अधिकारों की जंग, मजदूरों का यलगार - काम दो, दाम दो, सुनो जनता की पुकार! उत्तर प्रदेश खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन ने 11 से 17 सितंबर तक प्रदेशभर के विकासखंड कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस प्रदेशव्यापी अभियान के दौरान 12 सितंबर को कई जिलों में मजदूर वर्ग के महान नेता एवं सीपीआई(एम) के पूर्व महासचिव कामरेड सीताराम येचुरी को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यूनियन ने मनरेगा बहाली, 200 दिन रोजगार, 700 रुपये दिहाड़ी, बकाया भुगतान, मुफ्त बिजली-राशन और पेंशन बढ़ाने की मांग की। इसके अलावा भूमिहीनों को जमीन-आवास, बंद स्कूल खोलने, मुफ्त शिक्षा-स्वास्थ्य और जन-अधिकारों की रक्षा का मुद्दा उठाया। देवरिया, जौनपुर, मुरादाबाद, बलिया समेत कई जिलों में यह आंदोलन व्यापक रूप से चलाया गया। अभियान के दौरान मजदूरों के अधिकारों के संघर्ष को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया।
सीपीआई(एम) के पूर्व महासचिव कामरेड सीताराम येचुरी को याद करते हुए दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
मनरेगा बहाली और रोज़गार की मांग को लेकर प्रदेशभर में खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन का जोरदार प्रदर्शन

विकासखंड कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन
लखनऊ, उत्तरप्रदेश। मनरेगा को पूरी तरह बहाल करने और ग्रामीण मजदूरों को रोज़गार की गारंटी देने सहित कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर 'उत्तर प्रदेश खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन' ने 11 से 17 सितंबर तक पूरे प्रदेश में एक व्यापक अभियान चलाया। इस अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में विकासखंड (ब्लॉक) कार्यालयों पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किए गए और खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए।

'200 दिन रोज़गार' और '700 रुपये दिहाड़ी' की मांग
यूनियन ने ग्रामीण मजदूरों की आजीविका से जुड़ी मांगों को प्रमुखता से उठाया। ज्ञापन में मांग की गई कि ग्रामीण मजदूरों को साल में कम से कम 200 दिन का रोज़गार दिया जाए और न्यूनतम मजदूरी 700 रुपये प्रतिदिन घोषित की जाए। साथ ही, मजदूरी का साप्ताहिक भुगतान सुनिश्चित करने, बकाया मजदूरी का तुरंत भुगतान करने और 'जी ग्राम जी' व्यवस्था को वापस लेने की मांग की गई।
'आवास', 'भूमि' और 'पेंशन' में बढ़ोतरी की मांग
यूनियन ने भूमिहीन परिवारों को आवास और खेती के लिए जमीन आवंटित करने तथा सभी गरीबों को पक्के मकान देने का मुद्दा उठाया। इसके अलावा, वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन को बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई। दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा देते हुए मांग की गई कि किसी भूमिहीन ग्रामीण मजदूर की मौत पर 25 लाख रुपये और घायल होने पर 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।

'राशन', 'मुफ्त बिजली' और 'स्मार्ट मीटर पर रोक'
खाद्य सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर बल देते हुए राशन कार्ड धारकों को प्रति यूनिट 10 किलोग्राम खाद्यान्न के साथ-साथ चीनी, दाल, साबुन, नमक और तेल मुफ्त उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। साथ ही, राशन कार्ड या यूनिट काटने पर रोक लगाने की मांग की गई। बिजली व्यवस्था को लेकर ग्रामीण गरीबों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने, बिजली के निजीकरण को रोकने और स्मार्ट मीटर लगाने पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई।
'मुफ्त शिक्षा, इलाज' और 'लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा'
शिक्षा और स्वास्थ्य के अधिकार पर जोर देते हुए समायोजन के नाम पर बंद किए गए प्राथमिक विद्यालयों को दोबारा खोलने और शिक्षकों की तत्काल भर्ती शुरू करने की मांग की गई। ग्रामीण मजदूरों के लिए मुफ्त इलाज तथा स्नातक तक मुफ्त शिक्षा की गारंटी की मांग की गई। इसके अलावा, दलितों, महिलाओं व कमजोर वर्गों पर बढ़ते अपराधों को रोकने, सांप्रदायिक बयानबाज़ी और अल्पसंख्यकों पर हमलों पर लगाम लगाने तथा संविधान के दायरे में लोकतंत्र और जन-अधिकारों की रक्षा करने का आह्वान किया गया।

प्रदेश के तमाम जिलों में गूंजी मजदूरों की आवाज
अभियान के तहत राज्यभर के जिलों में ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन हुए:
देवरिया: प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार के नेतृत्व में सलेमपुर, भागलपुर और बरहज विकासखंडों पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया।
जौनपुर व आजमगढ़: जौनपुर के सुजानगंज, मछलीशहर, महाराजगंज और आजमगढ़ के मेहनगर व कोइलसा विकासखंडों में ज्ञापन दिए गए।
मुरादाबाद व बलिया: मुरादाबाद के भगतपुर टांडा, मूंढापांडे व डिलारी में कार्यक्रम हुए, जबकि बलिया के दुबहर में धरना-प्रदर्शन किया गया।
गाजीपुर व कासगंज: गाजीपुर के जखनियां में जुलूस निकालकर प्रदर्शन हुआ और कासगंज के सोरों में कार्यकर्ताओं ने धरना दिया।
बरेली, सोनभद्र, मिर्जापुर व मुजफ्फरनगर: बरेली के नवाबगंज व भदपुरा, सोनभद्र में जिला स्तर पर, मिर्जापुर के राजगढ़ और मुजफ्फरनगर के जानसठ विकासखंड में प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा।
कामरेड सीताराम येचुरी को श्रद्धांजलि और संघर्ष जारी रखने का संकल्प
इस प्रदेशव्यापी अभियान के दौरान 12 सितंबर को कई जिलों में मजदूर वर्ग के महान नेता एवं सीपीआई(एम) के पूर्व महासचिव कामरेड सीताराम येचुरी को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मजदूरों के अधिकारों की बुलंद आवाज़, कामरेड येचुरी को लाल सलाम — आपके विचार और संघर्ष रहेंगे सदा हमारे साथ!
यूनियन के महासचिव बी.एल. भारती ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण मजदूरों के रोज़गार, उचित मजदूरी, आवास, राशन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे बुनियादी सवालों पर यह संघर्ष आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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