वाम की आवाज़ (Vaam Ki Aawaz)
अगर थक गए हो चुप रहकर सहने से, रगों में खून उबल रहा है अन्याय के खिलाफ,न्याय, समानता और प्रगति में हैं विश्वास तो — उठो ! बोलो ! बदलो !
मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 | Tuesday, 13 October 2026
|
संपर्क: vaamkiaawaz@gmail.comसदस्यता में
वाम की आवाज़ लोगो
वाम की आवाज़ (Vaam Ki Aawaz)
अगर थक गए हो चुप रहकर सहने से, रगों में खून उबल रहा है अन्याय के खिलाफ,न्याय, समानता और प्रगति में हैं विश्वास तो — उठो ! बोलो ! बदलो !
लाइव कवरेज
होमताज़ा खबरेंजनसंघर्ष

वाम की आवाज़

जन समाचार मंच

जनसंघर्ष

खाली पड़े सरकारी पदों पर भर्ती की मांग को लेकर 9 जून को बंगाल में नौजवानों का आंदोलन

राजीव कुमार पाण्डेय•27 मई 20263 मिनट पठन36 बार पढ़ा गया

भारतीय रेलवे के विभिन्न कार्यालयों में वर्तमान में लगभग तीन लाख पद खाली पड़े हैं। 15 से 29 वर्ष की आयु वर्ग में बेरोजगारी दर लगभग 9.2 प्रतिशत है, जिसमें शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर लगभग 13.3 प्रतिशत है।

खाली पड़े सरकारी पदों पर भर्ती की मांग को लेकर 9 जून को बंगाल में नौजवानों का आंदोलन

26 मई - राज्य और केंद्र सरकारों को सरकारी विभागों में लाखों रिक्त पदों को भरने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। गिग मजदूरों की संख्या हर साल बढ़ रही है, रोजगार में कोई सुरक्षा नहीं है। डीवाईएफआई 9 जून को विभिन्न विभागों के मुख्य जिला अधिकारियों और जिलों में रेलवे कार्यालयों को मांग पत्र सौंपेगी, जिसमें राज्य में पारदर्शी एसएससी भर्ती, बंद कारखानों को खोलने, अस्थायी संविदा श्रमिकों की स्थायी भर्ती और रेलवे के विभिन्न विभागों में स्थायी कर्मचारियों की भर्ती मुख्य मुद्दे रहेंगे। इसके साथ ही, डीवाईएफआई नेताओं ने राज्य के सभी बेरोजगार युवाओं से स्थायी रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है। राज्य अध्यक्ष अयनांशु सरकार और राज्य सचिव ध्रुबज्योति साहा सहित राज्य के नेताओं ने मंगलवार को डीवाईएफआई के राज्य कार्यालय दिनेश मजूमदार भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी के लिए काम और सभी के लिए शिक्षा की मांग करते हुए 9 जून के इस कार्यक्रम की घोषणा की।


सरकारी अनुमानों के अनुसार, भारतीय रेलवे के विभिन्न कार्यालयों में वर्तमान में लगभग तीन लाख पद खाली पड़े हैं। ध्रुबज्योति साहा के अनुसार, 15 से 29 वर्ष की आयु वर्ग में बेरोजगारी दर लगभग 9.2 प्रतिशत है, जिसमें शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर लगभग 13.3 प्रतिशत है। रेलवे विभाग में अस्थायी संविदा कर्मचारियों की भर्ती के संबंध में उन्होंने कहा, "रेलवे के संविदा कर्मचारी चौबीसों घंटे, चौबीसों घंटे काम करते हैं और उन्हें न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिलती।" वाम मोर्चा सरकार के दौरान हमारे राज्य में सॉल्ट लेक में आईटी हब सेक्टर 5 का निर्माण हुआ था, यह राज्य का आखिरी सफल आईटी हब बना, लेकिन उसके बाद एक भी सेक्टर 6 नहीं बन पाया। शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति नहीं हुई है, किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और उर्वरकों के कालाबाजारी जारी है। युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए कोई नीति-निर्देश नहीं है।

इस बीच, राज्य में रेलवे विक्रेताओं को हटाने और रेलवे के बुनियादी ढांचे के निजीकरण के मुद्दे को एकसाथ रखते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जानती है कि अगर विक्रेता नहीं होंगे तो अलग-अलग कॉर्पोरेट ब्रांड की खाने-पीने की दुकानों को बढ़ने का अवसर मिलेगा। लोगों को अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी और जो लोग इसे वहन नहीं कर सकते वे भूखे रह जाएंगे। इसके साथ ही, सरकारी रेलवे कर्मचारियों के स्थायी पद भी नहीं भरे जाएंगे। इसलिए, भाजपा सरकार के लिए पूरी रेलवे प्रणाली को कॉरपोरेट्स को सौंपना आसान हो जाएगा। उन्होंने आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय श्रम मंत्रालय से वार्षिक रोजगार सर्वेक्षण प्रकाशित करने और देश में सरकारी भर्तियों की वास्तविक तस्वीर जनता के सामने लाने की मांग की।

इस अवसर पर अयनांशु सरकार ने बताया कि 1 जून को डीवाईएफ के संस्थापक अध्यक्ष दिनेश मजूमदार के जन्मदिन के अवसर पर हावड़ा जिले के मल्लिक फाटक स्थित रॉय भवन में 'विभाजन की राजनीति और वर्तमान समाज' शीर्षक से एक स्मृति व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। युवाशक्ति पत्रिका के पूर्व संपादक अर्नब भट्टाचार्य मुख्य वक्ता होंगे। उन्होंने कहा कि बंगाल में रवींद्र-नजरुल-सुकांत की संस्कृति खतरे में है। रवींद्रनाथ के गीत गाने वालों को देशद्रोही करार दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में, डीवाईएफआई ने रवींद्रनाथ, नजरुल इस्लाम और सुकांत भट्टाचार्य के योगदान से संचित बंगाल की सद्भाव संस्कृति की रक्षा के लिए कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। बंगाल में कॉरपोरेट शक्तियों को प्राकृतिक संसाधनों की बिक्री के अलावा, डीवाईएफआई 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है।

साभार:- गणशक्ति

क्या यह लेख उपयोगी था?

टिप्पणियाँ

0

अपनी राय साझा करें

टिप्पणियाँ लोड हो रही हैं...

खाली पड़े सरकारी पदों पर भर्ती की मांग को लेकर 9 जून को बंगाल में नौजवानों का आंदोलन

प्रकाशित: 27 मई 2026 • 3 मिनट पठन

वाम की आवाज़|जन समाचार मंच
विज्ञापन

शेयर करें

सबसे ज्यादा पढ़ी गईं

1

‘अपने घेरे से बाहर: विचारों की रचनात्मक दुनिया के साथ’ - मोहम्मद सलीम

361 क्लिक

2

'लेफ्ट फॉर फ्यूचर' - बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों का एक आधुनिक मॉडल - केशव भट्टड़

358 क्लिक

3

'उत्तम कुमार': एक नक्षत्र का अस्त हो जाना ~ 'सत्यजीत राय'

338 क्लिक

4

दानवीय नियम लाकर कर्मचारियों के अधिकार छीन रही राज्य सरकार

333 क्लिक

5

नीट पेपर लीक कांड : केंद्र सरकार की गंभीरता पर '?' है। - केशव भट्टड़

330 क्लिक

विज्ञापन

संसाधन

शहीद ए आजम भगत सिंह के विचार - संकलनकर्ता श्रेया जायसवाल (PDF)

'तुम्हारी क्षय' - राहुल सांकृत्यायन (PDF)

वियतनाम: संघर्ष की एक ओजस्वी प्रेरणा - बुद्धदेव भट्टाचार्य (Link)

वियतनाम: संघर्ष की एक ओजस्वी प्रेरणा - बुद्धदेव भट्टाचार्य (PDF)

सीपीआई (एम) पश्चिम बंगाल की वेब साइट (बांग्ला) (Link)

भाजपा क्यों है जनता की दुश्मन ? (PDF)

द लेफ्ट व्यूज - द पीपल्स लेंस (अंग्रेजी) (Link)

क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल की आत्मकथा (PDF)

पुरानी फिल्मों में होता था संदेश - सीताराम येचुरी (Link)

मैं नास्तिक क्यों हूँ ? - शहीद-ए-आजम भगतसिंह (PDF)

वाममोर्चा घोषणापत्र। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव-2026 (PDF)

मार्क्सवादी पथ पत्रिका (बांग्ला) (Link)

अभियान कैलेंडर

कोई आगामी ईवेंट नहीं

जुड़े रहने के लिए

रोज़ शाम 7 बजे प्रमुख खबरें सीधे आपके ईमेल पर।

सदस्यता लें
इस लेखक से और
सभी देखें →
साहित्य-संस्कृति

प्रश्नोपनिषद - 2: हूबनाथ

प्रश्न करना /

राजद्रोह /

आंदोलन करना /

देशद्रोह /

हक़ मांगना /

राष्ट्रद्रोह /

बना दिया ।

इन सबके बावजूद /

लोग डर नहीं रहे /

छोटे-छोटे बच्चे /

खिलाफत को /

उतारू हैं ।

16 सितंबर 2026

राज्य

गड़वेता-शालबनी के 7 पार्टी दफ्तरों में बीजेपी का उपद्रव, लेनिन की मूर्ति तोड़ी गई

मंगलवार दोपहर गड़वेता के अमलागोड़ा तिराहे पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हथौड़े से लेनिन की मूर्ति तोड़ दी। उससे पहले शनिवार रात शालबनी में हमला हुआ था। शालबनी बाजार के पास सीपीआई(एम) का पुराना कार्यालय 'तुलसी भवन' है। सोमवार आधी रात को सबल और बड़े सीमेंट के खंभों से गेट तोड़कर बीजेपी कार्यकर्ता अंदर घुसे। उन्होंने टीवी, कंप्यूटर, रसोई गैस, पंखे समेत अन्य सामान लूट लिया। इसके बाद तोड़फोड़ करके आग लगा दी।

16 सितंबर 2026

साहित्य-संस्कृति

माफीनामा: हूबनाथ

हम तो /

नारी शक्ति के समक्ष /

नतमस्तक हैं ।

हम सभी /

एक स्त्री से ही तो /

जनमे हैं ।

उसी के संरक्षण में /

हमारा स्वर्णिम /

बालपन बीता है ।

12 सितंबर 2026

और पढ़ें
सभी देखें →
जनसंघर्ष

VB-GRAM G के प्रस्तावित नियमों में बेनकाब होता मज़दूर-विरोधी चरित्र: डॉ. विक्रम सिंह

VB-GRAM G को लागू करने के नियमों पर एक सरसरी नज़र डालें तो इस कानून को लेकर हमारी सारी शंकाएँ सही साबित होती है। दरअसल ये नियम VB-GRAM G की असलियत को और साफ़ करते हैं; यह मनरेगा की तरह काम का अधिकार नहीं देता, बल्कि एक ऐसी रोज़गार योजना है जिसमें सारी शक्तियाँ केंद्र के पास हैं और ग्रामीण भारत में मज़दूरों की काम की माँग के अनुसार फंड देने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं है।

राजीव कुमार पाण्डेय • 30 जून 2026

जनसंघर्ष

रानीगंज में दुस्साहस: महापंडित राहुल सांकृत्यायन की मूर्ति गायब। ✊ चलो रानीगंज!

"इंसान की मुक्ति ही धर्म है।" — राहुल सांकृत्यायन

✊ चलो रानीगंज! - हार्दिक आह्वान - पश्चिम बंगाल लोकतांत्रिक लेखक शिल्पी संघ ,जनवादी लेखक संघ (रानीगंज आंचलिक कमेटी)

रानीगंज से महापंडित राहुल सांकृत्यायन की मूर्ति गायब किए जाने के विरोध में आज (मंगलवार, 14 जुलाई 2026) पूरे पश्चिम बर्धमान जिले और राज्य के कोने-कोने से रानीगंज के "पंजाबी मोड़" की तरफ़ कूच करें! नफ़रत की राजनीति को करारा जवाब दें!

केशव कुमार भट्टड़ • 14 जुलाई 2026

जनसंघर्ष

संथाल विद्रोह: जन संघर्ष का एक स्मरणीय अध्याय - डॉ. पुलिन बिहारी बास्के

संथाल विद्रोह का मुख्य केंद्र 'दामिन-इ-कोह' था। इस शब्द का अर्थ है 'पहाड़ का आंचल' या 'पहाड़ का दुपट्टा'। पहाड़ों और जंगलों से घिरे राजमहल के आस-पास के इलाके से होकर ही मध्यकाल में आक्रमणकारियों ने बंगाल में प्रवेश किया था। उस क्षेत्र की जनजातीय आबादी कृषि कार्य में अभ्यस्त नहीं थी।

राजीव कुमार पाण्डेय • 28 जून 2026

वाम की आवाज़ लोगो
वाम की आवाज़

अगर थक गए हो चुप रहकर सहने से, रगों में खून उबल रहा है अन्याय के खिलाफ, न्याय, समानता और प्रगति में हैं विश्वास तो — उठो ! बोलो ! बदलो !

मुख्य पन्ने
जानकारी
हमारे बारे में
संपादकीय नीति
सुधार नीति
गोपनीयता नीति
संपर्क करें
आर्काइव
अभियान कैलेंडर आर्काइव
© 2026 वाम की आवाज़ — जन संघर्ष का डिजिटल पुरालेखMade for the Movement