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गारंटी और भरोसे के नाम पर मोदी-शाह कर रहे हैं झूठ की राजनीति: मोहम्मद सलीम

डॉ. अशोक सिंह•11 अप्रैल 20264 मिनट पठन28 बार पढ़ा गया
जहाँ वामपंथी जनता के जीवन और आजीविका के मुद्दों को लेकर चुनाव प्रचार के चरम पर हैं, वहीं भाजपा इस अवसर का लाभ उठाकर सत्ता में घुसने के लिए झूठी गारंटी और वादों का जाल बिछा रही है।
गारंटी और भरोसे के नाम पर मोदी-शाह कर रहे हैं झूठ की राजनीति: मोहम्मद सलीम
सी पी आई (एम)पश्चिम बंगाल के सचिव के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने आरोप लगाया है कि मंदिर-मस्जिद के नाम पर विभाजन या घुसपैठियों का डर दिखाकर भी बंगाल की धरती पर भाजपा को कोई समर्थन नहीं मिल रहा है। इसी हताशा में नरेंद्र मोदी और अमित शाह अब वोट पाने के लिए 'गारंटी' और 'भरोसे' के नाम पर झूठ का सहारा ले रहे हैं। शुक्रवार को कोलकाता में पार्टी के मुख्यालय मुजफ्फर अहमद भवन में एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने सवाल उठाया कि जहाँ वामपंथी जनता के जीवन और आजीविका के मुद्दों को लेकर चुनाव प्रचार के चरम पर हैं, वहीं भाजपा इस अवसर का लाभ उठाकर सत्ता में घुसने के लिए झूठी गारंटी और वादों का जाल बिछा रही है। भाजपा और तृणमूल (TMC) दोनों के चुनावी वादों को चुनौती देते हुए सलीम ने कहा, "दोनों पार्टियाँ दो अलग-अलग सरकारों में बैठी हैं। वे पहले यह बताएं कि सत्ता में रहकर उन्होंने क्या किया है? वे पिछले चुनाव के वादों का जवाब नहीं दे पाएंगे, यहाँ तक कि उन्हें ढूँढ भी नहीं पाएंगे। अब जब लोगों का भरोसा उठ गया है, तो वे फिर से झूठा भरोसा बांट रहे हैं।" 6 गारंटी नहीं, 'आधा दर्जन झूठ': प्रधानमंत्री द्वारा प्रचारित 6 गारंटियों को सलीम ने 'आधा दर्जन झूठ' करार दिया। उन्होंने कहा, "मोदी कानून-व्यवस्था की गारंटी दे रहे हैं? उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में कानून-व्यवस्था का हाल हर दिन दिख रहा है। NCRB की रिपोर्ट में भाजपा शासित राज्य अपराध में शीर्ष पर हैं। यूपी में 'बुलडोजर राज' चल रहा है, जबकि असम और त्रिपुरा में भाजपा का असली क्रूर चेहरा सामने आया है।" उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने नौकरशाही की संवैधानिक प्रतिबद्धता को तोड़कर उन्हें 'दलदास' (पार्टी का गुलाम) बना दिया है और ममता बनर्जी ने उन्हीं से सीखकर बंगाल में दमयंती सेन जैसे कुशल पुलिस अधिकारियों का दंडात्मक तबादला किया है। केरल का उदाहरण: सलीम ने केरल के 'एलडीएफ' (LDF) सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सांप्रदायिक सद्भाव के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और लोकतांत्रिक अधिकारों को सुनिश्चित किया गया है। केरल में पुलिस व्यवस्था का आधुनिकीकरण कर वैज्ञानिक क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम लागू किया गया है। वहां हर साल प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाती है और आय से अधिक संपत्ति होने पर अधिकारियों को सजा मिलती है। भ्रष्टाचार पर वार या दिखावा?: भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदी के वादे पर सलीम ने कटाक्ष किया, "वे सिर्फ बातें कर रहे हैं, जबकि सीबीआई और ईडी की जांच ऐसी है कि तृणमूल के भ्रष्ट अपराधी एक-एक कर छूट रहे हैं। सुदीप्त सेन भी रिहा हो रहे हैं, लेकिन 'अभया' को न्याय नहीं मिला। दागी नेताओं को भाजपा में लाने के लिए मुकदमों का हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।" इसके विपरीत, उन्होंने बताया कि केरल में केवल 2025 में ही 201 भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों में 76 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उद्योग और वेतन आयोग: अमित शाह द्वारा सिंगूर में 'इंडस्ट्रियल पार्क' का भरोसा दिए जाने पर सलीम ने याद दिलाया कि सिंगूर से उद्योगों को भगाकर गुजरात भेजने में भाजपा, तृणमूल की सहभागी थी। सातवें वेतन आयोग पर उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में कर्मचारियों का बकाया अभी भी लंबित है, जबकि केरल में 2019 में ही 11वें आयोग की सिफारिशें लागू कर दी गई थीं। विभाजनकारी राजनीति का विरोध: 'लव जिहाद', गौ-तस्करी और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे मुद्दों पर सलीम ने कहा कि 'लव' और 'जिहाद' दो शब्द एक साथ नहीं हो सकते। उन्होंने सवाल किया, "क्या वे काजी नजरुल इस्लाम के विवाह को लव जिहाद कहेंगे? केंद्र की मिलीभगत के बिना सीमा पर गौ-तस्करी कैसे संभव है?" उन्होंने अंत में कहा कि वामपंथी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पेंशन जैसे सार्वभौमिक अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं, जो धर्म से परे हर इंसान का अधिकार है। भाजपा और तृणमूल दोनों ही 'लाल झंडे' (वामपंथ) की लड़ाई से डरी हुई हैं और यही आज के चुनाव की वास्तविकता है।

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गारंटी और भरोसे के नाम पर मोदी-शाह कर रहे हैं झूठ की राजनीति: मोहम्मद सलीम

प्रकाशित: 11 अप्रैल 2026 • 4 मिनट पठन

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