कार्यकर्ता लहूलुहान हुए, बेघर हुए, फिर भी उन्होंने लाल झंडा नहीं छोड़ा। कुछ दिन पहले इस राज्य के मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि तृणमूल कांग्रेस अब सिर नहीं उठा पाएगी और सीपीआई(एम) भी सिर न उठा पाए। डोमजूड़ की सभा साबित करती है कि लाल झंडे को खत्म नहीं किया जा सकता। इस राज्य में किसानों को उत्पादन लागत से भी कम फसल की कीमत मिल रही है। आलू किसान उचित मूल्य न मिलने पर आत्महत्या क्यों कर रहे हैं? ज़ी टीवी के मालिक का कर्ज माफ हो जाता है, लेकिन किसान का कर्ज माफ क्यों नहीं होता? भाजपा की नीति कॉरपोरेट के स्वार्थ में है।"

 

इब्राहिम अली ने कहा, "तृणमूल कांग्रेस के कुशासन को हटाकर इस राज्य में भाजपा सरकार चला रही है। चीजों के दाम बढ़ते जा रहे हैं। लोकतंत्र की बहाली की बात करने के बावजूद अभी भी शिक्षण संस्थानों में चुनाव नहीं हो रहे हैं। यह एक 'नकल तृणमूल' बन चुकी है। नेता प्रतिपक्ष सरकार की तारीफ कर रहे हैं। केवल वामपंथी ही अन्याय का विरोध कर रहे हैं।"

 

मोहंत चटर्जी ने कहा, "वाममोर्चा सरकार के कार्यकाल में वाममोर्चा संचालित हावड़ा जिला परिषद ने डोमजूड़, बाली, जगाछा, अंदुल, बागनान को नगर पालिका का दर्जा देने का प्रस्ताव दिया था। वाममोर्चा सरकार ने उस मांग को मान्यता देने की प्रक्रिया चलाई थी। तृणमूल कांग्रेस सरकार ने उसे दर्जा नहीं दिया। वर्तमान भाजपा सरकार ने भी डोमजूड़ जैसी नगर पालिका की मांग को मान्यता नहीं दी है।"

 

आज की सभा में 'गणशक्ति कोष' के लिए जयप्रकाश चक्रवर्ती ने दो हजार रुपये का चेक मीनाक्षी मुखर्जी के हाथों में सौंपा।

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साभार:- गणशक्ति

 

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अपने अधिकार को हासिल करने और एकता की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखेंगे वामपंथी

अपलोडर: VKA-N9LYCE • प्रकाशित: 07 सितंबर 2026 • 4 मिनट पठन

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