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'56 इंच' कुछ नहीं करेगा, चोरों को जनता को ही खदेड़ना होगा: मोहम्मद सलीम

डॉ. अशोक सिंह•11 अप्रैल 20263 मिनट पठन13 बार पढ़ा गया
इस राज्य में तृणमूल कांग्रेस का हाथ पकड़कर ही भाजपा आई है।
'56 इंच' कुछ नहीं करेगा, चोरों को जनता को ही खदेड़ना होगा: मोहम्मद सलीम
नवान्न (सचिवालय) से चोरों को हटाने की लड़ाई में कोई '56 इंच' काम नहीं आएगा। इस राज्य के छात्र, युवा, महिलाओं से लेकर विभिन्न क्षेत्रों के मेहनतकश लोगों को ही यह भूमिका निभानी होगी। जगह-जगह लोग इसी तैयारी के साथ सड़कों पर उतरे हैं। सांप्रदायिक उग्र विभाजन की गंदी राजनीति को हटाकर लोग वामपंथी विकल्प की ओर झुक रहे हैं। इसलिए वामपंथियों को लोगों के बीच कैसे अप्रासंगिक बनाया जाए, तृणमूल कांग्रेस और भाजपा विभिन्न साजिशों के माध्यम से यही कोशिश कर रही हैं। लेकिन बंगाल की जागरूक जनता अब उस भ्रम के जाल में नहीं फंसना चाहती है। शुक्रवार रात काशीपुर-बेलगाछिया विधानसभा केंद्र से वाममोर्चा मनोनीत सी पी आई (एम)के उम्मीदवार वकील राजेंद्र गुप्ता के समर्थन में 'सेवन टैंक्स 50 फुट रोड' पर आयोजित एक जनसभा में पार्टी के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने यह बातें कहीं। 'लाल हटाओ' के बाद राज्य की दुर्दशा: सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस राज्य में तृणमूल कांग्रेस का हाथ पकड़कर ही भाजपा आई है। पश्चिम बंगाल में वामपंथियों ने धर्मनिरपेक्षता की जो मिसाल कायम की थी और लोगों के बीच एकता व भाईचारे का जो माहौल बनाया था, उस बंधन को केवल धर्म आधारित राजनीति से नहीं तोड़ा जा सकता। भाजपा-आरएसएस ने यह समझकर ही ममता बनर्जी को अपनी 'दुर्गा' बनाया था। आरएसएस की योजना के अनुसार माओवादी, कॉर्पोरेट फंड और अंतरराष्ट्रीय साम्राज्यवादी ताकतें एकजुट होकर इस उद्देश्य को सफल बनाने में जुटी थीं। उन्होंने 'लाल हटाओ' का नारा दिया था। लाल हट गया, लेकिन उसके बदले आज राज्य में जो दुर्दशा व्याप्त है, उसे लोग अपने अनुभव से समझ रहे हैं। इस देश और राज्य को बचाने के लिए वामपंथ का पुनरुद्धार जरूरी है। जनता यह समझ रही है, इसीलिए वे फिर से लाल झंडे को थाम रहे हैं। आरजी कर कांड और जन आक्रोश: मोहम्मद सलीम ने कहा कि उन्होंने सोचा था कि वे डर और आतंक के जरिए लोगों का मुंह बंद कर देंगे, लेकिन जनता ने अब बोलना शुरू कर दिया है। लोगों का डर टूट रहा है और इसके संकेत हर तरफ स्पष्ट हैं। आरजी कर की 'अभया' घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस घटना के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन केवल अभया के लिए न्याय की मांग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह लोकतंत्र, मानवाधिकारों और सुरक्षा के निरंतर हो रहे हनन के खिलाफ भी हैं। मोहम्मद सलीम ने देश और राज्य को बचाने के लिए लाल झंडे की लड़ाई को मजबूत करने और वामपंथी विकल्प स्थापित करने के लिए लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया। अन्य वक्ताओं के विचार: इस अवसर पर सीपीआई (एम)की केंद्रीय कमेटी की सदस्य कनीनिका घोष ने महिलाओं की सुरक्षा, समान अधिकार और सभी वर्गों के लोगों की आजीविका के हित में वाममोर्चा उम्मीदवार को विजयी बनाने की अपील की। गौरतलब है कि आरजी कर अस्पताल इसी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। वाममोर्चा सरकार के समय इस ऐतिहासिक अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के लिए जो चिकित्सा सुविधाएं थीं, वे तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में गायब हो गई हैं। यह प्रसिद्ध अस्पताल वर्तमान में दलालों और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है; हाल ही में एक डॉक्टर-छात्रा के साथ हुए बलात्कार और हत्या के कारण यह सुर्खियों में है। वाममोर्चा के उम्मीदवार राजेंद्र गुप्ता ने अस्पताल के बुनियादी ढांचे में सुधार और बेहतर चिकित्सा सेवा का आश्वासन दिया। सभा को प्रतीप दासगुप्ता सहित अन्य नेताओं ने भी जनसभा को संबोधित किया। (फोटो:- काशीपुर बेलगछिया विधानसभा केंद्र के उम्मीदवार राजेन्द्र गुप्ता के साथ मोहम्मद सलीम, कनीनिका घोष,प्रतीप दासगुप्ता।) साभार:- गणशक्ति

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'56 इंच' कुछ नहीं करेगा, चोरों को जनता को ही खदेड़ना होगा: मोहम्मद सलीम

प्रकाशित: 11 अप्रैल 2026 • 3 मिनट पठन

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